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अपने पत्रकारों की बेवजह गिरफ़्तारी के चौथे दिन जगी अमर उजाला की अंतरात्मा, देखें खबरें

देर से ही सही, अमर उजाला की नींद टूटी है। बलिया में पेपर लीक की खबर छापने पर बेशर्म और अकर्मण्य पुलिस-प्रशासन द्वारा अमर उजाला के पत्रकारों की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ अमर उजाला अख़बार ने अब जाकर अपने पत्रकारों के पक्ष में और पुलिस प्रशासन के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला है।

एक खबर बनारस डेटलाइन से आज छपी है अमर उजाला में। इसमें साफ़ तौर पर डीएम को नक़ल रोक पाने व नक़ल माफिया पर लगाम लगा पाने के मामले में नाकारा और पत्रकारों को जेल भेजने के मामले में मुख्य साज़िशकर्ता इंगित किया गया है।

यही तेवर अमर उजाला अगर पहले दिन से अपनाए होता और अपने लखनऊ के पत्रकारों के ज़रिए योगी सरकार के बड़े अफ़सरों पर दबाव बनाए होता तो उसके पत्रकार जेल नहीं भेजे गए होते। उन्हें पूछताछ की औपचारिकता के बाद छोड़ दिया गया होता। पर बदले हुए अमर उजाला में संपादक जी लोगों को बस अपनी फ़िक्र रहती है कि उनकी कुर्सी और उनकी सेलरी सुरक्षित रहे, बाक़ी कोई उनका पत्रकार जिए या मरे, उनसे कोई मतलब नहीं।

अपने पत्रकारों की गिरफ्तारी के चौथे दिन जगे अमर उजाला ने अपने पत्रकार और अपनी रेप्यूटेशन की लाज बचाने के लिए वाराणसी से जो खबर लिखवाई है वह खबर ये है-

बलिया की गतिविधियों की खबर ये है-

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1 Comment

1 Comment

  1. Dr Ashok Kumar Sharma

    April 3, 2022 at 6:44 pm

    श्री राजुल माहेश्वरी से मेरी बात हुई थी उन्हें भड़ास में छपी समाचार की जानकारी तो नहीं दी परंतु खबरों पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने इस घटना की पूरी जानकारी करने के बाद उचित निर्देश पारित किए। लेकिन सारा श्रेय यशवंत आपको ही जाता है।

    ना आप यह सब लिखते ना मेरा ध्यान जाता। मैं तो कोई अखबार पढ़ता नहीं हूं केवल भड़ास ही पढ़ता हूं।

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