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सुख-दुख

क्या अडानी के शेयरों में अब भी पैसा लगाया जा सकता है?

Prakash K Ray-

गौतम अदानी पर ब्लूमबर्ग में एंडी मुखर्जी का कड़ा लेख पढ़ा. दो दिन पहले यह भी पढ़ा कि अदानी ने कहा है कि चीन अलग-थलग पड़ जाएगा. कुछ दिन पहले यह भी जानकारी हुई कि पिछले एक साल में उनकी संपत्ति हर दिन १६२१ करोड़ रुपये बढ़ी है. मेरी रोज़ की दिहाड़ी १६२१ रुपये होती है. कुछ और दिन पहले यह भी हल्ला हुआ कि अदानी की कंपनियाँ (अदानी नहीं) क़र्ज़ के भारी बोझ से दबी हुई हैं.

सोशल मीडिया के कुछ पोस्ट यह भी इंगित कर रहे हैं कि मुख्य विपक्षी दल भी अदानी समूह के साथ नरम हो रहे हैं. यह पढ़कर यह ख़्याल भी आया कि वे गरम कब थे.

ख़ैर, एंडी मुखर्जी ने एक सर्वविदित तथ्य को रेखांकित किया है कि अदानी की संपत्ति बढ़ने का मुख्य कारण घरेलू शेयर मार्केट में उनके शेयरों के दाम उछलना है. इसका एक अनुमान साथ संलग्न फोटो से लगाया जा सकता है.

बहरहाल, यह पोस्ट अदानी की समीक्षा, आलोचना या निंदा के लिए नहीं है. यह इंगित करने के लिए है कि अदानी समूह के शेयर लंबे समय तक मज़ा देंगे, इसलिए ख़रीद लेना चाहिए. अर्थ चार पुरुषार्थों में सबसे अहम माना जाना चाहिए.

कमा कर कोई धनी नहीं हुआ आज तक, आप और हम भी नहीं हो सकते. बोनांज़ा, बूस्टर, चाँस आदि से कुछ मामला बन सकता है. यही समय है. बाज़ार में मंदी है, सब जगह. मामला लंबा चलेगा. अदानी और उनके जैसे लोग कहीं नहीं जा रहे हैं. इसलिए ख़रीदें. बहुतों का भला हुआ है, आपका भी होगा, आमीन…

टिटीहरी की तरह टाँग उठाकर गिरते आसमान को रोकने का भ्रम नहीं पालना चाहिए. जितना कहाँ स्टैक हो, उतनी ही चिंता करनी चाहिए. खत लिखता हूँ खून से स्याही न समझना…

Prashant K Mishra
अडानी के शेयर खरीदने का वक़्त जा चुका है। अब थोड़ा इंतजार करके और situation देख के आगे उसे शॉर्ट करने की जरूरत है…

Prakash K Ray
वक़्त तो तब जाएगा, जब सब बंदरगाह, हवाई अड्डे, सोलर पैनल्स, फ़ूड, इंजीनियरिंग्स आदि का बिज़नेस ख़राब होगा, और, बिज़नेस ख़राब तब होगा, जब इन चीज़ों की ज़रूरत ख़त्म होगी. क्या इन चीज़ों की ज़रूरत ख़त्म होगी?

Prashant K Mishra
जब acc 2000 रुपये के par गया था तब भी देश में सीमेंट की जरूरत थी और बिजनेस बंद नहीं होने वाला था। adanient का pe इस समय 440 के आसपास है जो एक दो साल पहले 50 के आसपास था लेकिन इन दो सालों में इसका मुनाफा मामूली बढ़ा है। भयानक किस्म का overvalud स्टॉक है। सिर्फ एक धक्का लगेगा और और ऑपरेटर बाहर निकलने लगेंगे और फिर….सर कहते हैं लोग कि शेयर मार्केट समाजवादी होता है sbka हिसाब time to time पूरा karta है…. वैसे अभी अडानी का time अच्छा चल रहा तो ज्यादा चांस है कि बाकी चीजें भी अच्छी रहेंगी

Yogesh Garg
ताश के पत्तो के महल की तरह ढह जायेगा। पिछले दो सप्ताह में 14% की ढलान है।

Pranav Menaka Bihari
एकदम सही. फंडा एकदम क्लीयर है.हम तो बाबा रामदेव पर भी सुपर बुलिश हैं

Prakash K Ray
उस पर मैं बुलिश नहीं हूँ, वैसे उसने राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा पर शुभेच्छा भी दी है. दे भी क्यों नहीं, कांग्रेसियों ने ही उसका तंबू लगाया था. ख़ैर, मुझे लगता है कि काग़ज़, प्लास्टिक पर बुलिश होना चाहिए. चूँकि दर्द बढ़ेगा और, तो तंबाकू और अल्कोहल पर भी.

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