तो क्या अब खबरिया चैनल तय करेंगे बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तारीख?

बृजेश सती / देहरादून
बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की हालांकि अभी कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन देश के एक निजी चैनल ने बाकायदा दिन तय कर दिया है। विजयदशमी के दिन इस चैनल ने मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तारीख के एलान के साथ ही अगले साल मंदिर के कपाट खुलने का दिन भी घोषित कर दिया है। चैनल के इस कृत्य पर स्थानीय लोगों व तीर्थ पुरोहितों के साथ ही बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने भी नाराजगी जाहिर की है।

गौरतलब है कि बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने व बंद होने की तिथि की घोषणा परम्परानुसार की जाती है। इसके लिए दिन तय होता है। बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोलने के लिए वसंत पंचमी के दिन राजदरवार नरेन्द्र नगर में विधि विधान के अनुसार वैदिक पंचांग देखकर समय व दिन तय किया जाता है। इसके बाद ही मंदिर समिति प्रशासन द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा की जाती है। ऐसे ही मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने से पहले विजय दशमी के दिन बदरीनाथ धाम में मदिर परिसर में वैदिक पंचांग देखकर मंदिर के कपाट बंद होने की तारीख का ऐलान किया जता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। लेकिन देश के खबरिया चैनल अपनी टीआरपी बढाने के चलते इन स्थापित परंपराओं व मान्यतओं का मखौल उड़ाने पर लगे हैं।

ताजा प्रकरण में विगत 12 अक्तूबर को देश के प्रमुख चैनलों में शुमार एबीपी न्यूज ने बदरीनाथ मंदिर के कपाट 17 नवम्बर को बंद होने की खबर के साथ ही मंदिर के कपाट अगले यात्राकाल में 29 अप्रैल 2017 को खुलने की घोषणा भी कर दी। इसके बाद से ही स्थानीय लोगों में चैनल को लेकर खासी नाराजगी है। बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिरों को संचालित करने वाली श्रीबदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। मंदिर समिति के मुख्यकार्याधिकारी ने  कहा कि समिति इस कृत्य की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि मंदिर की परम्पराओं व मान्यताओं के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जायेगी। मुख्यकार्याधिकारी ने कहा कि कपाट खुलने व बंद करने के लिए विधान है और इसी के अनुसार व्यवस्थाएं की जाती हैं। उन्होंने कहा कि कपाट खुलने का समय व दिन वसंत पंचमी के दिन तय होगा। दूसरी ओर तीर्थ पुरोहितों ने भी इस पर नाराजगी जताई है। ब्रहमकपाल तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष उमानन्द ने कहा कि भ्रामक समाचार देने वाले चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने मंदिर समिति से मांग की है कि चैनल को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी हरिद्वार की एक ट्रेवल एजेंसी ने वर्ष 2014 में बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तरीख खुद ही घोषित कर बुकिंग शुरू कर दी थी। इस तरह के वाकये के लिए बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति भी कम जिम्मेदार नहीं है। खुद मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष गणेश गोदियाल परम्पराओं को तोड मंदिरों के कपाट साल भर खोलने की पैरवी कर रहे हैं। जोशीमठ में स्थानीय मीडिया कर्मियों से उन्होंने यह बात की थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह समिति का प्रस्ताव नहीं बल्कि उनकी अपनी व्यक्तिगत राय है। फिर भी एक जिम्मेदार पद पर बैठे हुये व्यक्ति का ऐसा बयान सही नहीं ठहराया जा सकता है।

बृजेश सती से संपर्क 9412032437 या 8006505818 या brijeshntt@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code