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मुंबई के श्रम आयुक्त कार्यालय ने मजीठिया से पहले वाले मणिसाना वेज बोर्ड के बारे में क्या जानकारी दी है, जानिए

मजीठिया मामले में तीन साल का टर्नओवर देखे बिना माननीय सुप्रीम कोर्ट को फर्जी रिर्पोट भेजकर गुमराह करने वाले मुंबई के श्रम आयुक्त कार्यालय ने अपनी जो रिपोर्ट तैयार की है उसमें यह भी लिखा है कि मुंबई में कौन कौन समाचार पत्र प्रबंधन अपने कर्मचारियों को पिछले मणिसाना वेज बोर्ड के आधार पर वेतन देते रहे हैं और कहां-कहां मणिसाना वेज बोर्ड लागू था। यानि मजीठिया वेज बोर्ड के आने के बाद मणिसाना वेज बोर्ड की रिपोर्ट भी तैयार कर ली गयी है। मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह ने श्रम आयुक्त कार्यालय मुंबई शहर से मणिसाना वेज बोर्ड के बारे में आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी थी। आइये जानते हैं मुंबई के कौन कौन से समाचार पत्र प्रतिष्ठानों में मजीठिया से पहले वाले मणिसाना वेज बोर्ड को लागू किया गया था।

इस उपलब्ध करायी गयी जानकारी के मुताबिक इंडियन नेशनल प्रेस प्राईवेट लिमिटेड के समाचार पत्रों नवशक्ती, फ्री प्रेस जनरल में मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था। इसी तरह उर्दू टाईम्स में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू था। साथ ही बांबे समाचार प्राईवेट लिमिटेड में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था। बेनेट कोलेमन एंड कंपनी के समाचार पत्रों महाराष्ट्र टाईम्स, नवभारत टाईम्स, द ईकानामिक टाईम्स, टाईम्स आफ इंडिया, मुंबई मिरर और पुणे मिरर में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था।

इसी तरहश्री अंबिका प्रिंटर्स एंड पब्लीकेशन के समाचार पत्रों मुंबई चौफेर, आपला वार्ताहर, दैनिक यशोभूमि, दैनिक पुण्यनगरी और कर्नाटक मल्ला में  भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था इस रिर्पोट की माने तो इंडियन एक्सप्रेस प्राईवेट लिमिटेड के लोकसत्ता, इंडियन एक्सप्रेस, फाईनेंसियल एक्सप्रेस, लोकप्रभा में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया । सौराष्ट्र ट्रस्ट के जन्मभूमि, जन्मभूमि प्रवासी, व्यापार गुजराती, व्यापार हिन्दी में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया है। जबकि प्रहार समाचार पत्र में मणिसाना वेज बोर्ड लागू नहीं किया गया है। वजह बतायी गयी है आर्थिक कारण।

आपला महानगर में भी मणिसाना वेज बोर्ड आर्थिक कारण को लेकर लागू नहीं किया जा सका। डिलीजेंट मिडिया कारपोरेशन के अंग्रेजी समाचार पत्र डीएनए में मणिसाना वेज बोर्ड लागू नहीं किया गया। कारण बताया गया है आर्थिक कारण। दो बजे दोपहर समाचार पत्र में  मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था। इसी तरह  इस रिर्पोट को माने तो मिडडे, नवाकाल संध्याकाल, आफ्टरनून, इंकलाब और सामना में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था।

हिन्दुस्तान टाईम्स में सभी कर्मचारी सेल्स स्टाफ  हैं । हिन्दुस्तान टाईम्स ने इसलिये मणिसाना वेज बोर्ड नहीं लागू किया क्योकि आर्थिक दिक्कत थी। गुजराती दैनिक गुजरात समाचार में भी मणिसाना वेज बोर्ड लागू किया गया था जबकि बिजनेश स्टैंडर्ड प्राईवेट लिमिटेड ने मणिसाना वेज बोर्ड नहीं लागू किया था।अब सवाल यह उठता है कि आखिर मणिसाना को लेकर भी यह रिर्पोट किस आधार पर तैयार की गयी। मुंबई के अधिकांश पत्रकारों की माने तो मणिसाना वेजबोर्ड के बारे में भी ये रिर्पोट मुंबई केश्रम आयुक्त कार्यालय ने फर्जी तरीके से तैयार की है।

शशिकांत सिंह से संपर्क ०९३२२४११३३५ के जरिए कर सकते हैं.

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