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उत्तर भारत के प्रमुख अख़बार सन्मार्ग समूह ने तहलका (हिन्दी और अंग्रेज़ी पत्रिका) का सौ प्रतिशत अधिग्रहण किया!

अरविंद चतुर्वेदी बने चीफ एडिटर, पत्रिका को पाक्षिक से साप्ताहिक करने की तैयारी, प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में होगा विस्तार

Hindi poster announcing the Sanmarg Group's launch of Tehelka, showing Tehelka logo on the left and Sanmarg logo on the right with Hindi headlines above.

नई दिल्ली। मीडिया क्षेत्र के प्रतिष्ठित समूह सनमार्ग ग्रुप ने अक्टूबर 2026 में तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड का 100 प्रतिशत अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस अधिग्रहण के साथ सनमार्ग ग्रुप ने मैगजीन के क्षेत्र में प्रवेश किया है और ऑनलाइन तथा डिजिटल मीडिया में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। समूह ने तहलका की पत्रकारिता की विरासत को संरक्षित करने, उसकी प्रतिष्ठा बहाल करने और प्रिंट तथा डिजिटल दोनों माध्यमों में विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई है।

अधिग्रहण के बाद अरविंद चतुर्वेदी को तहलका का चीफ एडिटर नियुक्त किया गया है। वह अब इस मीडिया संस्थान की संपादकीय यात्रा का नेतृत्व करेंगे।

सनमार्ग ग्रुप की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण अक्टूबर 2026 में उन निवेशकों से किया गया, जिन्होंने वर्ष 2017 में कंपनी की पूरी शेयरहोल्डिंग खरीदी थी। इस अधिग्रहण में कंपनी की सभी परिसंपत्तियां शामिल हैं। इनमें वर्ष 2017 से संबंधित प्रिंट, डिजिटल और बौद्धिक संपदा यानी आईपी अधिकार भी शामिल हैं।

2016 में बदला था तहलका का स्वामित्व

तहलका के स्वामित्व और परिसंपत्तियों के हस्तांतरण का सिलसिला वर्ष 2016 के आसपास शुरू हुआ था। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उस समय तत्कालीन मालिक अनंत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड को सभी बौद्धिक संपदा अधिकार, टाइटल, कर्मचारी और परिचालन परिसंपत्तियां हस्तांतरित कर दी थीं।

इस हस्तांतरण के साथ अनंत मीडिया ने यह भी स्पष्ट किया था कि पूर्व के मुकदमों, कानूनी विवादों, देनदारियों और अन्य पुराने मामलों की जिम्मेदारी उसी की होगी। कंपनी के मुताबिक, अनंत मीडिया ने तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन को आश्वस्त किया था कि पुराने मामलों से संबंधित कोई भी दायित्व या गारंटी नई कंपनी पर बाध्यकारी नहीं होगी।

हालांकि, इस प्रक्रिया में तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड को अपनी पुरानी सामग्री का बड़ा हिस्सा गंवाना पड़ा। कंपनी के पास पुराने अभिलेखों, वीडियो फुटेज, पुरानी प्रतियों, प्रकाशित खबरों और ऐतिहासिक जानकारी तक पहुंच नहीं रह गई। इसके चलते तहलका की पत्रकारिता के इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सामग्री और बौद्धिक संपदाएं भी उपलब्ध नहीं रहीं।

2017 में नए निवेशकों ने खरीदी थी पूरी हिस्सेदारी

वर्ष 2017 के आसपास निवेशकों के एक समूह ने तहलका डॉट कॉम प्राइवेट लिमिटेड की पूरी शेयरहोल्डिंग खरीद ली थी। कंपनी के मुताबिक, इन निवेशकों ने तरुण तेजपाल और अन्य छोटे निवेशकों को भी कंपनी से बाहर कर दिया था।

कंपनी की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि 2017 में निवेशकों के अधिग्रहण के बाद कोई नया मुकदमा सामने नहीं आया। साथ ही, निवेशकों ने यह भी स्पष्ट किया था कि तरुण तेजपाल का तहलका या उसके संचालन से किसी भी तरह का संबंध नहीं है।

तहलका की विरासत बहाल करने पर जोर

सनमार्ग ग्रुप ने तहलका की ऐतिहासिक पहचान और पत्रकारिता की विरासत को फिर से स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। समूह का कहना है कि वह तहलका में और निवेश करेगा तथा उसकी प्रतिष्ठा, सम्मान और विश्वसनीयता को बहाल करने की दिशा में काम करेगा।

समूह के मुताबिक, तहलका में प्रकाशित होने वाली खबरों के लिए पत्रकारिता के उच्चतम मानकों, खोजी पत्रकारिता, ईमानदारी, भरोसे और विश्वसनीयता को प्राथमिकता दी जाएगी। यह प्रतिबद्धता प्रिंट और डिजिटल, दोनों माध्यमों में प्रकाशित होने वाली सामग्री पर लागू होगी।

तहलका के अधिग्रहण के साथ सनमार्ग ग्रुप ने मैगजीन के क्षेत्र में अपनी शुरुआत की है। इसके साथ ही समूह की ऑनलाइन और डिजिटल मीडिया में मौजूदगी को भी मजबूती मिलेगी।

पाक्षिक से साप्ताहिक होगी तहलका

तहलका के नए प्रबंधन ने पत्रिका को पाक्षिक से साप्ताहिक प्रकाशन में बदलने की योजना भी जाहिर की है। कंपनी के मुताबिक, पिछले कुछ समय में प्रकाशन में व्यवधान की स्थिति रही हो सकती है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रकाशन लगातार जारी रहा है।

अब प्रबंधन तहलका को पाक्षिक के बजाय साप्ताहिक पत्रिका के रूप में प्रकाशित करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। इसके साथ ही कंपनी ने तहलका के 276 संस्थापक सदस्यों और आजीवन ग्राहकों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

कंपनी के मुताबिक, तहलका की स्थापना में योगदान देने वाले ये 276 सदस्य उसके आजीवन ग्राहक भी हैं। नए प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि इन सदस्यों को पहले की तरह पत्रिका की प्रतियां और लागू होने के अनुसार डिजिटल सब्सक्रिप्शन की सुविधा मिलती रहेगी।

प्रबंधन ने कहा है कि वह इन संस्थापक सदस्यों के साथ संवाद स्थापित करना चाहता है और पत्रकारिता में उत्कृष्टता के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करेगा।

नियमों के पालन और गंभीर पत्रकारिता का वादा

सनमार्ग ग्रुप ने कहा है कि वह तहलका के संचालन में सभी सरकारी नियमों, कानूनों और लागू मानकों का पूरी तरह पालन करेगा। समूह का उद्देश्य भारतीय पाठकों के साथ-साथ दुनिया भर में गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता में रुचि रखने वाले लोगों के लिए गंभीर और विश्वसनीय पत्रकारिता का अनुभव उपलब्ध कराना है।

तहलका का नया प्रबंधन अब संस्थान की पुरानी पहचान को बहाल करने, साप्ताहिक प्रकाशन की दिशा में आगे बढ़ने और प्रिंट तथा डिजिटल माध्यमों में अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व चीफ एडिटर अरविंद चतुर्वेदी करेंगे।

तहलका का नया अध्याय

तहलका की स्थापना खोजी पत्रकारिता के लिए हुई थी और यह संस्थान अपने स्टिंग ऑपरेशनों तथा खोजी खबरों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है। अब सनमार्ग ग्रुप के अधिग्रहण के बाद तहलका के सामने अपनी पुरानी पहचान को बहाल करने और नए मीडिया परिवेश में अपनी जगह मजबूत करने की चुनौती होगी।

हालांकि, कंपनी की ओर से जारी जानकारी में अधिग्रहण की वित्तीय राशि, साप्ताहिक प्रकाशन शुरू होने की निश्चित तारीख और नए संपादकीय ढांचे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

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