Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई डकार जाता है News1 इंडिया!

अभिषेक केसरवानी-

News1 इंडिया में चलता है बेईमानी का खेल… संस्थान छोड़कर गये कर्मचारियों के पैसों का गबन करता है News1 इंडिया… फुल एंड फाइनल के नाम पर देते हैं 1/4 सैलरी…एडिटर इन चीफ अनुराग चड्ढा से अनगिनत बार की विनती…एचआर ने कहा- 5 हजार लेना हो तो लो वर्ना जाओ
दोबारा नहीं मिलेंगे पैसे…मजबूर कर्मचारी के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं… कुछ कर्मचारियों को नहीं देते ज्वाइनिंग लेटर… शिकायत करने का कोई विकल्प नहीं छोड़ता News1 इंडिया…

नमस्कार

मैं आपको बता दूं कि साल 2020 में मैंने 14 मार्च को संस्थान ज्वाइन किया था, जिसके कुछ समय बाद ही कोरोना के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लग गया था। ऐसे माहौल में हमने संस्थान का दामन ना छोड़कर, पत्रकारिता का धर्म निभाने का प्रयास किया।

हालांकि इस दौरान सैलरी लेट थी, और हमें आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा था। फिर भी हम जनहित में, जनता से सरोकार रखने वाली खबर के लिए डटे रहे।

कुछ समय बाद कोविड के हालात सामान्य हुए लेकिन मुझे डेंगू बुखार हो गया। मैंने टीम मैनेजमेंट से बात की, कि मुझे कैब दे दी जाए सरकारी अस्पताल तक जिससे मैं अपना इलाज करवा सकूं।

News1 इंडिया के अभिषेक त्यागी ने मना कर दिया।

फिर मैंने कहा मेरे पास बिल्कुल भी पैसे नहीं है कि मैं प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा सकूं। मैंने सैलरी के लिए पूछा तो उसके लिए भी अभिषेक त्यागी ने मना कर दिया।

अब मेरे पास घर जाकर इलाज कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। जब घर गया तो डॉक्टर ने कोविड की स्थिति और मेरी तबीयत को देखते हुए नोएडा जाने से मना कर दिया।

इस दौरान मैं तमाम मेल, व्हाट्सअप किए News1 इंडिया के एडिटर इन चीफ अनुराग चड्ढा और एमडी Asheet Kunal को लेकिन इन लोगों ने आंखों में काला चश्मा पहन रखा था। फिर अचानक मुझे रिजाइन करने के लिए इनडायरेक्ट प्रेशर बनाया जाने लगा।

इसके बाद मैंने 14 अगस्त 2020 को रिजाइन कर दिया। रिजाइन करने से पहले मैंने रिजाइन की प्रक्रिया पूछी, जैसे नोटिस पीरियड वगैरह जिसका कोई जवाब नहीं आया।

उसके बाद से मैं लगातार जद्दोजहद करता रहा। कई चक्कर लगाए लेकिन मैनेजमेंट की नींद नहीं खुली। बाकी जो बाते हैं वो ट्वीट में सामने है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Ankit Bansal

    September 15, 2021 at 11:01 pm

    इसमें कोई दोराय नहीं ।। चैनल का मैनेजमेंट बड़ा ही गंदा हैं पैसे डकार जाते है । जब सब लोग वह से जा रहे थे करना के दौरान मैंने भी वहा बतौर पैनल प्रोड्यूसर ज्वाइन किया था फिर कुछ टाइम काम करके वहां से इस्तीफा दिया नोटिस के साथ । इसके बाद मैंने वहा पर जो HR थी उससे अपनी बकाया सैलरी की बात की तो उसने फॉर्म देकर साइन जमा करने को कहा उसके बाद वो फॉर्म तो जमा हुआ पर आज 6 महीने से ज्यादा हो गए चैनल ने बकाया क्लियर नही किया। कोई नही ऐसे छोटे लोग हम जैसे लोगो का पैसे खाकर ही बड़े बनते है ।
    बेशर्म लोग है ये जूं तक नहीं रेंगती इनके डकार जाते है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन