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उत्तर प्रदेश

गंदा, अस्वास्थ्यकर और अमानवीय स्थिति में है लखनऊ जिला न्यायालय लॉकअप, सुधार की मांग

सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ और नूतन ठाकुर ने आज डीजीपी, उत्तर प्रदेश को जनपद न्यायालय, लखनऊ के पुलिस लॉकअप की बहुत ही खराब स्थिति से अवगत कराते हुए इसमें सुधार कराये जाने का आग्रह किया है.

सामाजिक कार्यकर्ता अमिताभ और नूतन ठाकुर ने आज डीजीपी, उत्तर प्रदेश को जनपद न्यायालय, लखनऊ के पुलिस लॉकअप की बहुत ही खराब स्थिति से अवगत कराते हुए इसमें सुधार कराये जाने का आग्रह किया है.

अपने पत्र में इन दोनों ने कहा है कि न्यायालय स्थित यह लॉकअप बहुत ही छोटा है जिसमे काफी संख्या में कैदी रखे जाते हैं. यह बहुत ही गंदा और अस्वास्थ्यकर है. यहाँ ड्यूटी के लिए आये पुलिकर्मियों के बैठने आदि की व्यवस्था नहीं है और ये लगभग पूरी तरह खुले स्थान पर ड्यूटी करते हैं.

हवालात में आये कैदी पुलिसवालों से काफी बदतमीजी भी करते हैं, ख़ास कर वहां की अमानवीय स्थिति से परेशान हो कर. मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने यह भी बताया कि उनके अलावा एक अपर पुलिस अधीक्षक और एक क्षेत्राधिकारी की भी हवालात ड्यूटी लगती है पर वे कभी नहीं आते हैं जिसके कारण कुव्यवस्था में कोई सुधार की गुंजाइश भी नहीं बन पाती है.

अमिताभ और नूतन ने कहा है कि जो स्थिति लखनऊ जिला न्यायालय की है, बहुत संभव है वही स्थिति पूरे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी हो और उन्होंने इस स्थिति में तत्काल सुधार किये जाने का निवेदन किया है.

संलग्न- भेजा गया पत्र

पत्र की प्रति—

सेवा में,
       पुलिस महानिदेशक,
       उत्तर प्रदेश,
       लखनऊ।

विषय- मा० जिला एवं सत्र न्यायालय के हवालात (लॉकअप) के सम्बन्ध में

महोदय,
        निवेदन है कि हम इस पत्र के माध्यम से लखनऊ जनपद के मा० जिला एवं सत्र न्यायालय में अवस्थित हवालात (लॉकअप) के सम्बन्ध में कतिपय तथ्य आपकी सेवा में प्रस्तुत करना चाहते हैं जो हमें विभिन्न स्रोतों से ज्ञात हुआ और जिसे कालांतर में हमने स्वयं देखा और अनुभव किया है–

1. यह लॉकअप बहुत ही छोटा है.
2. इस छोटे साइज़ के लॉकअप में काफी संख्या में कैदी रखे जाते हैं.
3. लॉकअप बहुत ही गन्दी है.
4, लॉकअप की सफाई शायद ही कभी हुआ करती है.
5. यहाँ ड्यूटी के लिए आये पुलिस के अधिकारी/कर्मचारी के बैठने की कोई जगह नहीं है ना ही कोई बेंच आदि की व्यवस्था है.
6. ये पुलिसकर्मी जिस जगह अपनी ड्यूटी करते हैं वह लगभग पूरी तरह खुला हुआ है.

अर्थात कुल मिला कर मा० न्यायालय में लाये गए कैदियों और ड्यूटी के लिए आये पुलिसकर्मियों दोनों के लिए वहां अत्यंत ही अमानवीय, अस्वास्थ्यकर तथा शारीरिक-मानसिक रूप से खराब स्थिति है. इसके अलावा पूछने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि हवालात में आये कैदी पुलिसवालों से कई तरह से बदतमीजी भी करते हैं, ख़ास कर इसीलिए क्योंकि यहाँ काफी अव्यवस्था रहती है और इससे कैदी भी काफी परेशान हो जाते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि वैसे तो उनके अलावा एक अपर पुलिस अधीक्षक और एक क्षेत्राधिकारी की भी हवालात ड्यूटी लगती है पर वे कभी नहीं आते हैं जिसके कारण कुव्यवस्था में कोई सुधार की गुंजाइश भी नहीं बन पाती है.

जो स्थिति लखनऊ जिला न्यायालय की है, बहुत संभव है वही स्थिति पूरे प्रदेश के अन्य जनपदों में भी हो जिन्हें आपके स्तर से बहुत आसानी से दिखवाया जा सकता है. आप सहमत होंगे कि यह अच्छी स्थिति नहीं है और इससे जुड़े कई गंभीर खतरे हैं.

हम निवेदन करेंगे कि कृपया उपरोक्त तथ्यों का संज्ञान लेते हुए इन समस्याओं को समाप्त करने के सम्बन्ध में अपने स्तर से आवश्यक कार्यवाही किये जाने की कृपा करें.

पत्र संख्या- AT/Hawalat/01                                                   
दिनांक- 27/06/2014                                                                                                                                                     

भवदीय,                                                                              
                                                          
(डॉ नूतन ठाकुर)                                                                        
(अमिताभ ठाकुर)
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ
# 094155-34525

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