एचटी के लिए ‘मालकिन का सम्मान’ बड़ी खबर है, अपने महिला मीडियाकर्मी की पिटाई नहीं

Sanjaya Kumar Singh : हिन्दुस्तान टाइम्स की महिला फोटोग्राफर की पिटाई… यह खबर हिन्दुस्तान टाइम्स में पहले पन्ने पर तो नहीं है… पत्रकारिता की भाषा में यह भी सम्मान है… पुलिस करती रहती है… छोटे शहरों में ज्यादा होता है… दिल्ली में मौका कम मिलता है… पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के जमाने में यह खबर महिला मालकिन के हिन्दुस्तान टाइम्स में नहीं है… पर कोलकाता के अखबार दि टेलीग्राफ ने पहले पन्ने पर छापी है…

यहां तक तो कोई खास बात नहीं है… पर दूसरी फोटो हिन्दुस्तान टाइम्स की मालकिन या चेयरपर्सन शोभना भरतीया के सम्मान की है… अब यह कितना महत्वपूर्ण या बड़ा है, आप तय कीजिए… केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उन्हें यह सम्मान दिया और उनके अपने अखबार में खबर छपी है…

जब अखबार के चेयरपर्सन की फोटो छापनी हो तो फोटोग्राफर पिटे या मरे – प्राथमिकता तो तय है… यही है आज की पत्रकारिता… इसे सिखाने के लिए लोग पैसे लेते हैं और लोग सीखने में जीवन लगा देते हैं… संयोग से आज ही जनसत्ता के साथी, मशहूर पत्रकार आलोक तोमर की याद में एक सेमिनार है… विषय रखा गया है – “सत्यातीत पत्रकारिता : भारतीय संदर्भ”… पत्रकारिता कोई पढ़ाए-सिखाए… लेकिन ये भारतीय संदर्भ वाकई दिलचस्प है…

वरिष्ठ पत्रकार संजय कुमार सिंह की एफबी वॉल से.

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