पत्रकारों का संघर्ष रंग लाया, हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने बनाई एसआईटी!

यमुनानगर (हरियाणा) : पुलिस ने जब पत्रकारों को अंदर जाने से रोका तो पत्रकार वहीं धरने पर बैठ गए और कहा कि अब वह तभी उठेंगे जब पुलिस प्रशासन यहां मांग पत्र लेने आएगा। उसके पश्चात एसपी को मीटिंग में व्यस्त होना बताया गया। बाद में एसपी कमलदीप गोयल ने लघु सचिवालय के प्रवेश द्वार पर आकर पत्रकारों से की बातचीत और कहा कि वह इस मामले को शीघ्र सुलटाएंगे

पत्रकारों ने एसपी से बातचीत में इस बात पर रोष जताया कि पुलिस इस हमले की जांच में सुस्ती अपना रही है और उसने सीसीटीवी फुटेज तक हासिल नहीं किया जो कि पत्रकारों को सहज उपलब्ध है।

सीसीटीवी फुटेज इमेज से पता चलता है कि अल्टो K10 जिस पर नंबर नहीं था, आधे घंटे से प्रतीक्षा कर रही थी।

इससे पूर्व डीपीआरओ कार्यालय के मीडिया कक्ष में पत्रकारों ने मीटिंग की ओर 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आगामी कार्रवाई के लिए नियुक्त किया। पत्रकारों की पंचायत ने कहा कि 11 सदस्य जो भी फैसला लेंगे सबको मान्य होगा। जब इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को देने की मांग के लिए प्रतिनिधिमंडल लघु सचिवालय पहुंचा तो बैरिकेड लगाकर अनेकों पुलिसकर्मी तैनात कर पत्रकारों को लघु सचिवालय के बाहर रोक दिया गया।

बाद में एसपी को आना पड़ा और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी बनाने की घोषणा करनी पड़ी।

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