
41वें सप्ताह की टीआरपी में कई उलटफेर देखने को मिल रहे हैं. आजतक लगातार पिट रहा था लेकिन अबकी वह फिर नंबर एक पर आ गया है, लेकिन बहुत थोड़े ही फासले से. नंबर एक आजतक और नंबर दो इंडिया टीवी के बीच बस 0.4 का फासला है. जी न्यूज नंबर दो पर हुआ करता था लेकिन यह ऐसा नीचे गिरा कि सीधे पांचवें पोजीशन पर जाकर रुका.
न्यूज नेशन ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नंबर चार की पोजीशन हथिया ली है. आईबीएन7 फिर से न्यूज24 से पीछे हो गया है. सबसे खराब स्थिति एनडीटीवी की हो गई है जो डीडी न्यूज और तेज नामक चैनलों से भी गया गुजरा हो गया है, टीआरपी के लिहाज से. एनडीटीवी बिलकुल आखिरी पायदान पर है. 41वें हफ्ते के टीआरपी के आंकड़े इस प्रकार हैं:
Source: BARC
TG: CS 15+, Wk 41
Time Band: 0600Hrs to 2400Hrs
Relative Share
Aaj Tak 14.4
India TV 14.0
ABP News 13.3
News Nation 12.4
Zee News 10.8
India News 9.6
News 24 8.3
IBN 7 6.9
DD News 4.1
Tez 3.4
NDTV India 2.8
CS AB Male 22+
Aaj Tak 15.2
India TV 14.3
ABP News 13.2
Zee News 12.6
News Nation 11.9
India News 9.0
News 24 7.1
IBN 7 6.7
NDTV India 3.7
DD News 3.3
Tez 3.1
इसके पहले वाले हफ्ते की टीआरपी जानने पढ़ने के लिए नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करें>>
इंडिया टीवी और जी न्यूज के अच्छे दिन आ गए, टीआरपी में एक हुआ नंबर वन, दूसरा दो नंबर पर
यूपी उत्तराखंड के रीजनल चैनलों की टीआरपी जानने के लिए नीचे दिए गए शीर्षक पर क्लिक करें>>
यूपी-उत्तराखंड में ईटीवी बना नंबर वन, जी संगम नंबर दो पर पहुंचा
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dost
October 25, 2015 at 7:21 am
ज़ी ग्रुप के प्रादेशिक चैनल बर्बादी की और जा रहे है , बर्बादी का कारण है पुराने लोगों को निकाल कर नए लोगों को भर्ती करना , नए लोग अनुभवहीन है , वो सुभाष चंद्रा को कुछ दिन में करोड़ों कमा कर देने का वादा कर के कुर्सिओं पर काविज हों गए है , जबकि वो कुछ भी नया करके दिखा नही पाए , हाँ यह जरूर किया है कि पुराने लोगों को निकाल नए लोग भर्ती कर लिए है जो कि ज़ी ग्रुप के काबिल नही है , जिस कारण अब अच्छी खबर प्रदेशिक चैनलों पर नही चलती , सब से बुरी हालत इस समय ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल की है , रिपोर्टर से संपादक बने दिनेश शर्मा का ध्यान अब खबर की तरफ कम है , मालिक को पैसे कैसे अधिक से अधिक कमा कर दिए जाए इस तरफ अधिक है , क्या ज़ी ग्रुप में एक भी ऐसा जिम्मेवार नही रहा जो पिछले सालों में चल रही ख़बरों और अब गिरते स्तर की चल रही ख़बरों में कोई फर्क देख कर कोई कारवाई कर सके , क्या पैसे ही सब कुछ है , हिन्दोस्तान से ले कर विदेशों तक बनी इज्ज़त क्या सुभाष चंद्रा के लिए कोई मतलब नही रखती , क्या सुभाष चंद्रा को हों रही बर्बादी दिखाई नही दी रही , उन को पता क्यों नही चल रहा कि ज़ी पंजाब हिमाचल हरियाणा को दिनेश शर्मा बर्वाद करने पे तुला है , दिनेश शर्मा ने सम्पादक के कुर्सी सम्भालते ही चैनल में पुराने काम करने वाले ( जो लोग पंद्रह साल से जब चैनल की शुरूआत हुई तब से थे ) सब लोगों को निकाल बाहर किया है , सुभाष चंद्रा और मैनेजमेंट को कुछ क्यों नही दिखाई नही दे रहा | अगर समय रहते सुभाष चंद्रा ना जागे तो ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल का डूबना तय है | पंजाब की न्यूज़ ज़ी पंजाब से खत्म हों रही है , क्योंकि दिनेश को सिर्फ़ हिंदी आती है , दिनेश ने अपने चापलूस भर्ती कर लिए है और अब उसकी मंशा ज़ी पंजाब को खत्म कर सिर्फ़ हरियाणा हिमाचल बनाने की है , ज़ी पंजाब के कारण ज़ी ग्रुप की पहचान विदेशों में है वो भी खत्म हों जायगी , पता चला है के दिनेश ने पंद्रह करोड़ जुटा के मैनेजमेंट को देने है , इस कारण दिनेश ब्लैकमेलरों को भर्ती कर उन के द्वारा पैसे जुटाना चाहता है | लगता है जल्दी ही ज़ी ग्रुप को नवीन जिंदल जैसे एक और स्टिंग का सामना करना पडेगा | जब सुधीर चौधरी जैसा स्टिंग में फस सकता है तो दिनेश तो सुधीर के पांव की जूती जितना काबिल भी नही है, सुभाष जी जागिए , पुराने लोगों के साथ एक मीटिंग करो आप को सब सच पता चल जायगे , दिनेश शर्मा ने ज़ी के सर पर अब तक कितने कम लिए इस बात की पड़ताल करने के लिए आप को हिमाचल में जाँच करवानी पडेगी , सब सच सामने आ जायगे | इज्ज़त को सब कुछ समझने वाला गोयनका परिवार जुलम होते हुए क्यों देख रहा है क्यों दिनेश शर्मा जैसे लोगों के कारण अपनी इज्ज़त नीलाम कर रहा है | पैसे तो पहले भी आ रहे थे बस फरक इतना है कि वो इज्ज़तदार टीम द्वारा इज्ज़त के साथ कमा कर दिए जा रहे थे | दिनेश शर्मा ने अधिकतर पुराने रिपोर्टर हटा दिए उनके स्थान पर नए अनुभवहीन जो कि ब्लैकमेलरों के रूप में जाने जाते है उनकी भर्ती शुरू कर दी है , जिस कारण जल्दी ज़ी ग्रुप पर कलंक का तिलक लगना तय है , सुभाष जी आप खुद नए लोगों की जांच करे , पुराने रिपोर्टर दस पन्द्रह साल से काम कर रहे है , उनको खबर के नब्ज का भी पता है और अब तक कभी कोई कलंक नही लगने दिया , फिर किस कारण वो लोग निकाले गए , मुझे तो नए स्थान पर नौकरी मिल गई है परन्तु मैंने अपनी जवानी आप के चैनल पे लगी दी , बदले में मुझे दिनेश ने निकाल कर आप के चैनेल के बर्वादी शुरू कि जो अब तक जारी है , मैंने वफादारी से काम किया सो अब बर्बादी देखते हुए मेरी आंखे भर आती है , आप जागो , नही तो एक दिन आप की आँखों में भी आंसू होंगे |
fanclub
October 30, 2015 at 11:09 am
Vakt hai abhi bhi Ndtv ki kaman kisi daang ke insaan ke hath sop do. Abhigyaan ya ravish ko channel head banao