बाबा राज में फिर हुई खबर (कोरोना पीड़ित व बिन ब्याही गर्भवती संवासिनी कांड) चलाने वालों पर एफआईआर!

यूपी के योगी बाबा राज में समस्याओं को सुलझाने पर कम, समस्याओं को उजागर करने वालों से निपटने में ज्यादा उर्जा खर्च की जाती है. एक महिला पत्रकार ने लाकडाउन में पीएम के चुनाव क्षेत्र बनारस की गरीब महिलाओं की व्यथा का प्रकाशन कर दिया तो उसके खिलाफ एफआईआर हो गया. उससे पहले भी दर्जनों मामलों में खबर लिखने वाले ही दंडित-लांछित किए गए, समस्या क्रिएट करने वाले अफसर-नेता अपनी चमड़ी बचा ले गए. इसी क्रम में बाबा राज में फिर एक एफआईआर हो गया है जिसके दायरे में ढेर सारे मीडिया हाउसेज के आने की आशंका है.

कानपुर के संवासिनी कांड को प्रसारित-प्रचारित करने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है. एफआईआर कानपुर नगर के जिला प्रोबेशन अधिकारी ने दर्ज कराई है. इनका कहना है कि कोरोना पीड़ित संवासिनियों और बिन ब्याही गर्भवती हुई संवासिनियों की खबर को चलाने से छवि को काफी नुकसान हुआ है. फिलहाल एफआईआर में किसी मीडिया हाउस का नाम नहीं लिखा गया है. आरोपी की कैटगरी में अज्ञात शब्द दर्ज है. इसका मतलब हुआ कि जिन जिन मीडिया संस्थानों ने इस खबर का प्रसारण प्रकाशन किया है वे सब मुकदमा झेलेंगे. तो ये है बाबाजी का राज….

देखें एफआईआर की कॉपी-


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