सृजन घोटाले में नेताओं-अफसरों की गिरफ्तारी के लिए वारंट मांगने वाले सीबीआई अधिकारी पर गिरी गाज

नाम है एसके मलिक. सीबीआई में एएसपी हैं. ये बिहार के सृजन घोटाले की जांच करने वाली बीस सदस्यीय सीबीआई टीम के अगुवा हैं. सृजन घोटाला पंद्रह सौ करोड़ रुपये का है और इसमें नेता, अफसर, पत्रकार सब शामिल हैं. कहा जा रहा है कि यह घोटाला चारा घोटाले से भी बड़ा है. इस घाटाले की तह तक जा चुके सीबीआई आफिसर एसके मलिक ने पुख्ता प्रमाण जुटाने और पूछताछ के वास्ते जब सीबीआई कोर्ट से घोटाले में शामिल कुछ नेताओं व अफसरों की गिरफ्तारी के लिए वारंट मांगा तो फौरन उन पर कार्रवाई हो गई. उनका तबादला कर दिया गया.

उन्हें दिल्ली बुलाकर सीबीआई मुख्यालय से अटैच कर दिया गया. उनकी जगह सीबीआई अधिकारी एन. महतो को भेजा गया है. इस सृजन घोटाले में चार बड़े नेता सीबीआई के राडार पर हैं जिनमें से एक केंद्रीय मंत्री है. दूसरा बीजेपी का झारखंड से लोकसभा सदस्य है. तीसरा एक पूर्व भाजपा सांसद है. चौथा जनता दल यूनाइटेड का एक नेता है जो इस स्कैम में शामिल होने की चर्चा के बाद अब पार्टी से सस्पेंड किया जा चुका है. इसी तरह कुल पांच आईएएस अधिकारी इस घोटाले में शामिल हैं जिन पर सीबीआई की निगाह है. ये सारे आईएएस अफसर भागलपुर में जिला मजिस्ट्रेट रह चुके हैं. इनमें से एक ने वीआरएस लेकर 2014 का लोकसभा चुनाव जद यू के टिकट पर लड़ा और हार गया.

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें-

https://chat.whatsapp.com/Bo65FK29FH48mCiiVHbYWi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *