अमर उजाला ने आईपीओ लाने के लिए मांगी सेबी से इजाज़त

मुंबई : हिंदी दैनिक अमर उजाला की प्रकाशक कंपनी, अमर उजाला पब्लिकेशंस ने शुरुआती पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के जरिए धन जुटाने के वास्ते पूंजी बाज़ार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) जमा करा दिया है। इस ऑफर में 50 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि कंपनी के प्रवर्तक राजुल माहेश्वरी, स्नेहलता माहेश्वरी और पन अंडरटेकिंग्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड अपने 26.9 लाख (26,90,234) शेयरों को बिक्री (ओएफएस) के लिए पेश करेंगे। ओएफएस से मिली रकम सीधे संबंधित शेयरधारकों को मिल जाएगी और कंपनी का उसका कोई हिस्सा नहीं मिलेगा। वहीं नए शेयरों से मिली शुद्ध रकम का इस्तेमाल अमर उजाला विस्तार के लिए प्रिंटिंग मशीनों व होर्डिंग्स की खरीद और अपनी एक सब्सिडियरी में निवेश के लिए करना चाहता है। 

डीआरएचपी के मुताबिक आईपीओ से मिली शुद्ध रकम का इस्तेमाल इस प्रकार किया जाएगा: – 31.49 करोड़ रुपए मौजूदा क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रिंटिंग मशीनों की खरीद पर लगाए जाएंगे। – 7.88 करोड़ रुपए से आउट ऑफ होम (ओएचएच) विज्ञापन के लिए होर्डिंग खरीदी जाएंगी। – 87.5 लाख रुपए डिजिटल बिजनेस में विस्तार के लिए सब्सिडियरी में निवेश किए जाएंगे। – बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में लगाई जाएगी। कंपनी ने कहा है कि वो इश्यू की शुद्ध प्राप्तियों से उसका कोई इरादा सेकेंड हैंड संयंत्र व मशीनरी या विविध अचल संपत्तियां खरीदने का कतई नहीं है। उसने यह भी कहा है कि इस रकम का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी ज़रूरतों को पूरा करने में नहीं किया जाएगा। 

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में कहा गया है, “हमें उम्मीद है कि हम भविष्य में अपनी कार्यशील पूंजी ज़रूरतों की पूर्ति आंतरिक प्राप्तियों, मौजूदा ऋण सुविधाओं या क्रेडिट की नई व्यवस्था से कर लेंगे।” एक्सिस कैपिटल और आईडीएफसी सिक्यूरिटीज इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं, जबकि लिंक इनटाइम इसका रजिस्ट्रार है। वित्तीय स्थिति 31 दिसंबर 2014 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में कंपनी की आय 573.03 करोड़ रुपए रही है जिस पर उसने 26.66 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ की घोषणा की है। वित्त वर्ष 2013-14 में कंपनी की आय 17.68 प्रतिशत बढ़कर 640.34 करोड़ रुपए हो गई थी। इससे साल भर पहले कंपनी की आय 544.15 करोड़ रुपए रही थी। वहीं, वित्त वर्ष 2013-14 में कंपनी का शुद्ध लाभ 25.01 करोड़ रुपए रहा था, जो साल भर पहले के 18.51 करोड़ रुपए से 35.08 करोड़ रुपए ज्यादा था। शेयरधारिता प्रवर्तकों व प्रवर्तक समूह के पास अमर उजाला पब्लिकेशंस के 90 लाख शेयर हैं। यह आईपीओ से पहले की इक्विटी का 82 प्रतिशत हिस्सा है। 

इसमें से राजुल माहेश्वरी व स्नेहलता माहेश्वरी दोनों के पास अलग-अलग 20.86 लाख शेयर या आईपीओ से पहले की 19 प्रतिशत इक्विटी है। अंटार्टिका फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के पास कंपनी के 31.8 लाख शेयर या 28.97 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी है। वहीं, नॉर्दर्न इंडिया मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास कंपनी की 14.02 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी है। तन्मय माहेश्वरी और वरुण माहेश्वरी, दोनों के पास कंपनी के बराबर-बराबर 0.5 प्रतिशत शेयर हैं। कंपनी का बाकी 18 प्रतिशत मालिकाना पन अंडरटेकिंग्स नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के पास है। अमर उजाला कंपनी का दावा है कि उसका प्रमुख ब्रांड, अमर उजाला पाठकों की संख्या (स्रोत: आईआरएस 2012, चौथी तिमाही) के लिहाज़ में भारत का चौथा सबसे बड़ा दैनिक समाचार पत्र है। साल 2014 की पहली छमाही में अमर उजाला का औसत सर्कुलेशन एबीसी (ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन) के अनुसार प्रति दिन लगभग 19.5 करोड़ प्रतियों का रहा है। इसका प्रकाशन सबसे पहले 1940 के दशक के उत्तरार्ध में आगरा से शुरू हुआ था। अभी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब व हरियाणा के साथ-साथ नई दिल्ली व चंडीगढ़ से इसके 19 संस्करण निकल रहे हैं। समाचार व समसामयिक मामलों के प्रिंट मीडिया के बिजनेस के अलावा कंपनी शैक्षिक पुस्तकों और पत्रिकाओं का भी प्रकाशन करती है। 

हिंदी टेलीविजन पोस्ट से साभार

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