कल्लूरी के खिलाफ अनशन पर बैठे कमल शुक्ला को CM के सलाहकार पत्रकारों ने मनाया

Anil Mishra : ”कल्लूरी मुद्दा नहीं है। पत्रकारों की लड़ाई बहुत बड़ी है।” कमल शुक्ला का भूख हड़ताल तुड़वाने पहुंचे दो वरिष्ठ पत्रकारों की समझाईश काम आई और कल्लूरी के लिए जान देने पर आमादा कमल ने जूस पीकर अनशन तोड़ दिया। जब चर्चा चल रही थी तभी मैं पहुंचा। मुख्यमंत्री के सलाहकार वरिष्ठ पत्रकार …

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को साठ दिन बाद मिली जमानत

Urmilesh Urmil : दो महीने जेल में रखने के बाद वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को आज जमानत पर रिहा करने का आदेश आया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उन पर सीडी कांड के मामले में अवैध उगाही सहित और कई संगीन आरोप लगाये थे। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। एडिटर्स गिल्ड आफ़ इंडिया की कार्यकारिणी के सदस्य और बीबीसी में लंबे समय तक काम कर चुके वर्मा को जिस तरह रातों-रात उनके घर से हिरासत में लिया गया, दिल्ली से रायपुर सड़क मार्ग से ले जाया गया और जिस तरह लगातार दो महीने पड़ताल के नाम पर जेल में रखा गया, वह सब हमारे ‘जनतंत्र’ के वास्तविक चरित्र को उजागर करने के लिए पर्याप्त है!

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा पर हमला करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर से खबर है कि कथित सीडी कांड में आरोपी बनाए गए वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गाड़ी पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. माना थाने की पुलिस द्वारा पकड़े गये इन आरोपियों के नाम दिनेश चौधरी और राजेश विश्वास है. ये दोनों माना कैम्प के रहने वाले हैं.

ओम थानवी बोले- सौ करोड़ मांगने वाले सुधीर चौधरी को सरकारी सुरक्षा और फर्जी आरोपों में विनोद वर्मा को जेल! (देखें वीडियो)

प्रेस क्लब आफ इंडिया में विनोद वर्मा गिरफ्तारी प्रकरण पर हुई सभा में वरिष्ठ पत्रकार ने जो कुछ कहा, उसे इस वीडियो में देख-सुन सकते हैं : ओम थानवी से ठीक पहले वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने क्या कुछ कहा, उसे भी सुनें : कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

मोदी के राज में पत्रकारों की आवाज की जा रही बंद, फिर भी चाटुकार बजा रहे बीन

मोदी सरकार के राज में पत्रकारों के खिलाफ हिंसक घटनाएं बढ गई हैं। राज्य सरकारें भी पत्रकारों पर अंकुश लगाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। हों भी क्यों न केंद्र में अपनी सरकार और राज्य तो अपना है ही। ताजा उदाहरण बीजेपी शासित राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ में देखने को मिल रहा है। लेकिन कुछ चाटुकार पत्रकार इसका विरोध करने के बजाए अभी भी मोदी धुन की बीन बजा रहे हैं। सच्ची पत्रकारिता के खिलाफ रहने वाले पत्रकारों की वाट लग रही है और चाटुकारिता करने वाले पत्रकारों को सम्मान दिया जा रहा है। ऐसे ही कुछ पत्रकारों के कारण मीडिया की छवि दिन ब दिन गिरती जा रही है।

क्या हिंदी पत्रकारों के मुद्दे पर प्रेस क्लब में कम भीड़ आती है?

पत्रकार विनोद वर्मा की फर्जी आरोपों में गिरफ्तारी के मामले में प्रेस क्लब आफ इंडिया में बुलाई गई बैठक में एक सवाल यह उठा कि क्या हिंदी पत्रकारों के मुद्दे पर होने वाली प्रतिरोध सभाओ में अंग्रेजी के पत्रकार नहीं आते हैं? देखें-सुनें वीडियो : इसे भी देख सकते हैं>> कृपया हमें अनुसरण करें और …

मोदी पर मिमिक्री दिखाने में क्यों फटती है टीवी चैनलों की?

वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त ने प्रेस क्लब आफ इंडिया में पत्रकार विनोद वर्मा की छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की गई अवैधानिक गिरफ्तारी के खिलाफ बोलते हुए खुलासा किया कि टीवी चैनलों पर मोदी की मिमिक्री दिखाने पर पाबंदी है. इस वीडियो को सुनिए विस्तार से, जानिए पूरा प्रकरण क्या है… इसे भी देख सकते हैं>> कृपया …

सोचता हूं, बंद कर दूं, लिखना पूरी तरह…

कुछ दिन पहले बस यूं ही लिख दिया था, आज बस यूं ही सोचा कि आप सबसे ये शेयर भी कर लिया जाए. नहीं तो कल आप कहेंगे – पहले क्यों नहीं बताया?

डरते डरते लिख रहा हूं
लिखते लिखते डर रहा हूं

डर ये मेरा बेनींव नहीं है
सौदागरों ने डाली हैं ये नींवें

सौदागर वो सपनों के हैं कपड़ों के
या मौत के
याकि कोयले या तेल के
पता नहीं.

विनोद वर्मा को बोलने से रोकने के लिए पुलिस वाले ने उनके मुंह को अपने हाथ से बंद कर दिया (देखें तस्वीर)

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को जब पुलिस हिरासत में कोर्ट ले जाया गया तो एक जगह उन्होंने मीडिया से बातचीत की कोशिश में कुछ कहने लगे तो एक पुलिस वाले ने फौरन पीछे से उनके मुंह पर अपना हाथ लगा दिया और कसकर मुंह दबा दिया ताकि उनकी आवाज बाहर तक न जा सके. इस मौके की तस्वीर कुछ मीडियाकर्मियों ने उतार ली. फर्जी आरोपों में आनन-फानन वरिष्ठ पत्रकार की रात में गिरफ्तारी और फिर उनको बोलने से रोकने के लिए मुंह को हाथ से दबाकर बंद कर देना… ये सारा घटनाक्रम मीडियाकर्मियों के लिए स्तब्धकारी है. देखें तस्वीर :

विनोद वर्मा ने यह ट्वीट पुलिस हिरासत से किया है, पढ़ें

Om Thanvi :  भाई विनोद वर्मा ने यह ट्वीट पुलिस हिरासत से किया है। उनके जज़्बे को सलाम। मीडिया भाजपा के निशाने पर है, पर दिमाग़-चले नेताओं को पता नहीं कि इस तरह वे ख़ुद ही अपने निशाने पर हैं। और न सही, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के मीडिया-विरोधी क़दमों से ही कुछ सीख लिया होता!

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा छत्तीसगढ़ कांग्रेस का सोशल मीडिया देखते हैं, उनकी गिरफ्तारी सियासी!

Nadim S. Akhter : वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की हिरासत पे मेरा स्टैंड क्लियर है। कहीं कोई confusion नहीं। अगर वर्मा साहब छत्तीसगढ़ कांग्रेस से किसी भी रूप में जुड़ गए हैं और उनका सोशल मीडिया वगैरह देखते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी सियासी है। राजनीति के अपने रंग होते हैं विरोधियों को चुप कराने को। और अगर वो अभी भी विशुद्ध पत्रकार हैं, किसी राजनीतिक दल के हित के लिए वो काम नहीं करते, तो वर्मा जी की गिरफ्तारी ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि सभी पत्रकारों को मिलकर इसका विरोध करना चाहिए।

सेक्स सीडी वाले मंत्री जी बाहर मौज में, ख़बर करने वाला पत्रकार अंदर!

Azad Khalid

भई वाह…किसी ने सच कहा कि देश बदल रहा है…छत्तीसगढ़ के एक मंत्री जी कथिततौर पर अपने रुतबे और ताक़त के दम पर लड़कियों से रेप करते रहे…जब पानी सिरे से ऊपर चला गया और कथिततौर पर एक पत्रकार को उनके काले कारनामों का सबूत मिल गया…लेकिन हमारी तेज़ तर्रार पुलिस ने मंत्री जी के ख़िलाफ भले ही कोई कार्रवाई न की हो…लेकिन पत्रकार को गिरफ्तरा करके जेल भेज दिया है।

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ पुलिस ने हिरासत में लिया

गाजियाबाद के इंदिरापुरम से खबर है कि बीबीसी समेत कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ़ की पुलिस ने हिरासत में लिया है. विनोद फिलहाल हरिभूमि समेत कई अखबारों के लिए बतौर सलाहकार अपनी सेवाएं दे रहे थे. चर्चा यह है कि वह छत्तीसगढ़ में आदिवासी मसलों पर भी काम कर रहे थे और इसको लेकर कई इनवेस्टिगेटिव खबरें तैयार की थीं. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के किसी मंत्री की पोर्न सीडी उनके हाथ लगी थी जिसको लेकर पुलिस ने यह कार्रवाई की है.