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ईटीवी राजस्थान में उथल-पुथल, श्रीपाल शक्‍तावत ने दो सहयोगियों का हैदराबाद ट्रांसफर रुकवाया

जयपुर से खबर है कि राजस्‍थान ईटीवी के सीनियर एडिटर श्रीपाल शक्‍तावत ने अपने दो सहयोगियों का हैदराबाद किया गया ट्रांसफर रुकवा लिया है. श्रीपाल शक्‍तावत के खासमखास नवीन जायसवाल एसोसिएट एडिटर और दीपक व्‍यास सीनियर रिपोर्टर का हाल में जयपुर से हैदराबाद ट्रांसफर कर दिया गया था. श्रीपाल शक्‍तावत अपने परिवार में एक गमी हो जाने से इन दिनों अवकाश पर चल रहे हैं. लेकिन जब उन्‍हें पता चला कि बगैर उन्‍हें बताए उनके दो चहेतों का हैदराबाद ट्रांसफर कर दिया गया है तो शक्‍तावत ने अपनी पहुंच के माध्‍यम से इनका ट्रांसफर रद्द करवा दिया. इन दोनों मीडिया कर्मियों का ट्रांसफर 19 दिसंबर को हुआ था और 24 घंटे के अंदर यानि 20 दिसंबर को शक्‍तावत ने अपनी शक्ति से कैंसल करा दिया.

जयपुर से खबर है कि राजस्‍थान ईटीवी के सीनियर एडिटर श्रीपाल शक्‍तावत ने अपने दो सहयोगियों का हैदराबाद किया गया ट्रांसफर रुकवा लिया है. श्रीपाल शक्‍तावत के खासमखास नवीन जायसवाल एसोसिएट एडिटर और दीपक व्‍यास सीनियर रिपोर्टर का हाल में जयपुर से हैदराबाद ट्रांसफर कर दिया गया था. श्रीपाल शक्‍तावत अपने परिवार में एक गमी हो जाने से इन दिनों अवकाश पर चल रहे हैं. लेकिन जब उन्‍हें पता चला कि बगैर उन्‍हें बताए उनके दो चहेतों का हैदराबाद ट्रांसफर कर दिया गया है तो शक्‍तावत ने अपनी पहुंच के माध्‍यम से इनका ट्रांसफर रद्द करवा दिया. इन दोनों मीडिया कर्मियों का ट्रांसफर 19 दिसंबर को हुआ था और 24 घंटे के अंदर यानि 20 दिसंबर को शक्‍तावत ने अपनी शक्ति से कैंसल करा दिया.

उल्लेखनीय है कि ईटीवी राजस्‍थान ने पिछले दिनों अपने सभी इंफोर्मर्स को एक झटके में हटा दिया था. इसके बाद खबरों की संख्‍या एवं क्‍वॉलिटी पर बुरा असर पड़ा है. इसके बाद सभी जिलों एवं मुख्‍यालय से कर्मचारियों के ट्रांसफर का सिलसिला चालू हो गया. ईटीवी जयपुर मुख्‍यालय में न्‍यूज सैक्‍शन में 28-30 कर्मचारी हैं जबकि डेस्‍क पर भी लगभग इतने ही पत्रकार कार्यरत हैं. ईटीवी अब इन सभी को धीरे धीरे हैदराबाद भेज रहा है एवं जयपुर आफिस में केवल रिपोर्टर ही काम करेंगे.

जयपुर आफिस से अब तक 12-13 लोगों का हैदराबाद ट्रांसफर किया जा चुका है. जयपुर मीडिया सैक्‍टर में जॉब के नए एवं बेहतर विकल्प न होने से ज्‍यादातर कर्मचारी मन मसोस कर हैदराबाद जा रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि दिल्‍ली, जयपुर में वे विकल्‍प तलाश रहे हैं. यहां कार्यरत पत्रकारों का कहना है कि वे भयभीत हैं और उन्‍हें ट्रांसफर के नाम पर डराया, धमकाया जा रहा है. यहां अब स्‍टॉफ जगदीश चंद्रा के जमाने को भी याद कर रहे हैं जब इस तरह का भय वाला वातावरण नहीं था और जगदीश जी एक परिवार की तरह सभी को साथ लेकर कार्य करा रहे थे.

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