पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन प्रश्नकाल के दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने जगराओं से विधायक सर्वजीत कौर माणूके को बोलने का मौका दिया। उन्होंने नशीली दवाइयों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अकाली दल-भाजपा की सरकार 10-15 साल तक सत्ता में रही, लेकिन उस कार्यकाल के दौरान नशे की समस्या पर नाममात्र काम हुआ।
इसके बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने घनौर से विधायक गुरलाल सिंह घनौर को बोलने का समय दिया। उन्होंने भी नशे का मुद्दा उठाते हुए हरियाणा की भाजपा सरकार और वहां के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जिक्र किया।
विधायक गुरलाल सिंह घनौर ने कहा कि पिछले दिनों एक न्यूज चैनल ने ‘उड़ता हरियाणा’ नाम से खबर चलाई थी। इसके बाद संबंधित पत्रकारों के साथ कथित तौर पर बुरा व्यवहार किया गया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई।
उन्होंने बताया कि इस मामले में एफआईआर नंबर 235/2026, थाना थानेसर, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा में दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लाडवा के अंतर्गत आता है, जो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का निर्वाचन क्षेत्र है। जिन पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें नीतू चौहान, अतुल अग्रवाल, सौरभ उपाध्याय और कई अन्य पत्रकार शामिल हैं।
गुरलाल सिंह घनौर ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब आकर हर दिन घोषणा करते हैं कि 31 दिसंबर 2029 तक नशे के खिलाफ राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करते हुए पंजाब और पूरे भारत से नशे को खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को उन राज्यों में भी नशे की समस्या पर ध्यान देना चाहिए, जहां उसकी सरकारें हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ हरियाणा की सीमा लगती है और घनौर क्षेत्र के आसपास भी हरियाणा का इलाका है। विधायक सर्वजीत कौर माणूके की बात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी ऐसी कई फैक्ट्रियां हैं, जिनकी ओर भाजपा सरकार को ध्यान देना चाहिए।
विधायक ने हरियाणा के लाडवा और थानेसर, कुरुक्षेत्र में पत्रकारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अपील की कि पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘उड़ता हरियाणा’ नाम से कार्यक्रम प्रसारित किए जाने के बाद पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया।
गुरलाल सिंह घनौर ने विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से पंजाब के मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में हजारों नर्सरियां बनाई गई हैं और खेल के मैदान तैयार किए गए हैं। आज ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जो युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी नशे जैसी कोढ़ की बीमारी से जूझ रही है। सदन के माध्यम से उन्होंने अपील की कि इस लड़ाई को सभी को मिलकर लड़ना चाहिए, क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति या सरकार की लड़ाई नहीं है। यह मुख्यमंत्री, सभी कैबिनेट मंत्रियों और पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंत में उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि वह इस बात की सख्त निंदा करते हैं कि किसी एक सूबे को नशे से जोड़कर देखा जाए।
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