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दैनिक जागरण हल्द्वानी से अरविंद, मनोज, अनुज, सौरभ और हरवीर का इस्तीफा

दैनिक जागरण हल्द्वानी में संपादक के व्यवहार से तंग आकर इस्तीफा देने का सिलसिला थम नहीं रहा है. खास बात यह है कि इस्तीफा देने वाले ज्यादातर लोगों ने कहीं ज्वाइन भी नहीं किया है.  हल्द्वानी से एक साथ पांच वरिष्ठ लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. इसमें चीफ सब एडीटर अरविंद मलिक, चीफ सब एडीटर मनोज लोहनी, वरिष्ठ उपसंपादक अनुज सक्सेना, उपसंपादक सौरभ त्रिपाठी के अलावा प्रमुख डिजाइनर हरवीर सिंह शामिल है. इसमें अरविंद मलिक जहां इनपुट हेड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, वहीं अनुज सक्सेना आउटपुट हेड की जिम्मेदारी संभालते थे. यह दोनों ही व्यक्ति अखबार की रीढ़ थे.

दैनिक जागरण हल्द्वानी में संपादक के व्यवहार से तंग आकर इस्तीफा देने का सिलसिला थम नहीं रहा है. खास बात यह है कि इस्तीफा देने वाले ज्यादातर लोगों ने कहीं ज्वाइन भी नहीं किया है.  हल्द्वानी से एक साथ पांच वरिष्ठ लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. इसमें चीफ सब एडीटर अरविंद मलिक, चीफ सब एडीटर मनोज लोहनी, वरिष्ठ उपसंपादक अनुज सक्सेना, उपसंपादक सौरभ त्रिपाठी के अलावा प्रमुख डिजाइनर हरवीर सिंह शामिल है. इसमें अरविंद मलिक जहां इनपुट हेड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, वहीं अनुज सक्सेना आउटपुट हेड की जिम्मेदारी संभालते थे. यह दोनों ही व्यक्ति अखबार की रीढ़ थे.

अनुज यहां करीब दस साल से तैनात थे सिटी चीफ से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. संपादक की पहाड़वाद की नीति के चलते मैदान के पत्रकारों का संस्थान में जीना मुहाल हो गया है. इससे पहले काशीपुर के ब्यूरो प्रमुख संदीप कुमार और सितारगंज के ब्यूरो प्रमुख सुनीत द्विवेदी ने भी एक साथ इस्तीफा दे दिया था. यह दोनों भी तेज तर्रार पत्रकार थे, इसमें संदीप कुमार किसी भी जगह काम करने में महारात रखते थे. उन्होंने भी सिटी से लेकर पहले पन्ने तक अपनी जिम्मेदारी को बखूभी निभाया था. इसी कड़ी में रघुवीर चौहान और अंकुर शर्मा, गोविंद सैनी के नाम भी शामिल हैं.

छह से सात माह के भीतर इन सभी लोगों ने संस्थान से इस्तीफा दिया है. दूसरी तरफ यहां के संपादक पहाड़ प्रेम के चलते ब्यूरो आफिस में स्ट्रिंगर के रूप में अन्य अखबारों में सेवाएं दे रहे लोगों को प्रबंधन की आंख में धूल झोंककर बड़े पदों पर आसीन कर रहे हैं. ये लोग संस्थान में आने के बाद दगा हुआ पटाखा साबित हो रहे हैं और खबरों का स्तर लगातार गिर रहा है. खबरें तो यहां तक मिल रही हैं कि मार्च माह में हल्द्वानी यूनिट के संपादकीय विभाग से तीन और इस्तीफे होने जा रहे हैं.

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