ब्हरियाणा के सीनियर पुलिस अधिकारी ADGP वाई एस पूरन ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है, उनकी पत्नी भी एक आईएएस अधिकारी हैं और इस वक्त मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान दौरे पर हैं

हरियाणा काडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की चंडीगढ़ में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्होंने अपने सरकारी आवास पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। चंडीगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
वर्ष 2001 बैच के अधिकारी वाई पूरन कुमार वर्तमान में पीटीसी सुनारिया (रोहतक) में आईजी के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे आईजी रोहतक के पद पर नियुक्त हुए थे, लेकिन विवादों के चलते उनका कार्यकाल लंबा नहीं चल सका।
वाई पूरन कुमार अपने तेज-तर्रार और मुखर स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था। उन्होंने हरियाणा के मौजूदा डीजीपी शत्रुजीत कपूर, पूर्व मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद और पूर्व डीजीपी मनोज यादव सहित कई अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे।
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी। उनका कहना था कि अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारियों को बार-बार बदला जा रहा है, जबकि सवर्ण वर्ग के अफसरों को नहीं हटाया जा रहा।
वर्ष 2022 में भी उन्होंने तत्कालीन गृह सचिव राजीव अरोड़ा पर पक्षपातपूर्ण जांच रिपोर्ट देने का आरोप लगाया था। यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक पहुंचा था।
वाई पूरन कुमार ने नौ आईपीएस अधिकारियों के सरकारी आवासों के कब्जे का मुद्दा भी उठाया था, जिसके बाद एक मकान खाली कराया गया था और जुर्माना भी वसूला गया था।
इस बीच खबर यह भी है कि वाई पूरन कुमार की पत्नी, जो आईएएस अधिकारी हैं, फिलहाल मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ जापान दौरे पर हैं। पति की मौत की खबर से प्रशासनिक हलकों में गहरा सदमा है।
हरियाणा पुलिस के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार वाल्मीकि का सुसाइड नोट घटनास्थल से पुलिस को मिला है। 8 पेज का अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट है। इसमें 30 से 35 IPS और कुछ IAS अधिकारियों के नाम हैं। नोट में पूरन कुमार ने जातिवाद, पोस्टिंग में भेदभाव, ACR में गड़बड़ी, सरकारी आवास न मिलने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा परेशान किए जाने का उल्लेख किया है। उन्होंने एक DGP रैंक अधिकारी पर “बेवजह नोटिस भेजकर परेशान करने” का आरोप भी लगाया। पूरन कुमार ने सुसाइड करने से पहले यह नोट अपनी पत्नी और दो अफसरों को भेजा था। साथ ही उन्होंने वसीयत भी छोड़ी है, जिसमें उन्होंने संपत्ति अपनी पत्नी के नाम की है।


