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मीडिया हाउस और बैंक की सेटिंगबाज़ी से करोड़ों की सरकारी लूट की आशंका!

नोएडा/दिल्ली : देश के सबसे पुराने समाचार पत्रों में शामिल ‘द पायनियर’ से जुड़ी एक बड़ी सेटिंगबाज़ी और संभावित घोटाले की बू आ रही है। इस पूरे मामले में एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU Bank), एक प्रसिद्ध मीडिया हाउस, और प्रॉपर्टी डीलिंग का अनोखा गठजोड़ दिखाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, द पायनियर ने पहले अपनी बिल्डिंग को गिरवी रखकर सेंट्रल बैंक से करोड़ों का कर्ज लिया, फिर आर्थिक संकट का हवाला देते हुए बैंक पर दबाव बनाकर One Time Settlement (OTS) की मांग की जा रही है।

घोटाले का प्लान?

• पायनियर के प्रमोटरों ने पहले हिंदी ब्रांड को यूपी के एक बिल्डर को औने-पौने दाम पर बेच दिया।

• अब 15 करोड़ रुपये से अधिक के लोन को महज़ 10 करोड़ से भी कम में निपटाने की कोशिश हो रही है।

• जबकि इसी मीडिया हाउस की संपत्ति की कीमत 25 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है!

कहां है नैतिकता?

अब बड़ा सवाल यह है कि:

• क्या बैंक पर राजनीतिक या ऊपरी दबाव डाला जा रहा है?

• क्या यह घोटाला सरकारी पैसे को निजी फायदे में बदलने की साजिश नहीं?

• और जब प्रधानमंत्री स्वयं हर मंच से यह कहते हैं कि “यूपीए के समय लोन ऐसे ही बांटे गए थे”, तो क्या आज उसी प्रकार की कर्जमाफी उचित कही जाएगी?

जनता के पैसे का क्या होगा?

यह मामला केवल एक मीडिया संस्थान या एक बैंक का नहीं, बल्कि जनता के पैसों और लोकतंत्र की पारदर्शिता का है। अगर ऐसा मामला चुपचाप OTS के नाम पर दबा दिया गया, तो आगे और कितने “सेटिंगबाज़” इसी रास्ते पर चल पड़ेंगे?

यह खबर आगे जांच की मांग करती है। क्या बैंक इस कर्ज को वाकई माफ करेगा? क्या कोई जनप्रतिनिधि इस पर आवाज उठाएगा? या फिर ये भी ‘डील’ का हिस्सा बन जाएगा?

इस प्रकरण के बारे में कोई पक्ष या विपक्ष हो तो भड़ास तक पहुंचाएं- [email protected]

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भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

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