नरेंद्र प्रताप-
UP- अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की चोरी का मामला-
अखिलेश यादव के आरोपों पर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक वीडियो जारी करके आरोपों को एक तरह से निराधार बताया था. मगर “दैनिक जागरण” ने 4 कदम आगे का काम किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक- दर्शन मार्ग में रखे 4 दर्जन दानपात्र से चढ़ावे की गिनती के लिए SBI अधिकृत है. बैंक ने इस कार्यक्रम का ठेका निजी ऐजेंसी को दे दिया. निजी कंपनी ने माल डकारने का खेल शुरू कर दिया. शुक्रवार को CCTV फुटेज में संदिग्ध पकड़ में आया. पुलिस ने 4 कर्मियों को हिरासत में लिया. उनकी निशानदेही पर रकम बरामद की. ट्रस्टी ने FIR दर्ज कराने की धमकी दी थी लेकिन FIR नहीं कराई. एक ट्रस्टी ने वरिष्ठ कर्मी को सेवा से बाहर निकाल दिया है. SBI कर्मियों के भी इस चोरी में शामिल होने की आशंका है.
दिलचस्प यह है कि रिपोर्ट में मंदिर व्यवस्थापक गोपाल राव का बयान है कि उन्हें कुछ पता ही नहीं. एसपी सुरक्षा इस मामले को अफवाह बता रहे है.
अब सवाल यह है कि अखिलेश यादव झूठे है, दैनिक जागरण झूठा है या फिर मंदिर ट्रस्ट झूठा है.
कोई तो है जो झूठ बोल रहा है.
चंपत राय जी
परीक्षा में पेपर लीक। राम मंदिर के दान पात्र में लीक! लोग कहाँ जाएंगे ?
जागरण की हेडलाइन आपके खंडन से प्रभावित नहीं है। हो सकता है कि आपकी बात सही हो मगर बात पर भरोसा कोई कैसे करे। उसके लिए कोई तो पारदर्शी कदम उठाइये।
देखो ओ दीवानों तुम ये काम न करो…
-रवीश कुमार

अभिषेक उपाध्याय-
बड़ी ख़बर- आखिरकार सपने पर मुहर लग गई।
ये स्थापित हो गया कि अयोध्या के राममंदिर के दानपात्र में चोरी हुई। जो स्वप्न देखा था, वो हूबहू सही निकला। दैनिक जागरण की रिपोर्ट ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। पढ़िए।
दैनिक जागरण साफ लिख रहा है कि राम मंदिर के दानपात्र की धनराशि में गबन किया गया। चार संदिग्ध दबोचे गए। सीसीटीवी से पकड़ी गई गड़बड़ी।
पिछले करीब 36 घंटों से प्रशासन चुप्पी साधे बैठा था। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय रात में बयान जारी कर रहे थे कि ऑडिट चल रही है, कुछ उल्लेखनीय नहीं मिला है।
अब सारा उल्लेखनीय सामने आ गया? सोचिए, ये राम को पूजने का दावा करने वाले लोग हैं और राम की मर्यादा का लेशमात्र भी अंश इनके भीतर नहीं।
गोस्वामी तुलसीदास मानस में ठीक ही लिख गए हैं-
“जाके प्रिय न राम-बदैही।
तजिये ताहि कोटि बैरी सम, जद्यपि परम सनेही॥”
यानि जिसे राम-जानकी प्यारे न हों, उनकी मर्यादा प्यारी न हो,
उसका करोड़ों शत्रुओं के समान ही त्याग कर देना चाहिए, फिर वो आपका कितना ही प्रिय क्यों न हो!!”
इस मामले में ShriRamTeerth ट्रस्ट को हर पहलू स्पष्ट करना चाहिए, चंपत राय का बयान सच्चाई लाने की जगह संदेह को पनपाने वाला और लीपापोती की क़वायद सरीखा है।
तस्वीर साफ़ इसलिए होनी चाहिए क्योंकि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा मामला है। राममंदिर व रामभक्तों के चिरद्रोहियों को इस मसले में विषवमन का अवसर न मिले इसलिए भी सच्चाई सामने आनी ज़रूरी है।
-ज्ञानेंद्र शुक्ला
सचिन गुप्ता-
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार– “अयोध्या राम मंदिर परिसर में करीब 50 दानपात्र रखे हैं। दानपात्रों से रोजाना चंदा निकालकर उसकी गिनती करके SBI खाते में जमा किया जाता है। SBI ने दानपात्रों से चंदा निकालने के लिए प्राइवेट एजेंसी की ड्यूटी लगा रखी है। CCTV में चंदा गबन करने का मामला पकड़ा गया। 4 कर्मियों से पूछताछ हुई है”
हालांकि अयोध्या पुलिस और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोग चंदे में गबन की खबरों को झूठा बता रहे हैं!

प्रत्यक्ष मिश्रा-
भगवान राम के नाम पर मिला चंदा भी डकार गए?
जहां एक तरफ देश-दुनिया के रामभक्त अपनी श्रद्धा से प्रभु श्री राम के चरणों में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा दान कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग भगवान के नाम का चंदा भी डकारने से बाज नहीं आ रहे हैं।
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या राम मंदिर परिसर में करीब 50 दानपात्र रखे गए हैं।
इन दानपात्रों से रोजाना चंदा निकालकर उसकी गिनती की जाती है और उसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के खाते में जमा किया जाता है।
चंदा चोरों गद्दी छोड़ो।
इस ख़बर को ध्यान से पढ़िये तो साफ़ हो जायेगा प्रभु श्री राम के नाम पर आने वाले चढ़ावे में चोरी की गई है।
CCTV से पकड़ी गई है चोरी।
चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
चढ़ावा गिनने वाले अविनाश शुक्ल से चोरी के 5 लाख रुपए बरामद भी किए गए।
इतना सब कुछ के बावजूद बेशर्म भाजपाई कह रहे हैं “चढ़ावे में चोरी नहीं हुई”
प्रभु श्री राम को तो बख़्श दो भाजपाइयों।
“राम के नाम पर चंदा चोरी नहीं चलेगी नहीं चलेगी”
-संजय सिंह, सांसद


