डॉ मुकेश कुमार-
अडानी ने सेबी को भेजे पत्र में कहा कि उसकी कंपनियों पर रिश्वत देने का आरोप नहीं लगाया है। अब पूरा गोदी मीडिया उसके आधार पर अडानी की ओर से बैटिंग करने में जुट गया है।
वह अमेरिकी कोर्ट के 54 पेज के दस्तावेज़ और सबूतों को नहीं देख रहा है, अडानी की चिट्ठी पर फ़िदा हुए जा रहा है।
आख़िर मोदी का आदमी है, उसे तो बचाना होगा।
मालिक भी वही है, ग़ुलामों को नमक का हक़ भी अदा करना होगा।
अडानी की प्रेस रिलीज पर मोदी-अडानी परिवार के अलावा कोई भरोसा करता है क्या?
नहीं करता, क्योंकि उनको पता है कि सच क्या है?
वैसे अमेरिकी कोर्ट के अरेस्ट वारंट को आए एक हफ़्ते हो रहे हैं, अब प्रेस रिलीज़ क्यों? उसी दिन या उसके अगले दिन क्यों नहीं जारी की गई?
फिर अमेरिका का जस्टिस डिपार्टमेंट क्या झख मार रहा है या खाली बैठा है अडानी जी की सेवा करने।
अरे एक दर्ज़न सवाल उठे हैं। अडानी में दम हो तो प्रेस कांफ्रेंस करे और गोदी मीडिया के नहीं, सचमुच के पत्रकारों को बुलाकर सवालों के जवाब दे।
और नहीं करता तो ये सब लीपा-पोती के अलावा कुछ नहीं है।
डॉ निर्णय कपूर-
गौतम अडानी, भतीजे सागर अडानी और समूह के वरिष्ठ कार्यकारी विनीत जैन पर किसी भी प्रकार की रिश्वत देने के आरोप नहीं लगे हैं
अडानी समूह द्वारा स्भारतीय टॉक एक्सचेंजों में की गई नवीनतम फाइलिंग के अनुसार, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस के अनुसार समूह की कंपनी-अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल)।
ने अपनी फाइलिंग में, एजीईएल ने रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर विभिन्न मीडिया हाउसों द्वारा की गई खबरों का हवाला देते हुए बताया है की अडाणी समूह अधिकारियों के खिलाफ आरोप ‘गलत’
ताज़ा बयान के अनुसार मीडिया लेखजो उसके बारे में निश्चित रूप से कह रहे हैं गौतम अडानी, सागर अडानी और वीनीत जैन नामक निदेशकों पर जो अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, पूरी तरह “गलत” है।
अडानी एनर्जी लिमिटेड द्वारा दायर बयान में कहा गया है की यूएस डीओजे का अभियोग या यूएस एसईसी की नागरिक शिकायत में गौतम अडानी, सागर अडानी और विनीत जैन पर निर्धारित मामलों में एफसीपीए के किसी भी उल्लंघन का आरोप नहीं लगाया गया है।
Copy of intimation by Adani to stock exchange




