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पत्रकार परवेज़ सागर को वर्ष 2015-16 के लिए ‘मोस्ट हार्डवर्किंग अवार्ड’ से नवाजा गया

Parvez Sagar : वीकेंड के बाद जब बीते मंगलवार को ऑफिस में दाखिल हुआ तो कई लोगों ने बधाई दी. मैने सभी से कहा कि ईद तो कल है… कुछ साथी मुस्कुराए और बोले सच में आपको नहीं पता. मैं कुछ समझ नहीं पाया. अपने वर्क स्टेशन पर पहुंचा तो वहां भी आस-पास बैठने वाले सभी साथियों ने बधाई दी. मैने एक साथी से पूछा भाई आखिर ये बधाई किस बात की है. वो भी बिना कुछ कहे मुस्कुरा दिए. मुझे हैरानी हो रही थी कि ऐसी कौन सी बात है जो पूरे ऑफिस को पता है पर मुझे नहीं और उसके लिए मुझे बधाई दी जा रही है. फिर एक साथी ने कहा कि सर अपनी ऑफिस मेल चेक किजीए..

Parvez Sagar : वीकेंड के बाद जब बीते मंगलवार को ऑफिस में दाखिल हुआ तो कई लोगों ने बधाई दी. मैने सभी से कहा कि ईद तो कल है… कुछ साथी मुस्कुराए और बोले सच में आपको नहीं पता. मैं कुछ समझ नहीं पाया. अपने वर्क स्टेशन पर पहुंचा तो वहां भी आस-पास बैठने वाले सभी साथियों ने बधाई दी. मैने एक साथी से पूछा भाई आखिर ये बधाई किस बात की है. वो भी बिना कुछ कहे मुस्कुरा दिए. मुझे हैरानी हो रही थी कि ऐसी कौन सी बात है जो पूरे ऑफिस को पता है पर मुझे नहीं और उसके लिए मुझे बधाई दी जा रही है. फिर एक साथी ने कहा कि सर अपनी ऑफिस मेल चेक किजीए..

इसके बाद मैंने बिना देर किए अपना सिस्टम लॉगिन किया और मेल देखने लगा.. इनबॉक्स में करीब पांच सौ अनरीड मेल थी. सभी को ध्यान से देखा तो एचआर की एक खास मेल दिखाई दी. उसे पढ़कर पता चला कि कंपनी ने मुझे वर्ष 2015-16 के लिए मोस्ट हार्डवर्किंग अवार्ड से नवाजा है. मेरा खुश होना लाजमी था. मन ही मन मैंने ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया.

कुछ देर बाद हमारे ग्रुप एडिटर श्री कमलेश सिंह जी अपने चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान लिए मेरे पास आए और मुझे एक लिफाफा सौंपते हुए कहा कि “हमें गर्व है कि आप हमारी टीम का हिस्सा हैं.” सर के ये अल्फाज दिल में उतर गए. लिफाफे में अवार्ड का प्रमाण पत्र, एक गिफ्ट वॉउचर और एक चॉकलेट थी. साथ ही उसमें एक खास हाई-टी का निमंत्रण था, जो हमारे चेयरमैन ऑफिस की तरफ से था.

इस अवार्ड ने इस साल ईद की खुशियों को दोगुना कर दिया. और ऑफिस की तरफ से मुझे ‘मोस्ट हार्डवर्किंग अवार्ड 2015-16’ के रूप में यादगार सौगात मिली जो मुझे जिंदगीभर याद रहेगी. इस सम्मान के लिए मैं खासतौर पर शुक्रिया करना चाहता हूं हमारे बिग बॉस कमलेश सर का जिनकी प्रेरणा और विश्वास के बगैर मेरे लिए यह मुकाम पाना नामुमकिन था. और शुक्रिया मेरे माता-पिता और परिवार का जिनकी दुआएं हमेशा मेरे साथ रहती हैं. शुक्रिया ‘आज तक’. शुक्रिया आईटीजीडी और शुक्रिया सभी शुभचिंतकों का…

टीवी टुडे समूह में कार्यरत परवेज़ सागर की एफबी वॉल से.

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