नई दिल्ली। हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहे पत्रकार राहुल पाण्डेय ने नवभारत टाइम्स से इस्तीफा दे दिया है। राहुल पिछले आठ-नौ वर्ष से नवभारत टाइम्स एडिट पेज से जुड़े थे। नवभारत टाइम्स में उनके वीकली कालम चक्र व्यू ने पाठकों को काफी आकर्षित किया। सप्ताह के इंटरव्यू के तहत उन्होंने नोम चोम्स्की से लेकर काशीनाथ सिंह तक देश-दुनिया की बड़ी हस्तियों के इंटरव्यू प्रकाशित किए। राहुल पाण्डेय अपने विश्लेषणात्मक लेखों तथा राजनीतिक-सामाजिक समझ के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं। अब वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े मीडिया प्रोजेक्ट्स और कानूनी खबरों व डेटा एनालिसिस पर आधारित अपने यूट्यूब चैनल पर काम करेंगे।
राहुल पाण्डेय का नाम हिंदी पत्रकारिता में नवाचार और प्रयोगधर्मिता के लिए जाना जाता है। वो दैनिक भास्कर के पहले ऑनलाइन एडिशन के इनपुट हेड रहे, जहां उन्होंने अपनी खबरों से कई बार सर्वर ठप किया, जब उस पर लोड ज्यादा हो गया। जब 2022 में एआई का वैश्विक पदार्पण हुआ था, तब उन्होंने नवभारत टाइम्स में इस नई तकनीक के साथ लगातार प्रयोग शुरू किए। उन्हीं के एआई प्रयोग से तैयार अनंत अंबानी की शादी की तस्वीरें उस समय चर्चा का विषय बनी थीं, जिन्हें देशभर के प्रमुख टीवी चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने दिखाया। उसके बाद से उन्होंने टाइम्स ग्रुप से जुड़े कई और ब्रांडों को एआई ट्रेनिंग दी।
राहुल का मानना है कि एआई और भारतीय अखबारों का मेलजोल पत्रकारिता के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। वे इस क्षेत्र में शोध और प्रायोगिक कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं, ताकि हिंदी मीडिया डिजिटल बदलाव की इस दौड़ में अग्रणी भूमिका निभा सके। 22 साल के करियर में राहुल पाण्डेय ने आई नेक्स्ट, अमर उजाला, दैनिक जागरण, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक भास्कर, चेतना मंच और हरिभूमि डॉट कॉम (जहां वे संस्थापक संपादक रहे) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है।
उनका यूट्यूब चैनल पहले से ही अदालत से जुड़े राजनीतिक और आपराधिक मामलों की खोजी पत्रकारिता के लिए जाना जाता है- विशेष रूप से जज लोया मामले पर की गई रिपोर्टिंग के कारण। अपने चैनल पर उन्होंने पहली बार पीएम केयर फंड से जुड़ा घोटाला ब्रेक किया था। अब वे इसी चैनल और एआई आधारित मीडिया पहलों को अपना मुख्य फोकस बना रहे हैं।
राहुल कहते हैं कि पत्रकारिता का भविष्य स्वतंत्रता और तकनीक के संगम में है। एआई से डरने की नहीं, उसे पत्रकारिता के हथियार में बदलने की ज़रूरत है। राहुल पाण्डेय से संपर्क उनकी मेल आईडी [email protected] पर किया जा सकता है।


