नई दिल्ली। Tata Sons की प्रस्तावित लिस्टिंग को लेकर Tata Trusts और Tata Sons के बीच बढ़ते मतभेद का असर अब शेयर बाजार में भी दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को Tata Group की कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते समूह की कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब ₹40 हजार करोड़ की कमी आई।
Tata Sons में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले Tata Trusts ने कंपनी की प्रस्तावित शेयर बाजार लिस्टिंग को लेकर सहमति नहीं जताई है। इसी बीच Tata Sons के बोर्ड ने चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए फिर नियुक्त करने का फैसला किया। रिपोर्टों के मुताबिक Tata Trusts ने इस फैसले पर भी आपत्ति जताई है और इसकी वैधता को लेकर सवाल उठाए हैं।
Tata Group के शेयरों में शुक्रवार को इसका असर साफ दिखाई दिया। Tata Chemicals के शेयर में करीब 11 फीसदी की गिरावट आई, जबकि Tata Consultancy Services (TCS) करीब 3.9 फीसदी नीचे रहा। समूह की कई अन्य सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे।
Financial Express के मुताबिक, 26 सूचीबद्ध Tata कंपनियों में से केवल सात कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। समूह का कुल बाजार पूंजीकरण करीब ₹51,413 करोड़ घटकर लगभग ₹25.28 लाख करोड़ रह गया। Reuters ने भी समूह की कंपनियों के बाजार मूल्य में करीब 4 अरब डॉलर की कमी की रिपोर्ट दी है।
Tata Sons की लिस्टिंग का मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की स्थिति में Tata Sons की हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों के लिए बड़ी वित्तीय अहमियत पैदा हो सकती है। वहीं, Tata Trusts का रुख इस पूरे मामले में निर्णायक माना जा रहा है क्योंकि उसके पास Tata Sons की बहुमत हिस्सेदारी है।
इस विवाद के बीच Shapoorji Pallonji Group भी महत्वपूर्ण पक्ष बनकर सामने आया है। उसके पास Tata Sons में करीब 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है। समूह अपनी हिस्सेदारी के एक हिस्से को भुनाने के विकल्प पर विचार कर रहा है और Tata Sons की लिस्टिंग के पक्ष में बताया जा रहा है।
फिलहाल Tata Trusts और Tata Sons के बीच लिस्टिंग तथा नेतृत्व को लेकर मतभेद का अंतिम समाधान सामने नहीं आया है। इस विवाद का असर Tata Group की सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों पर कितना और पड़ता है, यह आने वाले कारोबारी सत्रों में स्पष्ट होगा।
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