Connect with us

Hi, what are you looking for?

वेब-सिनेमा

मुंबई में ‘Jio’ की लिस्टिंग समारोह में अनंत की मौजूदगी ने उनकी शख्सियत के एक और पहलू को देखने का अवसर दिया!

Speaker in a dark suit delivering a speech at a podium labeled NSE, with a Jio logo backdrop.

विवेक शुक्ला-

अनंत अंबानी को जितना अधिक देखता हूं, मुकेश और नीता अंबानी के छोटे बेटे के प्रति मेरी पसंद उतनी ही बढ़ती जाती है। हमेशा मुस्कुराते रहने वाले अनंत अंबानी की शख्सियत में कुछ ऐसा है, जो लोगों का ध्यान खींचता है।

हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जामनगर का दौरा कर अनंत अंबानी के वनतारा प्रोजेक्ट पर चर्चा की। वहीं, मुंबई में जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग समारोह में अनंत की मौजूदगी ने उनकी शख्सियत के एक और पहलू को देखने का अवसर दिया। यह पहलू है- सार्वजनिक रूप से बोलने की उनकी कला।

अनंत एक शांत वक्ता हैं। वह हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में अपने विचारों को पूरे आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करते हैं। हिंदी बोलने में उन्हें न तो कोई झिझक होती है और न ही किसी तरह की शर्मिंदगी महसूस होती है। यह छोटी बात नहीं है, खासकर तब, जब कॉरपोरेट जगत में अंग्रेजी को अनौपचारिक रूप से कामकाज और संवाद की प्रमुख भाषा माना जाता है। हालांकि, शायद मारवाड़ी कारोबारी इस मामले में एक अपवाद हैं।

उनके भाषण में सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात आत्मविश्वास, गर्मजोशी और विनम्रता का मेल है। वह बड़ी सभा को संबोधित करते हुए सहज दिखाई देते हैं। उनके भाषण केवल कॉरपोरेट प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनमें परिवार का इतिहास, देश की आकांक्षाएं और कर्मचारियों तथा ग्राहकों के योगदान जैसे विषय भी शामिल होते हैं।

देश में कई प्रमुख कारोबारी परिवार हैं, जिनकी अगली पीढ़ी अब नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभाल रही है। एचसीएलटेक के संस्थापक शिव नाडर की बेटी रोशनी नाडर मल्होत्रा, जेएसडब्ल्यू समूह के सज्जन जिंदल के बेटे पार्थ जिंदल, आरपीजी समूह के हर्ष गोयनका के बेटे अनंत गोयनका और विप्रो के ऋषद प्रेमजी इसके अलग-अलग उदाहरण हैं।

इन सभी की पेशेवर भूमिकाएं और सार्वजनिक छवि अलग-अलग हैं। केवल इस आधार पर उनकी क्षमताओं का आकलन करना उचित नहीं होगा कि वे कितने भाषण देते हैं या कितने साक्षात्कारों में दिखाई देते हैं। कुछ कारोबारी नेता सार्वजनिक मंचों पर अपनी बात रखते हैं, जबकि दूसरे लोग परिचालन संबंधी जिम्मेदारियों और उद्योग जगत के मंचों पर अधिक सक्रिय रहते हैं।

कुल मिलाकर, अनंत अंबानी ने अपनी सक्रियता के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया है। वह ऐसे कई क्षेत्रों में दिखाई देते हैं, जिन्हें आमतौर पर एक साथ जोड़कर नहीं देखा जाता। इनमें वन्यजीवों का कल्याण, ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं और कारोबारी विस्तार शामिल हैं। इन सबके बीच वनतारा परियोजना के प्रति उनका विशेष लगाव दिखाई देता है।

मेरा मानना है कि अपने पिता मुकेश अंबानी की सतर्क निगरानी और मार्गदर्शन में अनंत अंबानी आने वाले वर्षों और दशकों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरने जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन