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उत्तर प्रदेश

‘सूर्या समाचार’ में महिला पत्रकार से छेड़छाड़, नोएडा पुलिस नहीं दर्ज कर रही रिपोर्ट

विवादित न्यूज चैनल सूर्या समाचार से सूचना है कि यहां कार्यरत एक महिला पत्रकार से छेड़छाड़ की गई और जान से मारने की धमकी दी गई. नोएडा की सेक्टर बीस थाने की पुलिस महिला पत्रकार की रिपोर्ट लिखने की बजाय परे मामले में आरोपियों के साथ खड़ी दिख रही है. महिला पत्रकार का आरोप है कि उसके साथ थाना प्रभारी और अन्य पुलिस वाले बेहद बदतमीजी से पेश आते हैं.

महिला पत्रकार ने इस बाबत शिकायती ट्वीट हर जगह किया लेकिन अभी तक उसे न्याय नहीं मिला. उसने अपनी पूरी पीड़ा और लिखित शिकायत भड़ास के पास भेजकर न्याय दिलाने की मांग की है.

बिहार की रहने वाली युवा महिला पत्रकार का आरोप है कि सूर्या समाचार के आईटी हेड अमिताभ भट्टाचार्या ने चैनल मेकअप रूम में घुसकर जान से मारने की धमकी दी और दुव्यवहार किया. ऐसा इसलिए क्योंकि महिला पत्रकार ने दुष्कर्म करने की कोशिश करने वाले एक मीडियाकर्मी के खिलाफ प्रबंधन से शिकायत की थी.

इसी शिकायत से नाराज होकर अमिताभ ने महिला पत्रकार को धमकाया और बदतमीजी की. महिला पत्रकार का कहना है कि चैनल प्रबंधन लगातार आरोपियों का बचाव कर रहा है. यहां तक कि महिला पत्रकार का ही आईकार्ड छीनकर मौखिक तौर पर चैनल से चले जाने को कह दिया.

पीड़िता का कहना है कि पुलिस का रवैया बिलकुल खराब है. सेक्टर बीस थाने के प्रभारी मनोज पंत कहते हैं- ”मुझसे पूछ कर नौकरी की थी!”. पीड़िता का आरोप है कि आफिस जाने से पहले ही पुलिस सूर्या समाचार के चेयरमैन को सूचना दे देती है. यही कारण है कि कभी आरोपियों से पूछताछ नहीं हुई और न इस मामले में कोई कार्रवाई हुई. पुलिस बार बार एफआईआर के लिए कंप्लेन लिखवाती है पर एफआईआर दर्ज नहीं करती.

सूर्या समाचार चैनल में महिलाकर्मियों के हितों की रक्षा और उनकी शिकायतों को सुनने के वास्ते विशाखा समिति का गठन तक नहीं किया गया है. यही कारण है कि इस चैनल में कार्यरत किसी भी महिलाकर्मी की इज्जत और प्रतिष्ठा सुरक्षित नहीं है. अगर कोई महिलाकर्मी शोषण या उत्पीड़न का शिकार होकर कंप्लेन करती है तो वहां उल्टे उसे ही दोषी ही मानकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है.

देखें पीड़िता के कुछ ट्वीट… इसे पढ़ने के बाद सोचें, केवल सख्त कानून बना देने से महिलाओं की सुरक्षा नहीं हो जाया करती. अगर इन कानूनों को लागू करने वाले ही चुप्पी साध लें या महिला विरोधी रवैया अख्तियार कर लें तो फिर कानून होना, न होना दोनों बराबर ही है. यह प्रकरण दिखाता है कि कैसे बड़े लोगों के पक्ष में पुलिस खड़ी हो जाती है और बड़े लोग अपने धनबल के दम पर आम आदमी को न्याय मिलने का हर रास्ता बंद कर देते हैं….

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1 Comment

1 Comment

  1. Sonu

    October 3, 2018 at 9:25 am

    In logo ko bolo chanel se accha randi khanna khole lae…or randi na milae to apni beti ko baitha lae

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