यूपी में जंगलराज : बाराबंकी के यासीन को जिंदा जलाने के लिए सपा नेता व पुलिस जिम्मेदार

  • पीड़ित की मां व भाई पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लेते हुए उन्हें तत्काल रिहा किया जाए
    दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए
    पीड़ित यासीन से लखनऊ सिविल अस्पताल में रिहाई मंच ने की मुलाकात

लखनऊ 10 अप्रैल 2016। बाराबंकी के हैदरगढ़ के मो0 यासीन जिनको सपा के दबंगों ने तेल छिड़कर जिंदा जलाने की कोशिश की उनसे रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव व शबरोज मोहम्मदी ने सिविल अस्पताल लखनऊ में मुलाकात की। बाराबंकी के वरिष्ठ अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा सपा संरक्षित स्थानीय दंबग और पुलिस का गठजोड़ इसके लिए जिम्मेदार है। मंच ने कहा कि एक शख्स के जिंदा जलाने की घटना जिसमें सपा मंत्री व पुलिस पर सवाल उठ रहा है उसके सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध न होना साफ करता है कि पुलिस न सिर्फ खुद को बचा रही है बल्कि हर संभव दबाव भी बनाने की कोशिश कर रही है।

मुलाकात के बाद जारी बयान में रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव और शबरोज मोहम्मदी ने कहा कि मो0 यासीन से जमीनी विवाद के चलते दबंग रिश्तेदारों ने पुलिस की मौजूदगी में उनके ऊपर तेल छिड़ककर आग लगा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना में सपा मंत्री अरविंद सिंह गोप का दबंगों को संरक्षण प्राप्त है इसीलिए पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाए उल्टे पीड़ित की 80 वर्षीय मां हबीबुल और छोटे भाई अनीस पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

सिविल अस्पताल लखनऊ में मो0 यासीन से मिलकर रिहाई मंच नेताओं ने बताया कि मो0 यासीन अपने एक वर्षीय पुत्र बिलाल और 5 वर्षीय पुत्र शमीम की दुहाई देते हुए कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं थे। वह कह रहे थे कि जिस तरह से मुझे जिंदा जलाने की कोशिश करने वालों को न पकड़कर मेरी बूढ़ी मां और छोटे भाई को जेल में डाल दिया गया, उससे मुझे अपनी पत्नी साइमा, छोटे भाई-बहन और भांजे-भांजियों की बहुत चिंता है कि वे लोग मेरे साथ जैसा किए वैसा उनके साथ न कर दें। उन्होंने बताया कि 22 फिट लंबी व 13 फिट चैड़ी जमीन के खातिर ईस्माइल ने सपा के सभासद अयूब, इसरार, उमर, अखिलेश चेयर मैन ने मुझ गरीब पर तेल छिड़कर जिंदा जलाने की कोशिश की, मैं गिड़गिडाता रहा कि मत जलाओ और जलाने के बाद काफी देर तक तड़पता रहा पर उन लोगों ने एक न सुनी और पुलिस भी मुझे ही धमकाती रही।

इस्माइल ने कहा कि मुझे जिंदा जला देने से पूरा बवाल खत्म हो जाएगा। 7 तारीख को मेरी मां और भाई को एसआई अजीत सिंह ने उठाकर चालान कर दिया। इस पूरे मामले में सपा मंत्री अरविंद सिंह गोप के दबाव में मुझे जिंदा जलाने वालों को कोतवाल चन्द्रशेखर बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मेरा भी चालान कर दिया है। मेरे बीबी-बच्चे अनाज के एक-एक दाने के लिए तरस रहे हैं, पर दंबगों के डर से कोई मेरे मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है। अस्पताल में मेरी हालत को देख आप खुद समझ सकते हैं। मेरे पूरे घर के सामान को कोतवाल ने ईस्माइल के हवाले कर दिया है।

रिहाई मंच ने मांग की कि पीड़ित यासीन व उनकी 80 वर्षीय मां हबीबुल और छोटे भाई अनीस पर दर्ज फर्जी मुकदमें को तत्काल हटाया जाए और हबीबुल व अनीस को रिहा किया जाए। मो0 यासीन को जिंदा जलाने की कोशिश करने वालों व दबंगों का सहयोग करनी वाली हैदरगढ़ के पुलिसिया अमले को तत्काल बर्खास्त करते हुए उनके खिलाफ कारवाई की जाए। मंच ने कहा कि जिस तरह से इस पूरे मामले में सपा मंत्री अरविंद सिंह गोप व बाराबंकी के जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम आ रहा है ऐसे में इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाते हुए पीड़ित को दस लाख रुपए सहायता व परिजनों के जान-माल के सुरक्षा की गारंटी की जाए।

जलाए गए यासीन और जांच दल सदस्यों की तस्वीर देखने के लिए नीचे क्लिक करें :

pics

द्वारा जारी-
शाहनवाज आलम
(प्रवक्ता, रिहाई मंच)
09415254919

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं
  • भड़ास तक कोई भी खबर पहुंचाने के लिए इस मेल का इस्तेमाल करें- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *