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आजतक का ‘क्रांतिकारी, बहुत क्रांतिकारी’ शो सुपरहिट साबित हुआ!

सुप्रिय ने सुधीर चौधरी को उन्हीं के हथियार से पीट दिया!

टीवी न्यूज चैनलों की टीआरपी में इस बार भी आजतक नंबर वन है। आजतक का नंबर वन होना नई बात नहीं है, नई बात ये है कि टीआरपी में कुछ हफ्ते पहले आजतक के करीब पहुंच चुका जी न्यूज अब 5.4 प्वाइंट के फासले पर बहुत नीचे खिसक चुका है। आजतक की इस हफ्ते की टीआरपी 18.7 है, जबकि जी न्यूज की 13.3। इसके साथ ये भी साबित हो गया कि आजतक के मैनेजिंग एडिटर सुप्रिय प्रसाद के मुकाबले में दूर दूर तक भी किसी चैनल का संपादक नहीं है। उनकी प्लानिंग, चौकस निगाहें और टीआरपी की समझ के आगे सभी संपादक पानी मांग रहे हैं। सब कन्फ्यूज हो रहे हैं कि क्या दिखाएं, लोग क्या देखना चाहते हैं।

सुप्रिय ने सुधीर चौधरी को उन्हीं के हथियार से पीट दिया!

टीवी न्यूज चैनलों की टीआरपी में इस बार भी आजतक नंबर वन है। आजतक का नंबर वन होना नई बात नहीं है, नई बात ये है कि टीआरपी में कुछ हफ्ते पहले आजतक के करीब पहुंच चुका जी न्यूज अब 5.4 प्वाइंट के फासले पर बहुत नीचे खिसक चुका है। आजतक की इस हफ्ते की टीआरपी 18.7 है, जबकि जी न्यूज की 13.3। इसके साथ ये भी साबित हो गया कि आजतक के मैनेजिंग एडिटर सुप्रिय प्रसाद के मुकाबले में दूर दूर तक भी किसी चैनल का संपादक नहीं है। उनकी प्लानिंग, चौकस निगाहें और टीआरपी की समझ के आगे सभी संपादक पानी मांग रहे हैं। सब कन्फ्यूज हो रहे हैं कि क्या दिखाएं, लोग क्या देखना चाहते हैं।

करीब साल भर पहले तक प्राइम टाइम में जी न्यूज ने सुधीर चौधरी के प्रोग्राम डीएनए से काफी बढ़त ली थी, लेकिन सुधीर चौधरी को सुप्रिय ने उन्हीं के हथियार से पीट दिया। अब आजतक का नौ बजे का प्राइम टाइम शो ‘खबरदार’ जी न्यूज के कार्यक्रम ‘डीएनए’ से आगे निकल चुका है। जी न्यूज ने शाम पांच बजे के रोहित सरदाना के शो-‘ताल ठोंक के’ से बढ़त ली थी। आजतक समेत तमाम चैनल 5-6 के स्लॉट में पीछे हो गए थे। सुप्रिय ने मास्टर स्ट्रोक लगाते हुए एक नया शो प्लान कर दिया-‘क्रांतिकारी, बहुत क्रांतिकारी’। दिलचस्प बात ये है कि ‘क्रांतिकारी, बहुत क्रांतिकारी’ का इस्तेमाल पुण्य प्रसून वाजपेयी ने कभी केजरीवाल के इंटरव्यू के बाद उनसे बातचीत के दौरान किया था। जिसका सोशल मीडिया ने बहुत मजाक बनाया तो जी न्यूज ने बाकायदा उस पर प्रोग्राम भी चलाया। जिसमें पुण्य प्रसून वाजपेयी के साथ साथ आजतक की भी खिंचाई की गई थी।

खैर, ‘क्रांतिकारी, बहुत क्रांतिकारी’ शो के लिए सुप्रिय प्रसाद न्यूज 24 से नवीन कुमार को ले आए। अपनी प्रखर लेखन शैली और शानदार वॉयस ओवर के जरिए इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाले नवीन कुमार को खुलकर खेलने का मौका मिला। ‘क्रांतिकारी, बहुत क्रांतिकारी’ शो सुपरहिट साबित हुआ। टीआरपी की रेस में रोहित सरदाना का शो पिछड़ गया। इसके अलावा सुप्रिय ने सुबह 11 बजे का नया शो नई पैकेजिंग के साथ शुरू करवाया-‘एक और एक ग्यारह’। नए दौर की एंकर्स नेहा बाथम और मीनाक्षी कंडवाल के साथ। ये शो भी अपने स्लॉट में अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों से बहुत आगे है। जी न्यूज ने घेराबंदी शाम 5 बजे से शुरू की थी, सुप्रिय ने ये काम 4 बजे से शुरू कर दिया। बिल्कुल नए कॉन्सेप्ट के साथ 5 महिला एंकर्स के साथ नया शो लांच कर दिया-पांच का पंच। यहां ये भी बता दें कि शाम 7-30 के स्पोर्ट्स बुलेटिन, रात 8 से 9 बजे के स्पेशल रिपोर्ट और रात दस बजे के पुण्य प्रसून वाजपेयी के शो दस्तक की टीआरपी हमेशा सभी चैनलों की अपेक्षा सबसे ज्यादा है और रही है। सुप्रिय ने घेराबंदी वहां लगाई, जिस चंक में बाकी चैनल या तो चुनौती देते नजर आ  रहे थे या फिर आजतक से आगे निकल रहे थे।

सुप्रिय के इसी मास्टर प्लान की वजह से आजतक ने अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को काफी पीछे छोड़ दिया था। चाहे वो एबीपी न्यूज हो या फिर जी न्यूज। इंडिया टीवी हो या फिर न्यूज नेशन या फिर इंडिया न्यूज। दरअसल सुप्रिय न सिर्फ टीआरपी मास्टर हैं, बल्कि वो अपनी टीम के एक एक बंदे की काबीलियत पहचानते हैं, उन्हें पता है कि उनका कौन सा टीम मेंबर किस चीज का माहिर है। उनकी निगाहें जहां हर खबर और हर विजुअल पर होती हैं, तो अपनी टीम के हर सदस्य पर होती हैं। अपनी टीम के लोगों की काबीलियत के के हिसाब से ही सुप्रिय फील्डिंग लगाते हैं, नतीजा सबके सामने है।

करीब छह साल पहले जब सुप्रिय प्रसाद  दोबारा आजतक गए थे, तब आजतक टीआरपी की रेस में इंडिया टीवी और एबीपी न्यूज से पिटते हुए कभी दूसरे तो कभी तीसरे नंबर पर रहने लगा था। सुप्रिय के आने के बाद से आजतक तीन हफ्तों के भीतर फिर नंबर वन हुआ, तबसे लगातार नंबर वन बना हुआ है। सुप्रिय के पीछे उनकी पूरी टीम खड़ी है। दूसरे चैनलों की परेशानी ये भी है कि कई जगह कप्तान को आजादी नहीं है तो कहीं राजनीति हावी है। इंडिया टीवी में कई कौन असली बॉस है, पता ही नहीं चलता, वहां स्वतंत्र कबीले बने हैं, जहां कोई दखल नहीं दे सकता। जी न्यूज में हिटलरशाही है, सारा फोकस सुधीर चौधरी के शो डीएनए पर होता है। एबीपी न्यूज पूरी तरह कन्फ्यूज हो चुका है और टीआरपी के लिए वो कुछ भी करने के लिए तैयार रहता है। न्यूज से बिल्कुल डिफोकस हो चुका है। इस दौर में न्यूज 24 और न्यूज 18 इंडिया (पूर्व में आईबीएन-7) इन दोनों चैनलों ने रेस में जगह बनाई है। दिग्गजों के आपसी टकराव में इंडिया न्यूज का बेड़ा गर्क हो चुका है। सुप्रिय प्रसाद की अगुवाई में आजतक कॉन्सेप्ट, प्रेजेंटेशन, फॉरवर्ड प्लानिंग और अपनी मजबूत टीम के जरिए न सिर्फ टीआरपी में बढ़त हासिल किए हुए है, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी दूसरे चैनलों को बैकफुट पर ढकेल दिया है।

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