अजीत अंजुम के बाद अंजना ओम कश्यप भी आईसीयू में दाखिल!

समरेंद्र सिंह

अजीत अंजुम या अंजना ओम कश्यप ने जो किया है उसे पत्रकारिता नहीं कहा जा सकता!

आजतक की एक चर्चित महिला एंकर अजीत अंजुम का अनुसरण करते हुए आईसीयू में दाखिल हो गई और उसने वहां से एक स्पेशल शो लाइव कर दिया. यह मसला बेहद संवेदनशील है. यहां लोगों की जिंदगी सीधे तौर पर जुड़ी है. अजीत अंजुम ने ऐसा किया यह मैं समझ सकता हूं. वो चैनल के संपादक हैं. और उन्हें दिखने और छपने का रोग है. वो सनसनी फैलाने में माहिर हैं और उन्होंने इसलिए ऐसा किया होगा. लेकिन आजतक में ऐसा कैसे हुआ यह सोचने लायक बात है.

इसकी एक बड़ी वजह है. आजतक में एडिटोरियल कंट्रोल जिन लोगों के हाथ में है वो पर्दे के पीछे रहते हैं. सुप्रिय प्रसाद कैमरे पर नहीं आते हैं. उनसे पहले नकवी साहब टीवी टुडे के ग्रुप हेड थे. वो भी पर्दे पर नहीं आते थे. यहां एक सिस्टम काम करता है. बावजूद इसके अगर इनका कोई एंकर किसी अस्पताल के आईसीयू से लाइव करता है और ये लोग ऐसा होने से रोक नहीं पाते हैं तो यह इनकी चूक है. या फिर यह कि इनकी हैसियत इस लायक नहीं बची है कि अपने एंकरों को अराजक होने से रोक सकें.

दरअसल, अजीत अंजुम या फिर इस महिला एंकर ने जो किया है वह पत्रकारिता के किसी भी मापदंड पर खरा नहीं उतरता. इन्होंने अपनी हरकत से मरीजों की जान जोखिम में डाला है. मासूम बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया है. इसे पत्रकारिता नहीं कहा जा सकता. वह तो नीतीश कुमार बैकफुट पर हैं. उनमें और उनके शासन में नैतिक बल नहीं बचा है. अगर बचा होता तो इस मामले में अब तक कार्रवाई की जा चुकी होती. आईसीयू में अतिक्रमण एक ऐसा मसला है जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए. कम से कम इन संपादकों से यह जरूर पूछा जाना चाहिए कि इन्होंने ऐसा क्यों किया या फिर ऐसा क्यों होने दिया.

वरिष्ठ पत्रकार समरेंद्र सिंह की एफबी वॉल से.

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Comments on “अजीत अंजुम के बाद अंजना ओम कश्यप भी आईसीयू में दाखिल!

  • जितेंद्र says:

    अजंना की रिपोर्टिग से झलक रहा था कि वह पत्रकारिता नहीं बल्कि गुंडागर्दी करने गई थी।
    बेहद शर्मनाक रिपोर्टिंग

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  • Amanda Raman Tewari says:

    Sawal yah hai kii Another Anjum ja sakte hain ICU mein Anjana Omkahyap kyon nahi ja sakti Aajtak Channel waise bhi BJP ka Makkhanbaj hai

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  • बिल्कुल , जो भी पत्रकार या टीवी ग्रुप इसके लिए जिम्मेदार है उसके खिलाफ़ कार्यवाही होने ही चाहिए।
    लगता है अंजना तो केंद्र सरकार के लिए ही काम कर रही है जो भी केंद्र सरकार से किनारा करता है उसके ऑपरेशन के लिए अंजना ने शायद सरकार की वफादारी का ठेका लेे लिया है।

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  • डॉ. शिवा अग्रवाल says:

    अजित अंजुम ओर अंजना की रिपोर्टिंग में फर्क है। अजित जी इस मसले को इतना शिद्दत से न उठाते तो शायद नेता इस तरह भागे न जाते। ग्राउंड रिपोर्टिंग ओर ऑय लाइनर , मस्कारा, लिपा पुता चेहरा ओर अंदाज़ ऐसा बस भगवान बचाये ऐसी पत्रकारिता से।

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