भारी कर्जे में डूबे सुभाष चंद्रा का जी ग्रुप इस माह के अंत में हो सकता है नीलाम!

फारवर्ड प्रेस के सहयोगी प्रकाशन ‘द मार्जनाइज्ड’ को हिंदी से अंग्रेजी अनुवादकों की आवश्यकता है। अगर आप द्विभाषी (हिंदी से अंग्रेजी व अंग्रेजी से हिंदी) भी हों तो और बेहतर। हमारे पिछले विज्ञापन के प्रतिउत्‍तर में ‘अंग्रेजी से हिंदी’ अनुवाद करने वाले साथी तो उपलब्‍ध्‍ हो गये हैं, लेकिन ‘हिंदी से अंग्रेजी’ अनुवादकों की कमी अब भी बनी हुई है। किताबें दलित-बहुजन मुद्दों पर केंद्रित होंगी। उचित पारिश्रमिक देय।

सुभाष चंद्रा ने अपने छोटे भाई जवाहर गोयल को बनाया जी मीडिया ग्रुप का नया एडिटर इन चीफ

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपने ‘जी मीडिया ग्रुप’ का नया एडिटर इन चीफ अपने ही छोटे भाई जवाहर गोयल को बनाया है. जवाहर गोयल फिलहाल डिश टीवी डीटीएच के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जवाहर गोयल को बधाइयों का तांता लगा है. जवाहर …

तेरा क्या होगा जी न्यूज… सोशल मीडिया पर किसिम किसिम के कमेंट्स….

Nazeer Malik : वो इंटरव्यू तो आपको याद ही होगा. जी न्यूज को इंटरव्यू देते मोदी जी. तब उन्होंने पकौड़ा दर्शन बता कर भारत में बढ़ते रोज़गार का डंका पीटा था. सामने बैठे पत्रकार जी तब ‘जी सर, यस सर, बिकुल सर’ कह कर उनके पकौड़ा रोज़गार योजना को विश्व की सर्वाधिक पापुलर और रोजगारपरक …

सुभाष चंद्रा के कमजोर वक्त में उनके लिए तल्ख बात न करूंगा : रवीश कुमार

ज़ी न्यूज़ के संस्थापक और मालिक सुभाष चंद्रा ने क्यों सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है.. “सबसे पहले तो मैं अपने वित्तीय समर्थकों से दिल की गहराई से माफी मांगता हूं। मैं हमेशा अपनी ग़लतियों को स्वीकार करने में अव्वल रहता हूं। अपने फैसलों की जवाबदेही लेता रहा हूं। आज भी वही करूंगा। 52 साल …

क्या सुभाष चंद्रा भी दिवालिया होने की तरफ बढ़ चले हैं?

Lakshmi Pratap Singh : 4 साल मोदी की आर्थिक नीतियों की तरीफ करने वाले ZeeNews के मालिक सुभाष चंद्रा की कम्पनी डूब रही है। सार्वजनिक रुप से अपने निवेशकों से पत्र लिख कर माफी मांगी है। अब लंका लुटने के बाद, Zee Entertainment को बेच रहे हैं ताकि ब्याज और कर्जा चुका सकें। इसी ZeeGroup …

टीवी मीडिया के बड़े नामों के सहारे पब्लिसिटी पाने को मजबूर जी ग्रुप!

आज सुबह जब नज़र अख़बार के इस इश्तेहार पर पड़ी तो मैं आवाक रह गया। एक पल को तो यक़ीन ही नहीं हुआ। फिर कुछ एक जगह फोन की घंटी बजाने पर विश्वसनीय सूत्रों से पता चला कि एक पूरी ‘विवादास्पद सीरीज’ निकाली गई है जिसमें अगले हफ्ते ‘सुधीर चौधरी’ जी का भी जिक्र होगा। …

मौसम विज्ञानी ‘जी ग्रुप’ भी पलटी मारने को तैयार, राहुल गांधी को गई चिट्ठी पढ़ें

पीएम मोदीजी की खराब होती हवा और राहुल का चढ़ता सियासी पारा देख कई मौसम विज्ञानी पलटी मारने को तैयार होते दिख रहे हैं. इसी क्रम में ‘जी न्यूज’ ने भी सक्रियता दिखाई है. भाजपा और मोदी की भरपूर भक्ति दिखाने और कांग्रेस समेत सारे गैर-भाजपा पार्टियों को जमकर गरियाने वाले जी न्यूज को अब …

11 हज़ार करोड़ के लॉटरी घोटाले में फंसे एस्सेल समूह के सुभाष चंद्रा और इनके छोटे भाई अशोक गोयल!

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने चार निजी कंपनियों और मिजोरम सरकार के अधिकारियों को 2012-2015 के दौरान राज्य द्वारा चलाई जाने वाली लॉटरियों में हुई भीषण धांधलियों के लिए आड़े हाथों लिया है. इन चार कंपनियों में से एक के तार सुभाष चंद्रा के नेतृत्व वाले एस्सेल समूह से काफ़ी नज़दीक से जुड़े हुए हैं, जिसके सबसे बड़े शेयरहोल्डरों में सुभाष चंद्रा के बेटे और भाई शामिल हैं. इन कथित धांधलियों में ज़्यादा गंभीर आरोप करीब 11,808 करोड़ की राशि राज्य के खज़ाने में जमा नहीं कराने का है, जो उसमें जमा कराई जानी थी.

मुलायम खानदान से सुभाष चंद्रा की बढ़ती नजदीकी के मायने क्या हैं?

 

आज शाम सात बजे से दिल्ली के 4, भगवानदास रोड (यह पता सुभाष चंद्रा के दर्जनों एकड़ में फैले बंगले का है)पर एक बड़ा जलसा होने वाला है. मौका है शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव की शादी के बाद होने वाली एट होम पार्टी का. इस आयोजन के लिए जो न्योता यानि कार्ड छपा है उस पर सबसे उपर लिखा है ”विथ कांप्लीमेंट्स फ्रॉम डा. सुभाष चंद्रा, चेयरमैन जी एंड एस्सेल ग्रुप, मिस्टर एंड मिसेज अमर सिंह कोआर्डली इनवाइट यू फॉर डिनर टू सेलीब्रेट द वेडिंग आफ चिरंजीवी आदित्य यादव, सन आफ  मिस्टर एंड मिसेज शिवपाल यादव.”

सुभाष चंद्रा के जी न्यूज पर प्रकट होने और ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता’ पर भाषण देने के निहितार्थ

Yashwant Singh : आज सुभाष चंद्र कक्का ‘ज़ी’ पर प्रकटे, खुद का असली डीएनए दिखाने अउर राष्ट्र को अपनी सतत हलकट पत्रकारिता की मज़बूरी के बारे में ज्ञान पिलाने। वैसे ये राष्ट्र के नाम सम्बोधन का वीडियो भी लाइव नहीं था। दे दनादन रीटेक और झउवा भर एडिटिंग से तैयार सम्बोधन में वो बताए कि उ अउर उनका बड़का ग्रुप काहें राष्ट्रवादी होइ गवा, झार झार के। हं, ई छिपा गए कि मनमोहन की पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में नौजवान धाकड़ धनपशु कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल से कोल ब्लाक घोटाला की खबर रोकने के बदले सौ करोड़ मांगने उगाहने के चक्कर में लाइव धरा गए और रायता इतना फैला कि संपादक लोग तिहाड़ी हो गए, खुद किसी तरह रोय गाय मैनेज करके जेल जाने से बचे। मुकदमा में नाम तो है ही।

चौधरी साब ने बजा दिया बाजा : छठें नंबर का चैनल हुआ ‘जी न्यूज’

एक अच्छा खासा न्यूज चैनल नए जमाने की धंधेबाज पत्रकारिता की सोहबत में पड़ा और देखते ही देखते पतन के पराकाष्ठा तक पहुंच गया. जिस जी न्यूज चैनल को लोग नंबर वन न्यूज चैनल की तरह ट्रीट करते थे और इसे नंबर वन न्यूज चैनल आजतक का प्रतिद्वंद्वी मानते थे, वह जी न्यूज अब छठें नंबर का न्यूज चैनल बन चुका है. इस सारे पतन के पीछे सिर्फ एक शख्स का नाम लिया जा सकता है और वह हैं सुधीर चौधरी. चौधरी साहब एजेंडा पत्रकारिता यानि सुपारी पत्रकारिता यानि रंगदारी पत्रकारिता के बादशाह माने जाते हैं. कभी जिंदल ग्रुप तो कभी कुमार विश्वास. कभी केजरीवाल तो कभी कोई अन्य.

अपने गिरेबान में झांकने की बजाय सुभाष चंद्रा ने केजरीवाल के खिलाफ निकाली भड़ास

सुपारी पत्रकारिता को संगठित तरीके से अंजाम देने वाले सुभाष चंद्रा बजाय अपनी गिरेबान में झांकने के, दूसरों को ही समझाने पर उतारू हो जाते हैं. अबकी उनके निशाने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हैं. जी मीडिया पर बार-बार आम आदमी पार्टी को बदनाम करने का आरोप लगाने वाले दिल्ली के सीएम केजरीवाल के खिलाफ भड़ास निकालते हुए जी मीडिया के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्विट कर लिखा है, ‘सीएम केजरीवाल को लगता है कि मीडिया किसी को भी बना और बर्बाद कर सकता है पर ये गलत है, मैं उनसे ये रिक्वेस्ट करता हूं कि वह न सिर्फ जी बल्कि किसी भी मीडिया से अपने दुश्मन जैसा बर्ताव नहीं करें.

कुमार विश्वास के पक्ष में ट्वीट करना सोनू निगम को पड़ा महंगा, जी ग्रुप ने किया बैन!

: सोनू निगम के गाने नहीं खरीदेगा ज़ी ग्रुप : ज़ी न्यूज़ की झूठी खबर के खिलाफ सोनू निगम के एक सच्चे ट्वीट का नतीजा :  27 अप्रैल को मशहूर बॉलीवुड गायक सोनू निगम ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने ज़ी न्यूज़ की बेईमानी का साफ़तौर पर खुलासा कर दिया। हुआ यूं कि ज़ी न्यूज़ ने अपने चैनल पर बार-बार दिखाया था कि गजेन्द्र की मृत्यु के समय आप नेता कुमार विश्वास ने मंच से ‘लटक गया’ शब्द बोला था। सोनू निगम ने जो वीडियो ट्वीट किया, उसमें साफ़ दिख रहा है कि ‘लटक गया’ शब्द कुमार विश्वास द्वारा नहीं बोला गया था, बल्कि वह आवाज़ बाहर से भरी गई थी। इसका उद्देश्य निश्चित रूप से कुमार को बदनाम करना था।

ये पत्रकारिता है और “चौधरी” पत्रकार हैं!

Sheetal P Singh : क़रीब दो तीन बरस पहले जी न्यूज़ ने हफ़्तों कोयला घोटाले और उसमें जिन्दल ग्रुप की मिली भगत पर नान स्टाप कवरेज दी थी। आपको मालूम ही है कि बाद में एक स्टिंग सामने आया था जिससे पता चला था कि सुधीर चौधरी समेत जी न्यूज़ के आला अधिकारी और जी के मालिक सुभाष चन्द्रा नवीन जिन्दल से समाचार रोकने के लिये १०० करोड़ की राशि माँग रहे थे। उसमें मुक़दमा दर्ज हुआ। चौधरी लम्बे समय जेल में रहे, सुभाष चन्द्रा अग्रिम ज़मानत पर बचे और मुक़दमा जारी है।

टैक्स चोर सुभाष चंद्रा पर केजरीवाल सरकार ने लगाया 33 करोड़ का जुर्माना

जी ग्रुप वालों की एक कंपन है सिटी केबल. इसने जमकर कर चोरी की है. इस कारण दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इस कंपनी के मालिक सुभाष चन्द्रा को 15 दिन के भीतर 33.12 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है. सिटी केबल कंपनी ने दो साल से मनोरंजन कर नहीं दिया है. सिटी केबल एनसीआर में डिजिटल केबल सेवा देती है.  एस्सेल ग्रुप की कंपनी सिटी केबल पर अप्रैल 2013 से मनोरंजन कर धोखाधड़ी में शामिल होने का खुलासा हुआ है. यह कंपनी सरकार को धोखा देकर गैर कानूनी ढंग से कर चोरी कर रही है. कंपनी ने उपभोक्ताओं से करों के नाम पर पैसा एकत्रित किया.

सुभाष चंद्रा ग्रुप के हिमगिरी जी विश्वविद्यालय का फ्रॉड, छात्र-छात्राएं हो रहे परेशान

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भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

नवीन जिंदल की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने जी मीडिया की जांच के निर्देश दिए

नई दिल्ली । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से उद्योगपति नवीन जिंदल के खिलाफ ज़ी मीडिया की ओर से कथित तौर पर चलाए जा रहे नकारात्मक अभियानों की जांच करने को कहा है। आयोग ने कहा कि मंत्रालय इस बात की जांच करे कि क्या जी मीडिया अपनी दुश्मनी निकालने के लिए नवीन जिंदल के खिलाफ झूठी और उनके सम्मान को चोट पहुंचाने वाली खबरें प्रसारित कर अपने ब्रॉडकास्टिंग लाइसेंस का दुरुपयोग कर रहा है।

रजत शर्मा और सुभाष चंद्रा : पत्रकार का मालिक और मालिक का पत्रकार होना

अखबारों और केबल की दुनिया में यह बात आम है, लेकिन सेटेलाइट चैनलों की दुनिया में इसे अजूबा ही कहा जाएगा कि मालिक पत्रकार की तरह बनना चाहे और मालिक पत्रकार की तरह। रजत शर्मा का करियर पत्रकार के रूप में शुरू हुआ और आज वे इंडिया टीवी के सर्वेसर्वा है। दूसरी तरफ सुभाष चंद्रा है जिन्होंने बहुुत छोटे से स्तर पर कारोबार शुरू किया और पैकेजिंग की दुनिया से टीवी की दुनिया में आए। रजत शर्मा कभी इनके चैनल पर कार्यक्रम प्रस्तुत किया करते थे। इतने बरसों में यह अंतर आया है कि रजत शर्मा सुभाष चंद्रा की तरह मालिक बन गए और सुभाष चंद्रा रजत शर्मा की तरह टीवी प्रेजेंटर बनने की कोशिश कर रहे है। चैनलों का मालिक होने का फायदा सुभाष चंद्रा को जरूर है, लेकिन इससे वे रजत शर्मा की बराबरी नहीं कर सकते।

नवीन जिंदल ने जो टीम फोकस में बनाई है वो सारी कि सारी ज़ी न्यूज से उठाई गई है

यशवंत भाई नमस्कार… मैं फोकस टीवी में काम करता हूं… पिछले कुछ समय से हमारे ऊपर सिर्फ ज़ी और सुभाष चंद्रा के खिलाफ खबरें दिखाने का भारी दबाव है…. हम जो खबर बाकी चैनलों पर चल रही हैं उसको दिखाने जाते हैं तो ज़ी के खिलाफ कुछ करने को कहा जाता है… इस चैनल में पत्रकारिता का मजाक बना दिया है। अपना दुख एक खबर के तौर पर लिखा है… उचित समझे तो छाप देना…

जी न्यूज मेरी इज्जत के साथ खेल रहा है : जिंदल

जी न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सांसद व जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी से मुलाकात की। करीब 20 मिनट की मुलाकात में जिंदल ने बस्सी को सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की प्रति भी सौंपी, जिसमें दिल्ली पुलिस को जांच आगे बढ़ाने को कहा गया है। जिंदल का आरोप है कि कोल ब्लाक आवंटन घोटाला मामले में जी न्यूज ने जानबूझकर लगातार उनके खिलाफ गलत खबरे प्रसारित कर उनकी छवि खराब की।

मित्रों, मैं पिछले 4-5 दिनों से डा. सुभाष चन्द्रा जी से परेशान हूं

Vijay Yadav :  मित्रों, मैं पिछले 4-5 दिनों से डा. सुभाष चन्द्रा जी से परेशान हूं। सुभाष जी एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन हैं। दरअसल हमने अपने घर पर जो टीवी छतरी (डिश टीवी) लगाया है, वह इन्हीं की कंपनी का है, जिसका एकाउंट नंबर 01518442110 है। करीब दो साल से मैं डा. साहब की सुविधा हर महीने 220 रुपये चुका कर ले रहा हूं। हाल ही में उन्होंने 220 को 230 रुपये कर दिया। हमने मान लिया डा. चन्द्रा जी हाल ही में हरियाणा में नवीन जिंदल के खिलाफ लड़कर लौटे हैं, खर्चा बढ़ गया होगा। हमने उन्हें 10 रुपये अतिरिक्त बढाकर देना स्वीकार कर लिया।

मीडिया की भाषा और मीडिया की साख : ‘सुभाष चंद्रा गाली-गलौज कर रहा है’ बनाम ‘नवीन जिंदल अपराधी है’

अब सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा का कोई मतलब ही नहीं रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव प्रचार अभियान में जिस भाषा-शैली का इस्तेमाल किया, वैसी भाषा-शैली का इस्तेमाल इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया. खासकर, राजनीति में अपने साथियों के चुनाव क्षेत्र में भले ही वे किसी भी पार्टी के राजनेता रहे हों, इस तरह की भाषा-शैली का इस्तेमाल पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया.हमें यह मानना चाहिए कि केंद्र में नई सत्ता के आने के बाद नई भाषा और नई शब्दावली का भी अभ्यस्त हो जाना पड़ेगा.

पोलिंग बूथों में जबरदस्ती घुसने पर जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा पर केस दर्ज

हिसार : विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान 15 अक्टूबर को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन में एस्सेल समूह के चेयरमैन और जी मीडिया कारपोरेशन के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के खिलाफ पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज किया है। जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा को मतदान के दिन दो बूथों में जबरदस्ती घुसना और पोलिंग एजेंट्स के आईकार्ड चेक करना महंगा पड़ गया है। इंडस्ट्रियल एरिया के बूथ नंबर 114 और 115 के रिटर्निंग ऑफिसर और जीएम रोडवेज कुशल कटारिया ने शुक्रवार को सिविल लाइन थाने में सुभाष चंद्रा के खिलाफ केस दर्ज करवाया है।

जी मीडिया के मालिक सुभाष चंद्रा ने पोलिंग बूथ पर दिखाई दादागिरी

जी मीडिया के मालिक सुभाष चंद्रा व उनके समर्थकों ने हिसार पोलिंग बूथ पर दादागिरी दिखाकर पोलिंग एजेंट को हड़काते नजर आए। सुभाष चंद्रा खुद अपने चैनल के कैमरामैन के साथ पोलिंग बूथ पर पहुंचे और उनके साथ आए हुए लोग पोलिंग एजेंटों को धमकाते हुए मतदान पहचान पत्र की जांच करने लगे। जब इस तरह का बर्ताव बाकी अन्य चैनल के पत्रकारों ने देखा तो उनसे सवाल किया कि वे किस हैसियत से किसी के मतदान पत्र की जांच कर रहे हैं।

सुभाष चंद्रा, समीर अहलूवालिया, सुधीर चौधरी, रुबिका लियाकत पर सावित्री जिंदल ने लगाए गंभीर आरोप

भारत की सबसे अमीर महिलाओं में से एक सावित्री जिंदल ने जी ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा और जी न्यूज के सीईओ समीर अहलुवालिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जी न्यूज पर आरोप लगाया है कि इस चैनल ने जानबूझकर ऐसी खबरें दिखाई जिनसे उनकी और उनके परिवार की छवि को खराब किया जा सके। 64 वर्षीय सावित्री जिंदल ने इलेक्‍शन क‌मीशन से शिकायत करते हुए कहा है कि जी न्यूज लगातार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है। अपनी शिकायत में उन्होंने सुभाष चंद्रा, हिसार से बीजेपी उम्मीदवार कमल गुप्ता, सीईओ समीर अहलुवालिया और जी न्यूज के एडिटर सुधीर चौधरी के साथ टीवी एंकर रुबिका लियाकत का भी नाम लिखा है। अपनी शिकायत में जिंदल ने कहा है कि सुभाष चंद्रा ने अपने चैनल पर उनके और उनके परिवार के बारे में आधारहीन और अपमानजनक बातें कहीं हैं। सावित्री जिंदल का आरोप है कि यह सब उन्होंने भाजपा उम्मीदवार कमल गुप्ता के कहने पर किया।

नवीन जिंदल ने सुभाष चंद्रा को भेजा कानूनी नोटिस, भड़काऊ भाषण का आरोप, पेड न्यूज की शिकायत

हिसार : कांग्रेस प्रचार एवं प्रकाशन समिति के चेयरमैन और कुरुक्षेत्र के पूर्व सांसद नवीन जिंदल ने जी टेली मीडिया के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा पर भड़काऊ व जनता को गुमराह करने वाला भाषण देने का आरोप लगाते हुए उन्हें कानून नोटिस भेजा है। उन्होंने हिसार में चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जाने का आरोप लगाते हुए हिसार शहर में 15 अक्तूबर तक जी न्यूज और सिटी केबल के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग भी की है। इस बारे में जिंदल हाउस से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गत 4 अक्तूबर को जहाजपुल के पास हिसार आरा एसोसिएशन के कार्यक्रम में सुभाष चंद्रा ने भड़काऊ और जनता को गुमराह करने वाला भाषण देते हुए जिंदल परिवार पर इलियट क्लब से संबंधित जमीन के बारे में बेबुनियाद आरोप लगाया था।

मार खाएं, घाटा हो जाए, फंस जाएं, सरकार बकाया निकाल दे तो पत्रकार हो जाएंगे

(File Photo Sanjay Kumar Singh)

Sanjaya Kumar Singh : कई मित्रों ने कहा कि राजदीप सरदेसाई की पिटाई पर मैंने नहीं लिखा। साथी Sumant ने कहा है, “…. हमारी खामोशी भी पत्रकारिता के गिरते स्तर की गुनहगार है संजय भाई …..।” सुमंत से असहमत होने का कोई कारण नहीं है। कैश फॉर वोट स्कैम और उसकी लापता सीडी का मामला आपको याद होगा। एक मामला मैं और याद दिलाता हूं। हर्षद मेहता ने एक कॉलम लिखना शुरू किया था और उसका हिन्दी अनुवाद मुझे हिन्दी के अखबारों में छपवाना था। उस समय कई संपादकों ने कहा था कि हर्षद मेहता का कॉलम नहीं छापेंगे। हर्षद मेहता होते तो आज अखबार या चैनल भी चला रहे होते और वो संपादक उनकी नौकरी बजा रहे होते। पर वो अलग मुद्दा है। उस समय इतनी नैतिकता तो थी इनमें।

राजदीप सरदेसाई के धतकरम के बहाने अपने दाग और जी न्यूज के पाप धोने में जुटे सुधीर चौधरी

सौ चूहे खा के बिल्ली चली हज को… जी न्यूज पर पत्रकारिता की रक्षा के बहाने हाथापाई प्रकरण को मुद्दा बनाकर राजदीप सरदेसाई को घंटे भर तक पाठ पढ़ाते सुधीर चौधरी को देख यही मुंह से निकल गया.. सोचा, फेसबुक पर लिखूंगा. लेकिन जब फेसबुक पर आया तो देखा धरती वीरों से खाली नहीं है. युवा मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार ने सुधीर चौधरी की असलियत बताते हुए दे दनादन पोस्टें लिख मारी हैं. विनीत की सारी पोस्ट्स इकट्ठी कर भड़ास पर प्रकाशित कर दिया. ये लिंक http://goo.gl/7i2JRy देखें. ट्विटर पर पहुंचा तो देखा राजदीप ने सुधीर चौधरी पर सिर्फ दो लाइनें लिख कर तगड़ा पलटवार किया हुआ है. राजदीप ने रिश्वत मांगने पर जेल की हवा खाने वाला संपादक और सुपारी पत्रकार जैसे तमगों से सुधीर चौधरी को नवाजा था..

समीर अहलूवालिया के बाद अब क्या सुधीर चौधरी की बारी है?

जी न्यूज में अंदरखाने बदलाव का दौर शुरू हो चुका है. दागियों को किनारे करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है. हालांकि इस जी न्यूज का मालिक सुभाष चंद्रा खुद बहुत बड़ा दागी है लेकिन मीडिया मालिक खुद को कभी दागी नहीं मानते इसलिए वो खुदा बने रहते हैं और अपने नौकरों यानि अपने इंप्लाइज को दागी-बेदागी करार देकर दाएं-बाएं ठिकाने लगाते रहते हैं. जिंदल से पैसे लेकर खबर रोकने के मामले में जेल गए समीर अहलूवालिया को किनारे लगाए जाने की सूचना है.