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उत्तराखंड

‘स्टिंग’ के चलते उत्तराखंड में टॉप लेवल करप्शन फिर बना मुद्दा, CM भी फंसे!

ये लगभग साफ होता जा रहा है कि उत्तराखंड का सीएम एक बिजनेसमैन के रिमोट से संचालित होता है. सूबे की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने खुलकर और आक्रामक तरीके से कहा है कि एक व्यवसायी संजय गुप्ता खुलकर कह रहा है कि उत्तराखंड की सरकार उसकी जेब में है. वो ये भी कहता है कि सीएम वहीं करते हैं, जो वो कहता है.

वो यह भी कहता है कि सीएम को खुश कर दो तो तुम्हारे सारे काम उत्तराखंड में फ्री होंगे. कांग्रेस का कहना है कि सीएम और उनके करीबियों पर इतने गंभीर आरोप लगने, आरोपों के पक्ष में बार-बार आडियो-वीडियो सुबूत दिए जाने के बावजूद जांच नहीं कराई जा रही है. इससे पता चलता है कि दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है.

उल्लेखनीय है कि समाचार प्लस चैनल के सीईओ उमेश कुमार को उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत ने स्टिंग कर ब्लैकमेल करने के आरोप में उत्तराखंड और झारखंड की जेलों की हवा खिलवाई तो जेल से छूटने के बाद उसी स्टिंग से उमेश कुमार ने सीएम त्रिवेंद्र रावत और उनके इर्द-गिर्द की चौकड़ी के असली चेहरे पर से नकाब हटा दिया. उमेश ने बेहद चतुराई से राज्य सरकार के मुखिया से अपनी लड़ाई को कांग्रेस बनाम भाजपा की राजनीतिक युद्ध में तब्दील कर दिया. अब कांग्रेस ने उमेश द्वारा कराए गए स्टिंग के आडियो-वीडियो रूपी हथगोलों को अपनाकर सीएम और उनके इर्दगिर्द की चौकड़ी के उपर धड़ाधड़ फायरिंग शुरू कर दी है. इससे सीएम त्रिवेंद्र रावत समेत पूरी राज्य भाजपा बैकफुट पर है. कांग्रेस के आगे आने के कारण सूबे के अखबार भी इस पूरे युद्ध को आनंद लेकर उछाल रहे हैं और त्रिवेंद्र रावत की बची-खुची साख की पलीता लगा रहे हैं.

पढ़ें, इस बारे में अमर उजाला अखबार में क्या छपा है-

कांग्रेस ने सीएम त्रिवेंद्र पर फिर किया ‘स्टिंग वार’, निवेश के नाम पर पैसों के लेन-देन का लगाया आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

Updated Wed, 05 Jun 2019

सीएम की घेराबंदी के लिए कांग्रेस भवन में मंगलवार को भी सार्वजनिक तौर पर स्टिंग दिखाए गए। उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने स्टिंग के सार्वजनिक प्रदर्शन की अपनी मुहिम के दूसरे चरण में मीडिया के सामने सरकार की जीरो टॉलरेंस की घोषणा का मखौल उड़ाया। माहरा ने कहा कि पोल खोलने का सिलसिला जारी रहेगा। वह 14 या 15 जून को एक बार फिर से मीडिया को सीएम के चहेतों का स्टिंग दिखाएंगे, जो व्यक्तिगत हितों के लिए मोल भाव कर रहे हैं।

माहरा ने कुछ दिन पहले प्रेस कांफ्रेंस करके सीएम के करीबी व्यवसायी संजय गुप्ता के स्टिंग सार्वजनिक किए थे। इन स्टिंग के जरिये कांग्रेस ने सीएम और संजय गुप्ता के बीच पारिवारिक और व्यवसायिक रिश्तों को साबित करने की कोशिश की थी। मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के कई नेताओं के साथ माहरा ने सीएम और उनके करीबियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बार-बार सुबूत दिए जाने के बावजूद जांच नहीं कराई जा रही है। कांग्रेस इस मामले में सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।

निवेश करने के नाम पर धंधेबाजी का आरोप जड़ा

कांग्रेस भवन में मंगलवार को जो स्टिंग दिखाए गए, उसके अनुसार, 18 अप्रैल 2018 को संजय गुप्ता और आयुष गौड़ की मुलाकात होती है। आयुष एक बडे़ होटल का प्रतिनिधि बनकर उत्तराखंड में निवेश की इच्छा जाहिर करता है। संजय गुप्ता उससे, सरकार जेब में होने की बात कहता है। ये भी कहता है कि सीएम वहीं करते हैं, जो वो कहता है। स्टिंग में संजय गुप्ता ये कहते हुए दिख रहा है कि सीएम को खुश कर दो, तो तुम्हारे सारे काम उत्तराखंड में फ्री होंगे। कांग्रेस के अनुसार, स्टिंग में पांच मई 2018 की रात की एक पार्टी की बात कही जा रही है। इसके बाद, 19 अप्रैल 2018 को डिनर पर संजय गुप्ता और आयुष गौड़ की मुलाकात का जिक्र है। कांग्रेस के अनुसार, सीएम से मिलने और काम कराने के एवज में तय हुए रुपयों में से पांच लाख का अग्रिम भुगतान भी स्टिंग में दिखाया जा रहा है। कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस में आयुष गौड़, संजय गुप्ता के साथ सीएम की फोटो भी सार्वजनिक की है।

तीन लाख रुपये की रकम नोएडा से की जमा

फोटो के जरिये कांग्रेस ने यह साबित करने की कोशिश की कि जिस दिन आयुष को सीएम से मिलाने के लिए संजय गुप्ता ले गया था, उस दिन उसने जो कपडे़ पहने हैं, वे ही फोटो और स्टिंग दोनों जगह दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता के अनुसार, पांच मई 18 की रात में सीएम से मीटिंग के बाद तय पूरी रकम न मिलने पर संजय गुप्ता भड़कता है। इसके बाद आयुष की बात में फंसकर वह बाकी के तीन लाख के लिए अपनी पत्नी के बैंक अकाउंट का विवरण देता है। तीन दिन बाद आठ मई 2018 को उसी खाते में तीन लाख की रकम नोएडा से डाली जाती है। कांग्रेस नेता ने स्टिंग में सीएम के भाई, ओएसडी का भी जिक्र किया है। इसके अलावा, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष पद के लिए पैसों की पेशकश और रकम अलग-अलग खातों में डालने का आरोप लगाया गया है।

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