कटिहार- बिहार के कटिहार जिले में अवैध खाद कारोबार और कालाबाजारी के खिलाफ खबर प्रकाशित करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। प्राणपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को कथित खाद माफिया से जुड़े लोगों ने दैनिक समाचार पत्र के प्रतिनिधि गुलाम मुर्तजा का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया। हालांकि, पुलिस की तत्परता से पत्रकार को सकुशल मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान संदिग्ध कार को रोककर उसमें बंधक बनाए गए पत्रकार को बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित पत्रकार गुलाम मुर्तजा आजमनगर थाना क्षेत्र के इमामनगर असलगंज के निवासी हैं और प्राणपुर इलाके में पत्रकारिता करते हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुमारीपुर निवासी मो. आशिक, मो. साबिर आलम और बोरनी कुमारीपुर निवासी मनीष कुमार गोस्वामी के रूप में हुई है।
गुलाम मुर्तजा के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में क्षेत्र में अवैध खाद की जब्ती और खाद की कालाबाजारी से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इससे कथित तौर पर खाद कारोबार से जुड़े लोग उनसे नाराज थे। गुरुवार को वह एक साथी पत्रकार के साथ मोटरसाइकिल से प्राणपुर प्रखंड मुख्यालय की ओर जा रहे थे। रास्ते में लघुशंका के लिए जैसे ही वह बाइक से उतरे, तभी एक काले रंग की कार वहां आकर रुकी। कार से उतरे तीन युवकों ने उन्हें जबरन खींचकर गाड़ी के अंदर डाल दिया।
पत्रकार का आरोप है कि अपहरणकर्ताओं ने कार के शीशे बंद कर दिए और भीतर उनके साथ गाली-गलौज तथा मारपीट की। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर कार से अमदाबाद की ओर ले जाया जाने लगा। इस दौरान उनके साथ मौजूद साथी पत्रकार ने घटना की जानकारी परिजनों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने अमदाबाद और आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। चेक पोस्टों को अलर्ट किया गया और संदिग्ध वाहनों की तलाश तेज कर दी गई। अमदाबाद थानाध्यक्ष राजन कुमार के मुताबिक, चन्नी और बलरामपुर के बीच सब-इंस्पेक्टर दिवाकर सरकार ने एक संदिग्ध काले रंग की कार को रुकवाया। तलाशी के दौरान कार के अंदर पत्रकार गुलाम मुर्तजा बंधक अवस्था में मिले। पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया और कार सवार तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
पत्रकार की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद रोशना थानाध्यक्ष नित्यानंद सिंह तथा प्राणपुर थाना के एसआई कुमार भूवन पुलिस बल के साथ अमदाबाद थाना पहुंचे। आवश्यक कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पत्रकार और तीनों आरोपियों को प्राणपुर थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
गुलाम मुर्तजा ने बताया कि वह प्राणपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पत्रकारों पर इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। साथ ही खाद के अवैध कारोबार और कालाबाजारी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बेगुसराय– बिहार के बेगूसराय में पत्रकारों को धमकाने की घटनाओं के बीच प्रभात खबर के पत्रकार और नीमा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अजीत कुमार सहनी को मोबाइल फोन पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। गुरुवार दोपहर आए एक फोन कॉल में उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। घटना के बाद अजीत कुमार सहनी ने नीमाचांदपुरा थाने में लिखित शिकायत देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 12:10 बजे अजीत कुमार सहनी के मोबाइल पर धमकी भरा फोन आया। उस समय वह पंचायत सरकार भवन से अपने घर लौट रहे थे। फोन पर धमकी मिलने के बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और थाने पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा।
नीमाचांदपुरा थानाध्यक्ष विवेक कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस कॉल और शिकायत में बताए गए तथ्यों की जांच कर रही है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में नाराजगी है। प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार ने भी पत्रकार को धमकी दिए जाने की निंदा की है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कराने और दोषी व्यक्ति के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
इस घटना ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और इसके पीछे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।



