Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को साठ दिन बाद मिली जमानत

Urmilesh Urmil : दो महीने जेल में रखने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को आज जमानत पर रिहा करने का आदेश आया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन पर सीडी कांड के मामले में अवैध उगाही सहित और कई संगीन आरोप लगाये थे। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। एडिटर्स गिल्ड आफ़ इंडिया की कार्यकारिणी के सदस्य और बीबीसी में लंबे समय तक काम कर चुके वर्मा को जिस तरह रातों-रात उनके घर से हिरासत में लिया गया, दिल्ली से रायपुर सड़क मार्ग से ले जाया गया और जिस तरह लगातार दो महीने पड़ताल के नाम पर जेल में रखा गया, वह सब हमारे ‘जनतंत्र’ के वास्तविक चरित्र को उजागर करने के लिए पर्याप्त है!

Urmilesh Urmil : दो महीने जेल में रखने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को आज जमानत पर रिहा करने का आदेश आया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन पर सीडी कांड के मामले में अवैध उगाही सहित और कई संगीन आरोप लगाये थे। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। एडिटर्स गिल्ड आफ़ इंडिया की कार्यकारिणी के सदस्य और बीबीसी में लंबे समय तक काम कर चुके वर्मा को जिस तरह रातों-रात उनके घर से हिरासत में लिया गया, दिल्ली से रायपुर सड़क मार्ग से ले जाया गया और जिस तरह लगातार दो महीने पड़ताल के नाम पर जेल में रखा गया, वह सब हमारे ‘जनतंत्र’ के वास्तविक चरित्र को उजागर करने के लिए पर्याप्त है!

क्या इस पड़ताल के लिए उनको इतने लंबे समय तक जेल में रखना जरूरी था? इतने लंबे समय तक जेल में रखने और तरह तरह के संगीन मामले थोपने के बावजूद सरकारी एजेंसियां विनोद के खिलाफ आरोप पत्र भी नहीं दाखिल कर सकीं! फिर वह किस बात के लिए जेल में रखे गये थे? आश्चर्य कि एक वरिष्ठ और संजीदा पत्रकार पर Extortion जैसे फर्जी आरोप मढ़े गये, पर ‘गिल्ड’ सहित मीडिया के बड़े हिस्से में ख़ामोशी रही! यह सब कुछ कम विस्मयकारी नहीं!

Pankaj Chaturvedi : विनोद वर्मा याद हैं क्या? पत्रकार विनोद वर्मा, जिन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस ने राजेश मुनत नामक मंत्री की कथित सेक्स सी डी के मामले में आधी रात को गिरफ्तार किया गया था, वे दो महीने से रायपुर जेल में हैं . आज उनकी गिरफ्तारी को पूरे साठ दिन हो गए, पन्द्रह दिन पहले इस मामले में सी बी आई ने भी मुकदमा दायर किया. साठ दिन हो जाने के बावजूद अभी तक जांच एजेंसी विनोद वर्मा के खिलाफ चार्ज शीट नहीं दायर कर पायी है और इन हालात में वैधानिक रूप से अब विनोद वर्मा जमानत के हक़दार हो गए हैं. गिरफ्तारी कि इतनी जल्दी थी, अभी तक आरोप पत्र तक तैयार नहीं. यही है हकीकत.

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश उर्मिल और पंकज चतुर्वेदी की एफबी वॉल से.

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन