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उत्तर प्रदेश

‘हिंदी खबर’ और ‘लिविंग इंडिया’ के संपादकों-रिपोर्टरों की गिरफ्तारी पर गाजीपुर के पत्रकारों में आक्रोश!

Seven men in a wood-paneled office exchange a document; a man in a yellow kurta and hat extends his hand toward the papers as others look on.

गाजीपुर। हरियाणा पुलिस द्वारा ‘हिंदी खबर’ और ‘लिविंग इंडिया’ के संपादकों अतुल अग्रवाल, सौरभ उपाध्याय, सुदेश नैना मोर महिला पत्रकार एवं पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी को लेकर पत्रकार संगठनों में नाराजगी सामने आई है। इस मामले को लेकर प्रेस क्लब गाजीपुर एवं गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी गाजीपुर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मामले में निष्पक्ष जांच और पत्रकारों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

ज्ञापन के माध्यम से पत्रकार संगठनों ने आरोप लगाया कि नशे के कारोबार को उजागर करने वाले पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका जनहित के मुद्दों को सामने लाने और व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की है। ऐसे में पत्रकारों के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग

पत्रकार संगठनों ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही संबंधित पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा करने की भी अपील की। संगठनों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई सामने आती है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून लागू करने की मांग

ज्ञापन में देशभर में पत्रकारों के उत्पीड़न पर रोक लगाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी उठाई गई। पत्रकार संगठनों ने कहा कि पत्रकारों को निर्भीक होकर जनहित के मुद्दों को सामने रखने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए उनकी सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

पत्रकार संगठनों ने मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा, पुलिस कार्रवाई की समीक्षा और पत्रकारिता की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई।

पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए पत्रकारों से जुड़े ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इस मौके पर गाज़ीपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष शिवकुमार कुशवाहा, पत्रकार एशोसिएशन के अध्यक्ष सूर्यवीर सिंह, मनीष मिश्रा, आलोक त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, विनय यादव, रविकांत पांडेय, पवन मिश्रा, विनीत दुबे आदि मौजूद रहे।

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