Connect with us

Hi, what are you looking for?

आयोजन

NDTV Profit Ignite के दिवाली विशेष आयोजन में एक मंच पर जुटे बाजार के दिग्गज, निवेश का शेयर किया नजरिया!

Collage from NDTV Profit Ignite Diwali Edition event showing speakers, interviews, and group photos on stage and studio setups.

नई दिल्ली। NDTV Profit Ignite के दिवाली विशेष आयोजन में पूंजी बाजार, निवेश, कारोबार और नीतिगत क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मुंबई में एक मंच पर जुटीं। इस आयोजन में निवेशकों को नए संवत में बाजार की अनिश्चितताओं से निपटने और निवेश के अवसरों की पहचान करने को लेकर अलग-अलग नजरिये सुनने का मौका मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीषकुमार चौहान तथा अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने पारंपरिक घंटा बजाकर की। इसके साथ ही बाजार, निवेश और संपत्ति निर्माण से जुड़ी चर्चाओं का सिलसिला शुरू हुआ।

इस आयोजन में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे, आशीषकुमार चौहान, वरिष्ठ निवेशक रमेश दमानी, ICICI Prudential AMC के एस. नरेन, मोतीलाल ओसवाल के सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल, क्वांट म्यूचुअल फंड के संस्थापक संदीप टंडन, निवेशक विजय केडिया, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर रंजय गुलाटी और अभिनेत्री एवं उद्यमी तमन्ना भाटिया शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं और संस्थागत निवेशकों सहित 150 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन ऐसे समय हुआ, जब बीते संवत के दौरान निफ्टी में 11.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की पूंजी निकासी भी बाजार के सामने बड़ी चुनौतियां थीं। चर्चा में वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में निवेश की तेजी, रुपये की कमजोरी और कंपनियों की कमाई की संभावनाओं जैसे मुद्दे शामिल रहे। वक्ताओं ने इन चुनौतियों के बावजूद भारत की दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण क्षमता को लेकर सतर्क आशावाद जताया।

NDTV के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा, “जैसे-जैसे ज्यादा भारतीय देश के पूंजी बाजारों में हिस्सा ले रहे हैं, वैसे-वैसे विश्वसनीय जानकारी और तथ्यों की पड़ताल की जरूरत भी बढ़ रही है। NDTV Profit Ignite के जरिए हम अपने दर्शकों को उन लोगों के करीब लाते हैं, जो नीतियां बना रहे हैं, कारोबार खड़ा कर रहे हैं और निवेश से जुड़े फैसले ले रहे हैं। हमारा उद्देश्य महत्वपूर्ण सवाल पूछना, अवसरों और जोखिमों की पड़ताल करना और निवेशकों को उनके वित्तीय भविष्य के बारे में अधिक स्पष्टता के साथ फैसले लेने में मदद करना है।”

मुख्य संबोधन में SEBI चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने पूंजी बाजार को और गहरा तथा आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि करीब 2,000 कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए तैयार किया जा सकता है। इसके लिए अनुपालन की लागत कम करने और विदेशी निवेशकों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाने की जरूरत पर जोर दिया। खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्होंने निवेशकों की सुरक्षा, डेरिवेटिव कारोबार के जोखिमों के प्रति जागरूकता और भ्रामक वित्तीय प्रचार करने वाले प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

आशीषकुमार चौहान ने बताया कि वैश्विक स्तर पर AI में निवेश की तेजी पूंजी के प्रवाह को किस तरह प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत के पास AI निवेश को लेकर कोई बड़ा घरेलू बाजार विमर्श नहीं है, लेकिन यदि वैश्विक AI कारोबार में तेजी का दौर उलटता है तो भारतीय बाजारों को इसका लाभ मिल सकता है।

वर्ष 2020 से 2024 के बीच तेज बढ़त के बाद भारतीय शेयर बाजार में आए ठहराव और बदलाव भी चर्चा का प्रमुख विषय रहे। रमेश दमानी ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव की आशंका जताई, लेकिन भारत को लेकर अपना दीर्घकालिक भरोसा भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार ऐतिहासिक रूप से हर दशक में लगभग पांच गुना बढ़ा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि बाजार में रिटर्न हमेशा एक समान गति से नहीं मिलता। कई बार कमजोर प्रदर्शन का दौर आगे बेहतर बढ़त का आधार बनता है।

एस. नरेन ने विपरीत परिस्थितियों में निवेश यानी कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टिंग की संभावनाओं पर बात की। उन्होंने सुझाव दिया कि निवेशक अमेरिकी AI कारोबार में अपनी हिस्सेदारी कम करने और भारत जैसे उन बाजारों पर ध्यान देने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं, जिन्होंने हाल में कमजोर प्रदर्शन किया है। उन्होंने वित्तीय सेवाओं, बीमा, एफएमसीजी और आईटी क्षेत्रों में अलग-अलग तरह के निवेश अवसरों की ओर भी ध्यान दिलाया।

रामदेव अग्रवाल ने निवेश के नजरिये से कंपनियों की कमाई को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि कंपनियों की कमाई में लगातार बढ़ोतरी होगी तो उसका असर अंततः शेयर बाजार के प्रदर्शन में भी दिखाई देना चाहिए। उनकी बात ने व्यापक आर्थिक परिस्थितियों के बीच कंपनियों के बुनियादी प्रदर्शन और कारोबारी मजबूती के महत्व को रेखांकित किया।

संदीप टंडन ने कहा कि बाजार में आई गिरावट का सबसे बुरा दौर शायद पीछे छूट चुका है। हालांकि, टंडन और विजय केडिया दोनों ने निवेश के मामले में सावधानी और सही शेयरों के चयन पर जोर दिया। उनका कहना था कि बाजार की व्यापक स्थिति में सुधार का मतलब यह नहीं है कि हर शेयर निवेश के लिए आकर्षक हो गया है।

NDTV Profit की मैनेजिंग एडिटर तमन्ना इनामदार ने कहा, “NDTV Profit Ignite का दिवाली विशेष आयोजन महज तीन वर्षों में इस सीजन का प्रमुख कार्यक्रम बन गया है। इस साल बाजार के उन अनुभवी निवेशकों के साथ हुई बातचीत और भी प्रासंगिक रही, जिन्होंने तेजी और मंदी के कई दौर देखे हैं। नए संवत में प्रवेश करते हुए संदेश साफ था कि वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद भारत की विकास गाथा पर भरोसा बनाए रखने का समय है।”

कार्यक्रम में उद्यमिता पर भी चर्चा हुई। अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने अपने उद्यम ‘तमन्ना फाइन ज्वेलरी’ की यात्रा साझा की। तमन्ना इनामदार के साथ बातचीत में उन्होंने अपने कारोबारी परिवार की पृष्ठभूमि, आभूषणों के प्रति अपने लगाव और बाजार में पहचानी गई एक कमी के बारे में बताया, जिसके आधार पर उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया। जब उनसे पूछा गया कि वह इस उद्यम में खुद को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) या मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) के रूप में देखती हैं, तो उन्होंने अपनी भूमिका को क्रिएटिव डायरेक्टर बताया। उन्होंने कहा कि डिजाइन प्रक्रिया से उनका सीधा जुड़ाव है।

हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर रंजय गुलाटी ने नेतृत्व और बदलते कारोबारी माहौल पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि AI जैसी नई तकनीकों और बड़े बदलावों के दौर में व्यक्ति और संगठन खुद को किस तरह तैयार कर सकते हैं। उन्होंने मापे जा सकने वाले जोखिम और अनिश्चितता के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि डर के बावजूद कार्रवाई करने की क्षमता विकसित करना जरूरी है।

NDTV Profit Ignite के दिवाली विशेष आयोजन में निवेशकों के सामने मौजूद चुनौतियों और भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस कार्यक्रम के जरिए NDTV Profit ने पत्रकारिता और विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से दर्शकों को वित्तीय फैसले लेने के लिए भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। चैनल की टैगलाइन है- ‘फॉर योर प्रॉफिट’।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन