विश्व दीपक-
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे को जोड़ने वाला Missing Link बनवाया. लागत आई ₹7000 करोड़ जबकि इसकी लंबाई है मात्र 13.3 किलोमीटर.
उद्घाटन के 9 हफ्ते के बाद ही लिंक टूट गया. पहली बरसात में ही इसकी धज्जियां उड़ गईं. ₹7000 करोड़ का महाराष्ट्र का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट 70 दिन भी नहीं चला.

अब जबकि लिंक धराशाई पड़ा है जनता त्रस्त है, नेता जी और उनकी टीम हेडलाइन मैनेजमेंट में व्यस्त है. भक्त भाई लोग सन्नाटे में हैं. अच्छे दिन और विकास के जुमले में इतने छेद हो चुके हैं कि गिनना मुश्किल हो रहा है अब.
इस प्रोजेक्ट से जनता को कितना फायदा हुआ मालूम है? मुंबई और पुणे के बीच की दूरी 6 किलोमीटर कम हो गई. 20-30 मिनट समय की बचत हुई. वह भी तब जब आप 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी दौड़ाएं तब.
भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने प्रोपगंडा का ढोल पीटकर जनता को बताया कि आधारभूत संरचना के मामले में भारत दिन दूनी रात चौगुनी तरक्करी कर रहा है. यह है उस तरक्की की सचाई. एक्सप्रेस वे निर्माण मोदी राज का सबसे बड़ा घोटाला है जो सतत जारी है.
आवेश तिवारी-
नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड अक्टूबर 2018 में कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर आयकर (IT) विभाग के छापों की जद में आई थी ।
छापों के ठीक छह महीने बाद, अप्रैल 2019 में कंपनी ने 30 करोड़ रुपये के इलेक्टोरल बांड खरीदे । इसके बाद, अक्टूबर 2022 में भी कंपनी ने 10 करोड़ रुपये के बांड खरीदे । कुल मिलाकर 55 करोड़ की यह रकम सीधे भाजपा को दान की गई ।
यह कंपनी उत्तराखंड में स्थित उस सिल्क्यारा-बरकोट सुरंग के निर्माण के लिए भी चर्चा में आई थी, जिसका एक हिस्सा नवंबर 2023 में ढह गया था ।इस हादसे के कारण 41 मजदूर कई दिनों तक सुरंग में फंसे रह गए थे।
नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे Missing Link Project के सुरंग निर्माण का ठेका दिया गया था।
तेलंगाना की बहुचर्चित कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के तहत बने सुंडिला और अन्य बैराजों में आई दरारों और नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने नवयुग और अन्य निर्माण कंपनियों को नोटिस जारी किए थे
इसी कंपनी ने पुणे मुंबई मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में सात हज़ार करोड़ की लागत से टनल का निर्माण किया था जो आज गिर पड़ा।
(@ShekharGupta यह है भाजपा का असल इंस्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जिसकी आपने कल चर्चा की थी।)


