अनिल कुमार-
उत्तर प्रदेश में रिटायर एआरटीओ ललित कुमार (ARTO Lalit Kumar) के यहां से करोड़ों रुपये नकद, 13 किलो सोना, नौ किलो चांदी और अरबों रुपये की 15 प्रॉपर्टी मिली है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के निन्यानबे फीसदी अधिकारी इतने ही धनवान हैं. आप कल्याण विभाग में छापा मार दीजिये, परिवहन विभाग में छापा मार दीजिये, आप लोक निर्माण विभाग में छापा मार दीजिये, आप चिकित्सा विभाग में छापा मार दीजिये, आप सूचना विभाग में छापा मार दीजिये, आप ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में छापा मार दीजिये, आप आयुष विभाग में छापा मार दीजिये, आप एमएसएमई में छापा मार दीजिये, आप पर्यटन में छापा मार दीजिये, आप विकास प्राधिकरणों में छापा मार दीजिये. आप गन्ना, सिंचाई, आबकारी, खाद्य रसद कहीं भी छापा मार दीजिये यानी उत्तर प्रदेश के जिस भी विभाग में छापा मारेंगे वहां चपरासी से लेकर अधिकारी तक करोड़पति, अरबपति मिलेगा. सबके पास मेहनत से कमाया गया सोना, चांदी, प्रॉपर्टी, नकद मिल ही जायेगा. कोई दो चार अभागा हो तो नहीं कहा जा सकता है.
और उत्तर प्रदेश के भाग्यविधाता आईएएस, आईपीएस, पीपीएस और पीसीएस अधिकारियों का तो कहना ही क्या? इनके हाथ तो पद मिलते ही कुबेर का खजाना लग जाता है. ये दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करने लगते हैं. और ये लोग इतने दानी होते हैं कि जमीन जायदाद, कंपनी तक नौकर चाकरों के नाम बनवा डालते हैं.
उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि अदना सा भी अधिकारी सौ दो सौ करोड़ से कम का आसामी नहीं होगा. बड़े वाले तो खैर हजार से दस हजार करोड़ तक के आसामी होते ही है. उनका घर भी सोने, चांदी, धन धान्य से भरा होता है. उत्तर प्रदेश का परम सौभाग्य है कि यहां का थानेदार करोड़पति, अरबपति होता है तो उनके मालिकान लोगों का तो खैर पूछना ही क्या? तहसील से लेकर थानों तक में नियुक्त हर व्यक्ति इस प्रदेश की अर्थव्यवस्था को संभालता है. पूरा प्रदेश ऐसे सरकारी अधिकारी, कर्मचारी का शुक्रगुजार है.
मंत्रीजी लोगों का तो खैर कहना ही क्या, जो जिस विभाग में है, वहीं से तरक्की का सारा रास्ता तलाश ले रहा है. इनके घर भी सोने, चांदी, नगदी की भरमार होती है. बस ये पकड़े तब जाते हैं, जब केंद्र में दूसरी सरकार होती है और इनकी उनसे पटती नहीं है. बाकी तो सब सोना और चांदी ही है.

मैं रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार जी का आभार मानता हूं कि उन्होंने आने वाली कई पीढि़यों के लिये मेहनत की थी. संभव है कि कुछ टैक्स वगैरह काटकर सरकार उनके मेहनत का पैसा और सोना-चांदी वापस कर दे. वैसे, वापस करना भी चाहिये, क्योंकि ना जाने कितनी मेहनत से दिन रात जग जगकर, अठारह अठारह घंटे मेहनत करके इतना रकम कमाया होगा. सच भी है, कि इतना रकम कमाना इतना आसान नहीं होता है, जितना हम लोगों को लगता है. इसके लिये बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं.
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