यशवंत सिंह-
जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी, भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे तब बीजेपी वाले किस कदर विलाप करते थे, ये बानगी देखिए-



अब छत्तीसगढ़ में बीजेपी का राज है। एक आदिवासी व्यक्ति मुख्यमंत्री है। लेकिन यहाँ दोगुनी स्पीड से आदिवासियों का महाउत्पीड़न हो रहा है। जंगल काटे जा रहे हैं। जल और ज़मीन से बेदख़ल किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल को उजाड़ने की भरपूर छूट आदिवासी सीएम विष्णु देव साय ने दे रखी है। आख़िर दिल्ली की डील दिल्ली के आदेश की वो अनदेखी कैसे कर सकते हैं भला! उन्हें सीएम बनाया ही इसलिए गया है ताकि दिल्ली दरबार के आदेश / प्रोजेक्ट्स को फटाफट पूरा करायें।
सबको पता है बहुत पहले से अडानी के हवाले हसदेव का जंगल किया जा चुका है। अड़ानी के चरणों मे आदिवासियों का आत्मसम्मान गिरवी रख दिया गया है। जिंदा पेड़ों की हत्या की जा रही है। पर्यावरण को तहत नहस किया जा रहा है।
जो राह का रोड़ा बन रहा उसे पीट दिया जा रहा, सलाख़ों के पीछे डाल दिया जा रहा है। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया है..पर राज्य सरकार का अपने ही आयोग का आदेश लागू करने का मूड नहीं है।

वरिष्ठ पत्रकार आलोक पुतूल कहते हैं- “अब छत्तीसगढ़ और केंद्र दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है. लोगों की सांस, लाखों पेड़ों के विनाश, पर्यावरण का सौदा रद्द किया जा सकता है.”
लेकिन ऐसा नहीं होगा। अदाणी को कौन रोकेगा। सब कुछ तो अदाणी के लिये किया जा रहा है।

राज्य सरकार के मुखिया विष्णु देव साय तक उनके समाज का दर्द खूब पहुंच रहा है लेकिन वो धृतराष्ट्र बन चुके हैं। सब जान के भी अनजान हैं। सब देख कर भी चुप हैं। सब सुन कर भी अनसुना किए हुए हैं। आदिवासियों का दमन और चीत्कार दिखाई-सुनाई नहीं पड़ रहा है। मीडिया का मुँह बंद किया जा चुका है, ख़रीद कर। फिर भी छिटपुट आवाज़ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सुनाई पड़ रही है, देखें-


ज़मीनी हालात क्या हैं, इन x पोस्ट्स-वीडियोज़ के ज़रिए जानिए-
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