सृजन घोटाले में नेताओं-अफसरों की गिरफ्तारी के लिए वारंट मांगने वाले सीबीआई अधिकारी पर गिरी गाज

नाम है एसके मलिक. सीबीआई में एएसपी हैं. ये बिहार के सृजन घोटाले की जांच करने वाली बीस सदस्यीय सीबीआई टीम के अगुवा हैं. सृजन घोटाला पंद्रह सौ करोड़ रुपये का है और इसमें नेता, अफसर, पत्रकार सब शामिल हैं. कहा जा रहा है कि यह घोटाला चारा घोटाले से भी बड़ा है. इस घाटाले की तह तक जा चुके सीबीआई आफिसर एसके मलिक ने पुख्ता प्रमाण जुटाने और पूछताछ के वास्ते जब सीबीआई कोर्ट से घोटाले में शामिल कुछ नेताओं व अफसरों की गिरफ्तारी के लिए वारंट मांगा तो फौरन उन पर कार्रवाई हो गई. उनका तबादला कर दिया गया.

ताजमहल में टिकट बिक्री का घोटाला (देखें वीडियो)

दुनिया की नायाब और हसीन इमारतों में शुमार ताजमहल को देखने के लिए दुनिया भर के पर्यटक आते हैं और इसकी ख़ूबसूरती के क़ायल हो जाते हैं। लेकिन ताजमहल में जाने के लिए जो टिकट ली जाती है, वो प्रयोग की हुई होती है। इसी टिकट का काला सच एक वीडियो में सामने आया है। वीडियो में एक विदेशी पर्यटक को एक हज़ार रुपये वाले टिकट देने की बजाए चालीस रुपए वाला टिकट थमा दिया जाता है। इस वीडियो से पुरातत्व विभाग से लेकर ताजमहल से जुड़े कई विभागों में हड़कंप मच गया है।

सहारा के पत्रकार रमेश अवस्थी और उनके बेटे सचिन अवस्थी ने किया पुरस्‍कार घोटाला!

बाप-बेटे ने नेशनल मीडिया क्‍लब नामक संगठन के माध्यम से पत्रकारिता दिवस के मौके पर योगी के नाम की आड़ लेकर उन लोगों को भी सम्मानित बता दिया जो सम्मान लेने गए ही नहीं…

लखनऊ में नेशनल मीडिया क्लब नाम की एक संस्‍था ने ऐन हिंदी पत्रकारिता दिवस के दिन उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नाम का इस्‍तेमाल करते हुए कुछ वरिष्‍ठ पत्रकारों को बदनाम करने का काम किया है। इस संस्‍था ने 30 मई को एक ऐसा भयंकर पुरस्‍कार घोटाला किया है जिसमें 60 साल की उम्र पार कर चुके ऐसे पत्रकारों को पुरस्‍कार दिलवा दिया गया जिन्‍हें न तो अब तक पुरस्‍कार मिलने की ख़बर है, न ही वे वहां सशरीर मौजूद थे और जिन्‍होंने पुरस्‍कार की पेशकश पर अपनी सहमति तक नहीं दी थी।

वास्तु विहार घोटाला (5) : भाजपा सांसद मनोज तिवारी के अलावा शशिकांत चौधरी और विनय तिवारी पर भी गबन का मुकदमा

आज कई अखबारों और वेबसाइटों पर वास्तु विहार घोटाले को लेकर मुकदमा दर्ज किए जाने की खबर है. दरभंगा में भाजपा सांसद और दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के अलावा इस घोटाले में जिन दो अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है, उनके नाम हैं- शशिकांत चौधरी (कार्यपालक निदेशक बिल्डर वास्तु बिहार मेसर्स दरभंगा) और विनय कुमार तिवारी उर्फ विजय कुमार तिवारी (महाप्रबंधक, वास्तु विहार बी2, ग्रेंड चंद्रा अपार्टमेंट, फ्रेजर रोड, पटना)। इनके विरुद्ध आपराधिक षडयंत्र, ठगी, धोखाधड़ी कर राशि गबन का मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दर्ज कराया गया.

Vastu Vihar Scam (4) : पटना में भी भाजपा सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ दर्ज हो चुकी है एफआईआर

वास्तु विहार घोटाले में अलग-अलग जगहों पर मुकदमों का क्रम साल भर पहले से शुरू हो गया लेकिन इस घोटाले पर मीडिया वाले रहस्यमय चुप्पी साधे हुए हैं. इस स्कैम का सबसे पहले भड़ास ने खुलासा किया. किसी भी मुख्यधारा के अखबार और चैनल ने वास्तु विहार घाटाले पर एक लाइन नहीं छापा न दिखाया. ऐसा माना जा रहा है कि मीडिया वाले भाजपा के शीर्ष नेताओं और केंद्र-राज्य की सरकारों के दबाव / प्रलोभन के कारण मनोज तिवारी के खिलाफ कुछ नहीं छाप रहे हैं. मनोज तिवारी की जगह अगर यही आरोप आम आदमी पार्टी के किसी नेता पर लगा होता तो सारे चैनल पूरे दिन इसी घोटाले के गड़े मुर्दे खोदते रहते. इसे ही कहते हैं मीडिया का नंगा और दोगला चेहरा.

आईएएस रमा रमण के कार्यकाल में नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरणों में हुए घपले-घोटालों की जांच की मांग

Yashwant Singh : चर्चित आईएएस सूर्य प्रताप सिंह अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं :

खबर से भड़के डीएम ने जारी किया आदेश : ‘हिंदुस्तान’ अखबार के इस उगाहीबाज रिपोर्टर को आफिस में घुसने न दें!

Dinesh Singh : मैं नहीं जानता कि बाका के जिलाधिकारी के दावे में कितनी सच्चाई है। बिहार में हिन्दुस्तान की स्थापना के समय से जुड़े होने के चलते मैंने देखा है कि रिमोट एरिया में ईमानदारी के साथ काम करने वाले पत्रकार भी भ्रष्ट अधिकारियों के किस तरह भेंट चढ़ जाते हैं। मैं यह नहीं कहता कि सारे पत्रकार ईमानदार हैं मगर मैं यह भी कदापि मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि सारे पत्रकार चोर और ब्लैकमेलर ही होते हैं।

कथित पत्रकार ने ‘इंडिया टीवी’ के नाम पर आधा दर्जन सरपंचों से लाखों रुपये की ठगी कर ली

अपने आपको पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति ने इंडिया टीवी के नाम पर आधा दर्जन सरपंचों को ठग लिया. छत्तीसगढ़ में जांजगीर-चांपा से खबर है कि अपने आपको इंडिया टीवी का पत्रकार बताते हुए शातिर ठग ने पहले सचिवों तथा सरपंचों से उनके गांव के विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली. फिर कुछ दिनों बाद वो वापस पहुंचकर समाचार के बदले पन्द्रह पंद्रह सौ रुपए की मांग करने लगा. पन्द्रह सौ रुपए का चेक दिए जाने पर उस शातिर ठग ने उसमें कूटरचना कर आधा दर्जन सरपंचों से लाखों रूपए ठग लिए. निर्माण कार्यों के लिए राशि निकलवाने बैंक पहुंचने पर सरपंचों को खाते में राशि नहीं होने पर ठगे जाने का अहसास हुआ जिसके बाद सरपंचों ने मामले की शिकायत जांजगीर थाने में की है.

व्यापम घोटाले का खुलासा करने वाले लोगों को जान का खतरा

भोपाल: मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपे कल एक साल पूरा हो जाएगा. पिछले साल व्यापम की आंच मुख्यमंत्री शिवराज तक पहुंच गई लेकिन एक साल में ज्यादातर हाईप्रोफाइल आरोपी जेल से बाहर आ गए हैं. ऐसे में व्यापम घोटाले का खुलासा करने वाले लोगों को अब जान का खतरा सताने लगा है. घोटाले का खुलासा करने वाले आनंद राय को जान का भय सता रहा है. व्हिसिल ब्लोअर डॉ आनंद राय का कहना है, ‘’जान का खतरा पहले से ज्यादा बढ़ गया है. मुझे सुरक्षा दी गई है लेकिन परिवार को नहीं. 2500 लोगों से दुशमनी मोल ले रखी है.’’

मध्य प्रदेश सरकार ने छल वेबसाइटों को 4 साल में दिए 14 करोड़ के सरकारी विज्ञापन, इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित की रिपोर्ट

वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव की रिपोर्ट में खुलासा, पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों की ओर से संचालित की जा रही हैं वेबसाइट, 10 हजार रूपए से लेकर 21 लाख 70 हजार रुपए तक विज्ञापन दिए गए, कांग्रेसी विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में उठाया था सवाल

-दीपक खोखर-

भोपाल, 10 मई। मध्य प्रदेश में 4 साल के दौरान 244 छल वेबसाइटों को 14 करोड़ रूपए के सरकारी विज्ञापन दिए गए। इनमें से ज्यादातर वेबसाइट पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों की ओर से संचालित की जा रही हैं। इन वेबसाइट को वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के बीच 10 हजार रूपए से लेकर 21 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गए। इंडियन एक्सप्रेस ने इस बारे में सोमवार 9 मई के अंक में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव की रिपोर्ट में यह तमाम खुलासे हुए हैं। दरअसल कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में सवाल उठाया था। जिसके बाद उन्हें दिए गए जवाब में तमाम जानकारी हासिल हुई।

पब्लिक का हजारों करोड़ रुपया दबाए विजय माल्या सरकार की नाक के नीचे से भाग गया!

Sheetal P Singh : वो हू ला ला ला करके देश को दस हज़ार करोड़ का प्रत्यक्ष चूना लगा कर निकल गया। देशभक्त प्रोफ़ाइलों का मुँह आटोमेटिकली तालाबन्द हो गया है “नो कमेंट”! वे सेना और सैनिक बहुत बेचते हैं, ख़ासकर जब कोई सैनिक या सैन्य अफ़सर बार्डर पर शहीद हो जाय तो तुरंत उसके फ़ोटो लाइक/ शेयर करने के मर्सिये पढ़ने लगते हैं। पन्द्रह दिन बाद उसके घर परिवार के दुख लापता हो जाते हैं! हेमराज (जिसका सर पाकिस्तानियों ने नहीं लौटाया) का परिवार कहाँ किस हाल में है किसी को पता है? और, सेना श्री श्री के लिये फ़्री में प्लांटून पुल बनाने में लगा दी गई है। ध्यान से नोट करते रहिये देशभक्ति को।

मीडिया को गरियाने से पहले मोदी के उपासक पढ़ लें ताजे और पुराने घपलों-घोटालों की यह लिस्ट

जिन मई ’14 से पहले अखबार नईं वेख्या…

सबसे पहले प्रतिष्ठित रचनाकार असगर वज़ाहत Asghar Wajahat साहब से माफ़ी कि उनके कालजयी नाटक “जिन लाहौर नहीं वेख्या” से मिलता जुलता शीर्षक रख रहा हूँ। बात दरअसल ये है कि इस वक्त एक पूरी जमात उठ खड़ी हुयी है जिसने 16 मई 2014 से पहले न अखबार देखे हैं न टीवी का रिमोट हाथ में उठाया था। और इसीलिए यह जमात देश के प्रधानमंत्री और सत्ताधारी पार्टी की आलोचना पर छाती कूटने लगती है। भाई लोग ऐसे कलपते, किकियाते, बिलबिलाते हैं मानो इससे पहले कभी किसी प्रधानमंत्री के खिलाफ एक शब्द भी न लिखा गया हो न बोला गया हो।

सीबीआई से डरे समाजवादी कुनबे ने यूपी में भाजपा को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की छूट दी!

Vishwanath Chaturvedi : मुलायम के मुंह में जमी दही, कठेरिया के बयान पर राम गोपाल की जवाबी कौव्वाली.. 5 राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में अपनी हार के प्रति आश्वस्त भाजपा ने उत्तर प्रदेश में राजनैतिक ध्रुवीकरण की तैयारी शुरू कर दी है. मुलायम भाजपा के मोहरे की तरह इस्तेमाल होने को मजबूर हैं क्योंकि सीबीआई केंद्र के पास है और कुनबा 2007 से वांटेड है। यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले में बात-बात पर बाहें चढ़ाने वाले राम गोपाल के बेटे व बहू का नाम आ जाने के बाद अब भाजपा के पास इनको नचाने का अवसर मिल गया है। 

यादव सिंह की कंपनी में राजा भैय्या और उनकी पत्नी ने लगाए 150 करोड़ रुपये!

Vishwanath Chaturvedi : राजा भैय्या ने यादव सिंह की कंम्पनी में लगाये 150 करोड़… राजा भैय्या के पी आर ओ राजीव यादव ने सी बी आई को सौंपे दस्तावेज… उत्तर प्रदेश में 2 लाख करोड़ के खादय् घोटाले (जिसकी जांच सीबीआई कर रही है) के समय मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह सिंह द्वारा जिलों से वसूली गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए यादव सिंह की फर्जी कंम्पनियो का सहारा लिया गया…

दैनिक जागरण वाले चोर ही नहीं, बहुत बड़े झुट्ठे भी हैं… देखिए इनका ये थूक कर चाटना

दैनिक जागरण के मालिक किसिम किसिम की चोरियां करते हैं. कभी कर्मचारियों का पैसा मार लेते हैं तो कभी कानूनन जो देय होता है, उसे न देकर फर्जी लिखवा लेते हैं कि सब कुछ ठीक ठाक नियमानुसार दिया लिया जा रहा है. ऐसे भांति भांति के फर्जीवाड़ों और चोरियों का मास्टर दैनिक जागरण समूह अब तो बहुत बड़ा झुट्ठा भी घोषित हो गया है. यही नहीं, जब इसका झूठ पकड़ा गया तो इसे थूक कर चाटने को मजबूर किया गया और इसे ऐसा करना भी पड़ा.

म.प्र. जनसंपर्क में पत्रकारों को बांटे गए लैपटाप में हुए घोटाले की जांच के आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा तथाकथित वरिष्ठ एवं अधिमान्य पत्रकारों को बांटे गये लैपटाप में हुए घोटाले की जाँच के आदेश नवागत जनसंपर्क आयुक्त श्री अनुपम राजन ने दे दिए हैं। श्री राजन ने यह आदेश आज उनसे मिलने गये इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) नई दिल्ली से संबद्ध भोपाल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन भोपाल की एमपी यूनिट के एक प्रतिनिधि मंडल की मांग पर जारी किए हैं। यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने जनसंपर्क आयुक्त श्री राजन को एक ज्ञापन प्रस्तुत कर पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए प्रदेश के पत्रकारों को वितरित किए गये लेपटाप में हुई गड़बड़ियों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया था। इस पर उन्होंने इस मामले की तत्काल जाँच कराने के आदेश जारी किये।

क्या ‘प्याज’ घोटाला छिपाने के लिए दिया गया फुल पेज का विज्ञापन?

नई दिल्ली: प्याज को लेकर घोटाले के आरोपों से घिरी दिल्ली सरकार ने घोटाले के आरोपों को नकार दिया है. लेकिन आज केजरीवाल सरकार ने अखबारों में पूरे पेज का विज्ञापन छापकर आजतक चैनल पर निशाना साधते हुए बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है. बीजेपी ने कहा है कि करोड़ों का विज्ञापन देकर सरकार ने प्याज घोटाला छुपाने की कोशिश की है. केजरीवाल सरकार पर सस्ते में प्याज खरीदकर जनता को महंगा बेचने का आरोप लगा है. बड़ा सवाल ये है कि प्याज में घोटाला हुआ या नहीं.

प्‍याज घोटाले का आरोप लगने पर केजरीवाल सरकार ने आजतक न्‍यूज चैनल पर निशाना साधते हुए अखबारों में निकाला पूरे पेज का विज्ञापन

नई दिल्‍ली। दिल्‍ली में केजरीवाल सरकार पर कम दामों में प्‍याज खरीदकर ज्‍यादा दामों में बेचने के आरोप लगने के बाद आप की सफाई आई है। उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हुए कहा कि हमने प्‍याज 32.86 रुपए में खरीदे और बाजार में अपनी जेब से पैसे भरते हुए कम कीमत पर बेचे। जबकि केंद्र सरकार 33 रुपए में खरीदा प्‍याज ज्‍यादा दामों में बेच रही थी। उन्‍होंने आरोप लगाया कि यह सब लोगों का ध्‍यान हटाने के लिए किया जा रहा है। मीडिया को कागज दिखाते हुए उन्‍होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि हमने केंद्र की एजेंसी एसफएसी से प्‍याज खरीदे थे।

रियल स्टेट : कानपुर प्रेस क्लब के पत्रकार और सपा नेताओं के संरक्षण में करोड़ों का घोटाला

कानपुर (उ.प्र.) : समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं के संरक्षण में कानपुर रियल स्टेट में करोड़ों रुपए के घोटाले की खबर है। पीड़ित के अनुसार कानपुर प्रेस क्लब के नामी पदाधिकारी भी इस घोटाले में शामिल हैं। ‘हैप्पी होम्स इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के माध्यम से जालसाजी कर लोगों को जम कर चपत लगाई है। अब शिकार हुए लोग दर-दर भटक रहे हैं। पीड़ितों में महिला सब इंस्पेक्टर उज्जवला गुप्ता, गिरीश कुलश्रेष्ठ, रितेश अग्रवाल, शिरीष सिंह, तुषार, मोईन लारी, अंकित सिंह आदि बताए गए हैं। मामले में सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं का नाम आने से पुलिस का रवैया ढुलमुल बना हुआ है। डीएम, कमिश्नर, आईजी, डीआईजी तक ने मामला संज्ञान में आने के बाद चुप्पी साध रखी है। मामले का खुलासा एस.आर.न्यूज़ द्वारा सोशल मीडिया में किये जाने के बाद एक पीड़ित को तो उसके बच्चों के अपहरण तक की धमकी दी गई है। 

‘व्यापमं’ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजनाथ की आपात बैठक, शाम को राष्ट्रपति से मिलेंगे, रामनरेश का इस्तीफा संभव

नई दिल्ली : व्यापमं घोटाले में गवर्नर रामनरेश यादव को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह इमरजेंसी बैठक कर रहे हैं। इसमें गवर्नर के भविष्‍य को लेकर फैसला हो सकता है। किसी इस तरह के निर्णय पर अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश से लौटने के बाद अगले हफ्ते हो सकती है। आज शाम 6 बजे गृह मंत्री राजनाथ सिंह राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। व्यापमं घोटाले मे यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं। केंद्र सरकार राज्यपाल रामनरेश यादव को आज सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद इस्तीफा देने को कह सकती है। 

व्यापम घोटाले में एक बड़ा नाम भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का भी!

सुधांशु त्रिवेदी का व्यापम घोटाले से क्या रिश्ता है? क्या टेलीविज़न पर अक्सर दिखने वाला बीजेपी का न भूलने वाला चेहरा सुधांशु त्रिवेदी, व्यापम घोटाले से किस प्रकार जुड़े है? क्या अभी सुधांशु त्रिवेदी व्यापम में बड़े पद पर नहीं थे?

मीडिया संस्थानों में चुपचाप चल रहा ‘व्यापम’ जैसा घिनौना खेल

इन दिनों देशभर में ‘व्यापम’ भर्ती घोटाले पर बवाल मचा है। ये घोटाला अपने नज़दीकी, रिश्तेदार या अयोग्य लोगों को धनबल के आधार पर सरकारी नौकरियों और मेडिकल-इंजीनियरिंग में प्रवेश दिलाने का है। घोटाले के उजागर होने के बाद से ही देशभर में मानो भूचाल आ गया है। ऐसे में मीडिया संस्थानों के आंतरिक भर्ती-भ्रष्टाचार पर कहावत याद आती है कि जिसके घर शीशे के होते हैं, पत्थरों से वैर नहीं पालता। बीते दिनों डीडी न्यूज़ में 10-12 पदों के लिए 500 से ज़्यादा अनुभवी पत्रकारों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गयी थी, जिसके पैटर्न की सूचना प्रकाशित करना भी प्रसार भारती ने उचित नहीं समझा। राज्यसभा टीवी ने अयोग्य लोगों को भर्ती करने का अभियान जारी रखा हुआ है। इन भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर शीट का इस्तेमाल न किये जाने, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता संदिग्ध होने सहित कईं खामियां देखी गयीं जो व्यापम की तर्ज पर घोटाले की तरफ इशारा करती हैं। निजी मीडिया संस्थानों में तो और भी बुरे हाल हैं। ताज़ा मामला देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थान होने का दावा करने वाले ज़ी न्यूज़ समूह का है। आज तक, इण्डिया टीवी से लेकर एनडी टीवी और न्यूज़ नेशन से लेकर न्यूज़ 24 तक ऐसा कोई मीडिया संस्थान नहीं जो हायर एन्ड फायर का घिनौना खेल खेल कर हज़ारों होनहार पत्रकारों का भविष्य तबाह करने की इस दौड़ में शामिल न हो। 

‘व्यापमं’ उर्फ एक व्यापक ‘राष्ट्रवादी’ घोटाला… क्योंकि यहां घोटाले के साथ दनादन हत्याएं भी होती हैं!

Krishna Kant :  व्यापमं घोटाले की जांच से जुड़े मेडिकल कॉलेज के डीन भी निपट गए. पत्रकार अक्षय सिंह को कल निपटाया गया था. अब तक देश में जो घोटाले हुआ करते थे उनमें हत्याएं नहीं होती थीं इसलिए वे राष्ट्रवादी नहीं थे.. उनसे भारत की नाक कट रही थी. देश शर्मिंदा हो गया था. राष्ट्र की सोच बड़ी हो इसलिए घोटाला भी बड़ा होना चाहिए. दो चार आरोपियों वाले घोटाले शर्मिंदा कर देते हैं. इसलिए व्यापक तौर पर व्यापमं हुआ है. 2500 आरोपी. 500 फरार 55 केस. 45 हत्याएं. जनता को भी घोटाला सोटाला में टांग न अड़ाने के लिए सबक मिलना चाहिए. मजबूत भारत बनाना है, इसलिए रोज एक हत्या. इस तरह रोज एक प्राण की आहुति देने से घोटालों के देवता प्रसन्न होते हैं और राष्ट्र तरक्की करता है.

अक्षय की लाश अब भी मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात के आसपास के बीच एंबुलेंस में टहल रही है.. शेम शेम आजतक!

Yashwant Singh : शेम शेम आजतक. खुद को नंबर वन बताने वाला ये नपुंसक चैनल फिर वही ड्रामा कर रहा है जो सुरेंद्र प्रताप सिंह के मरने के बाद किया था. लाश मौत हत्या को लेकर सूचनाएं दबा रहे हैं या गलत सूचनाएं दे रहे हैं. अब तक ये लोग अपने चैनल पर सिर्फ मरने की सिंपल खबर दिखा रहे हैं. कोई गुस्सा नहीं. कोई विरोध नहीं. कोई तनाव नहीं. आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह को व्यापमं घोटाले के कवरेज के दौरान मारे जाने की सूचना मिलने के बाद यह चैनल अभी तक उनकी लाश को झाबुआ के सरकारी अस्पतालों से लेकर नजदीकी प्राइवेट अस्पतालों तक और पचास किमी पड़ोसी गुजरात राज्य के दहोद तक में घुमा रहा है और शिवराज सिंह से निष्पक्ष जांच कराने के लिए पत्र लिखकर अनुरोध कर रहा है.

अक्षय श्रद्धांजलि : किसी भी थाने में बेधड़क स्टिंग करता था… कोई उसे देख नहीं पाया… कमाल का लड़का है…

Padampati Sharma : ऐसे ही अगर तुम्हे जाना था अक्षय… तो तुम मिले ही क्यों थे? जी हां, मैं बात कर रहा हूं एक जाबांज, दिलेर पत्रकार की जिसकी हिम्मत के किस्से उसके साथी ही नहीं उसके सीनियर्स भी सुनाते नहीं थकते. अपनी मां का लाडला और एक बहन का प्यारा भाई आजतक का विशेष संवाददाता वही अक्षय सिंह कर्तव्य निभाते निभाते शहीद हो गया या यूं कहूं कि व्यापम घोटाले का वह एक और शिकार बन गया.

व्यापमं घोटालेबाजों ने अबकी पत्रकार अक्षय का किया शिकार… अब तो जागो हिंदुस्तान!

Yashwant Singh :  व्यापमं घोटाला कवर करने गए आजतक के स्पेशल करेस्पांडेंट अक्षय सिंह की झाबुआ में लाश मिली… ये घोटाला कितने लोगों की जान लेगा और इस पर कब तक मौन साधे रहेंगे नरेंद्र मोदी व शिवराज सिंह चौहान… यह घोटाला तो सभी घोटालों का बाप साबित हो चुका है क्योंकि इसके असली बड़े आरोपियों को बचाने की कवायद में दनादन हत्याएं मौतें लाशें बिछ रही हैं… आजतक के एसआईटी हेड अक्षय के मारे जाने से पूरा प्रकरण अब बेहद अहम मोड़ ले चुका है… अब तो इन भाजपाइयों को शेम शेम कहना होगा… किस मुंह से ये न खाने और न खाने देने की बात कहते हैं… ये तो न सिर्फ खाते हैं बल्कि जो इनके खाने की पोल खोलता है उसे मार डालते हैं… शेम शेम…

व्यापमं घोटाला कवर करने गए आजतक के स्पेशल करेस्पांडेंट और एसआईटी हेड अक्षय सिंह की झाबुआ में लाश मिली

मध्य प्रदेश के कुख्यात व्यापमं घोटाले को कवर करने गए आजतक न्यूज चैनल के स्पेशल करेस्पांडेंट अक्षय सिंह की झाबुआ में मौत हो गई है. आशंका जताई जा रही है कि व्यापमं घोटाले के उन बड़े आरोपियों ने अक्षय को ठिकाने लगाया है जो इस घोटाले से जुड़े अब तक दर्जनों लोगों को निपटा चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक अक्षय के हाथ व्यापमं घोटाले की ढेर सारी बातें हाथ लग गई थीं और वह पीड़ित परिवारों के इंटरव्यू कर रहे थे. कहा जा रहा है कि उन्हें खाने में जहर देकर मारा गया है. बेहद हट्टे कट्टे मजबूत कद काठी वाले अक्षय सिंह आजतक में करीब चार पांच वर्षों से कार्यरत थे.

Rs 200 cr ADVT Scam : Supreme court will hear Shobhana Bhartia’s SLP No.1603 on 14 July 2015

New Delhi, June 25. In the globally talked Rs.200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement Scandal, the Supreme Court of India on June 24,2015, has notified  through its website  that it is likely that the Supreme Court of India (New Delhi) will list ”the Special Leave Petition(Criminal) No-1603 of 2013 for hearing on July 14, 2015 next.

व्यापम घोटाला : निजी मेडिकल कॉलेजों ने काउंसिलिंग के बाद ज्वॉइनिंग को छिपाया

भोपाल : प्रदेश शासन द्वारा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में भरी जाने वाली सीटों की प्रक्रिया को लेकर जांच कर रही एएफआरसी ने अपने 21 मई 2015 के खुलासे में भारी अनियमितता का उल्लेख करते हुए बताया है कि धोखाधड़ी से महाविद्यालयों में निजी उम्मीदवारों को प्रवेश दिलवाया गया।