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पंजाब केसरी डिजिटल पर रिपोर्टरों का खबरों की बजाय विज्ञापन टारगेट पूरा करने का दबाव बनाने का आरोप!

सेवा में,
संपादक महोदय,
भड़ास4मीडिया

​विषय: पंजाब केसरी डिजिटल न्यूज चैनल में पत्रकारों पर विज्ञापन के अनैतिक दबाव और उत्पीड़न के संबंध में।

​महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं नितिन अग्रहरि हूँ। हाल ही में मैं और मेरे कुछ साथी पत्रकार पंजाब केसरी के डिजिटल न्यूज चैनल की टीम का हिस्सा बने थे। हम सभी को लखनऊ के हमारे वरिष्ठ पत्रकार आदरणीय राहुल मिश्रा जी के नेतृत्व में इस संस्थान से जोड़ा गया था, ताकि हम उनके मार्गदर्शन में बेहतर और निष्पक्ष पत्रकारिता कर सकें।

​लेकिन चैनल में शामिल होने के कुछ ही समय बाद, पंजाब केसरी के मैनेजमेंट द्वारा हम सभी पत्रकारों पर खबरों के बजाय विज्ञापन (बिजनेस टारगेट) लाने का अत्यधिक और अनैतिक दबाव बनाया जाने लगा। हैरान करने वाली बात यह है कि हमारे वरिष्ठ राहुल मिश्रा जी पर भी ज्वाइनिंग के तुरंत बाद से ही विज्ञापन लाने का दबाव डाला गया, जिसके विरोध स्वरूप और संस्थान के इस रवैये से आहत होकर उन्होंने ज्वाइन करने के मात्र 2 हफ्ते के भीतर ही चैनल का ऑफिशियल ग्रुप छोड़ दिया और खुद को संस्थान से अलग कर लिया।

​राहुल मिश्रा जी के जाने के बाद, उनकी टीम के जरिए जुड़े हम बाकी पत्रकारों पर असाइनमेंट हेड पंखिल वर्मा द्वारा विज्ञापन लाने का दबाव और ज्यादा बढ़ा दिया गया। जब मानसिक उत्पीड़न की स्थिति पैदा होने लगी, तो मैंने चैनल के ऑफिशियल ग्रुप में इस व्यवस्था का खुलकर विरोध किया। मेरी बात सुनने या समस्या का समाधान करने के बजाय, असाइनमेंट हेड पंखिल वर्मा ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए मुझे तत्काल ऑफिशियल ग्रुप से रिमूव (बाहर) कर दिया। वर्तमान में हमारे अन्य साथी पत्रकारों को भी इसी तरह डराया और प्रताड़ित किया जा रहा है।

​मैं इस पत्र के साथ साक्ष्य के तौर पर ऑफिशियल ग्रुप के स्क्रीनशॉट्स भी संलग्न कर रहा हूँ।

WhatsApp group screen showing a media download card: 96 MB, 15 videos, with blurred thumbnails and a '+12' placeholder; a Hindi message from Pankhil Verma in a green chat bubble; a notice says you can't send messages because you're not a member.
Screen showing a dark-themed group members list for 'PK U.P Group' with circular avatar icons, names (e.g., Pankhil Verma, Shivam Pandey, Akash_vaibhav), some entries labeled 'Group Admin', and partially visible phone numbers.

भवदीय,
​नितिन अग्रहरि


इस प्रकरण पर भड़ास4मीडिया ने पंखिल वर्मा को फोन लगाया लेकिन दूसरी तरफ से उठा नहीं। इसके बाद दूसरे एडमिन शिवम वर्मा से बात हुई। शिवम ने बताया कि मुझे विज्ञापन लाने अथवा दबाव बनाने संबंधी जैसी कोई जानकारी नहीं है। पंखिल वर्मा जो पॉलिटिकल एडिटर हैं वही बता पाएंगे। हमने शिवम का पद पूछा तो बताया गया कि उनका कोई पद नहीं है, उन्हें बस यूपी में टीम जोड़ने के लिए ग्रुप में एडमिन बनाया गया है।

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