सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta Platforms ने Molitics के फेसबुक पेज को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है। प्लेटफॉर्म की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यह कार्रवाई भारत सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नोटिस के आधार पर की गई है।
नोटिस के मुताबिक, यह प्रतिबंध Information Technology Act 2000 की धारा 79(3)(b) के तहत लगाया गया है, जिसके तहत स्थानीय कानूनों के उल्लंघन की स्थिति में कंटेंट को सीमित किया जा सकता है। इसके चलते अब भारत में इस पेज का कंटेंट एक्सेस नहीं किया जा सकेगा।
इस कार्रवाई के बाद संबंधित पक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है—जहां एक ओर कुछ लोग इसे कानून के तहत जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे सेंसरशिप करार दिया जा रहा है।
फिलहाल, इस मामले में सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। वहीं, यह मुद्दा एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट नियंत्रण और फ्री स्पीच के बीच संतुलन को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
ताक़त के शीर्ष में बैठे लोग अगर सच से असहज होने लगें तो पत्रकारिता का स्तंभ ढहने लगता है। विगत कई सालों से ऐसा हो रहा है। और अब चोट करने की स्पीड बढ़ गई है।
molitics india जिसका मक़सद जनहितैषी मुद्दों पर बात करना है, लोगों की आवाज़ उठाना है, वैज्ञानिक चेतना का प्रसार है, पिछले कई सालों से इस दिशा में काम कर रहा है।
इसकी सज़ा भी मिलती रही है। एक और सज़ा मिली है। हमारा फेसबुक पेज़ हमारे देश में रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है। कोई कारण नहीं बताया गया। आप सब लोगों से आग्रह है इस स्थिति में हमारे साथ खड़े हों! -नीरज झा, संपादक, molitics india
Molitics के एक्स हैंडल से हुआ ट्वीट-
तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्त-नशीं था, उसको भी अपने ख़ुदा होने पे इतना ही यक़ीं था।
भारत सरकार के कहने पर एक बार फिर Molitics पर कार्रवाई की गई है। सच्चाई दिखाने के हमारे संकल्प पर लगातार हमले हो रहे हैं। कभी हमारे कार्टून पर एक्शन लिया गया, कभी हमारे वीडियो पर, और अब सरकार ने IT Act का हवाला देते हुए हमारे फेसबुक अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया है।
सरकार नहीं चाहती कि सच्चाई जनता तक पहुंचे और शायद हम वही सच्चाई दिखा रहे थे जो अब जुर्म बन चुकी है। इसी वजह से हमारे अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित किया गया है।
कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत में satire कम हो गया है। लेकिन सच्चाई यह है कि satire तो दूर, ये लोग सच्चाई के कुछ शब्द भी सुनने को तैयार नहीं हैं।
भारत में IT Act के नाम पर उन अकाउंट्स को निशाना बनाया जा रहा है, जो सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं। यह दौर दबाव और डर का हो सकता है, लेकिन हमारी आवाज नहीं दबेगी।
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