जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (ZMCL) ने 13 जून 2026 को प्रस्तावित असाधारण आम बैठक (EGM) से पहले एक महत्वपूर्ण करिजेंडम जारी करते हुए 119 करोड़ रुपये की फंड जुटाने की योजना के उपयोग का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। कंपनी यह राशि प्रेफरेंशियल आधार पर फुली कन्वर्टिबल वारंट जारी करके जुटाने जा रही है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को दी सूचना में बताया कि EGM का नोटिस 22 मई को जारी किया गया था। इसके बाद प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए बीएसई और एनएसई से इन-प्रिंसिपल मंजूरी लेने की प्रक्रिया के दौरान एनएसई ने फंड के उपयोग को लेकर अतिरिक्त जानकारी मांगी। इसी के बाद कंपनी ने संशोधित विवरण जारी किया है।
कंपनी के अनुसार, जुटाई जाने वाली 119 करोड़ रुपये की राशि का सबसे बड़ा हिस्सा 75 करोड़ रुपये मौजूदा देनदारियों के भुगतान में खर्च होगा। इसमें वेंडर्स और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स के बकाये, घरेलू और विदेशी ट्रांसपोंडर शुल्क, वर्किंग कैपिटल लोन तथा अन्य अल्पकालिक देनदारियां शामिल हैं।
इसके अलावा 25 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) पर खर्च किए जाएंगे। इस राशि से नए ब्रॉडकास्ट उपकरण खरीदे जाएंगे, न्यूज रूम का आधुनिकीकरण किया जाएगा और मौजूदा तकनीकी परिसंपत्तियों को अपग्रेड किया जाएगा।
शेष 19 करोड़ रुपये सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों और बिजनेस विस्तार के लिए रखे जाएंगे। कंपनी ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर यह राशि उसकी सहायक कंपनियों के कारोबार विस्तार और वित्तीय जरूरतों में भी इस्तेमाल की जा सकती है, जिसके लिए बोर्ड या अधिकृत समिति की मंजूरी आवश्यक होगी।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फंड जुटाने का प्रस्ताव नॉन-प्रमोटर और नॉन-प्रमोटर ग्रुप निवेशकों को फुली कन्वर्टिबल वारंट जारी करने से संबंधित है, जिस पर 13 जून को होने वाली EGM में शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जाएगी।
जी मीडिया ने कहा है कि करिजेंडम EGM नोटिस का अभिन्न हिस्सा है और शेयरधारकों को मूल नोटिस के साथ इसे भी पढ़ना चाहिए। संशोधित दस्तावेज कंपनी, बीएसई, एनएसई और एनएसडीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।
न्यू दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से बड़ी राहत मिली है। बाजार नियामक ने 2009 के कुछ समझौतों और उनसे जुड़े खुलासों (डिस्क्लोजर) को लेकर चल रही जांच को समाप्त कर दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि कंपनी ने लिस्टिंग नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया और उस पर किसी प्रकार का आर्थिक दंड भी नहीं लगाया जाएगा।
NDTV ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी सूचना में बताया कि SEBI के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर ने 29 मई 2026 को पारित आदेश में कंपनी के खिलाफ जारी कार्यवाही को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी को यह आदेश 1 जून को प्राप्त हुआ।
मामला 2020 में जारी किए गए एक शो-कॉज नोटिस से जुड़ा था। SEBI का आरोप था कि NDTV ने 2009 में हुए कुछ समझौतों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का खुलासा नहीं किया और इस तरह SEBI (LODR) नियमों के तहत निर्धारित डिस्क्लोजर दायित्वों का पालन नहीं किया।
यह विवाद VCPL, RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी के तत्कालीन प्रमोटरों के बीच हुए समझौतों से संबंधित था। नियामक यह जांच कर रहा था कि क्या इन समझौतों की जानकारी निवेशकों और शेयर बाजार को अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए थी।
हालांकि, मामले की सुनवाई और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद SEBI के एडजुडिकेटिंग ऑफिसर ने माना कि शो-कॉज नोटिस में जिन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया था, उनमें कंपनी पर ऐसा कोई अनिवार्य डिस्क्लोजर दायित्व बनता ही नहीं था। इसी आधार पर पूरी एडजुडिकेशन प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया।
NDTV ने कहा है कि इस आदेश का कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति या परिचालन गतिविधियों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। चूंकि कंपनी पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है, इसलिए उसे किसी वित्तीय दायित्व का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
SEBI के इस फैसले को NDTV के लिए बड़ी कानूनी और नियामकीय राहत माना जा रहा है, क्योंकि इससे 16 साल पुराने विवाद का पटाक्षेप हो गया है।



