मानहानि के मामले में कोर्ट ने न्यूज चैनल पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

मानहानि के एक मामले में न्यूज चैनल को दोषी मानते हुए अदालत ने पचास लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. कर्णाटक में बैंगलुरू की एक कोर्ट ने कांग्रेस नेता दिव्या स्पंदना उर्फ राम्या को गलत तरीके से आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग से जोड़े जाने पर एशियानेट न्यूज नेटवर्क और सुवर्णा न्यूज 24×7 के ऊपर 50 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है.

सितंबर 2013 में सुवर्णा न्यूज ने एक रिपोर्ट को सार्वजनिक किया था, जिसमें आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग से कांग्रेस नेता राम्या का नाम जोड़ा गया था. चैनल ने किसी कन्नड़ एक्ट्रेस के भी इसमें शामिल होने की बात कही थी. इसी मामले को लेकर दिव्या स्पंदना ने 2013 में मानहानि का केस दर्ज कराया था.

राम्या ने आरोप लगाया था कि कई न्यूज रिपोर्ट और शो में स्पॉट फिक्सिंग को लेकर उनके फोटो और वीडियोज़ टेलीकास्ट किए गए, जिससे ये संदेश गया कि इससे उनका संबंध है. सुवर्णा न्यूज 24×7 एशियानेट न्यूज नेटवर्क के अंतर्गत एक कन्नड़ न्यूज चैनल है, जिसका मालिकाना हक राजीव चंद्रशेखर के ज्यूपिटर कैपिटल वेंचर के पास है.

31 मई, 2013 को प्रसारित एक कार्यक्रम में आरोप लगाया गया कि कन्नड़ फिल्म उद्योग की दो अभिनेत्रियां आईपीएल को प्रभावित करने वाले स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी के घोटाले में शामिल थीं. हालांकि इस खबर में स्पंदना का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन उनकी फोटो कार्यक्रम में दिखाई गई थी.

मामले की सुनवाई के दौरान एशियानेट और सुवर्णा न्यूज ने कहा कि कार्यक्रम में दिव्या स्पंदना का कोई सीधा जिक्र नहीं किया गया था इसलिए उन्हें कोई हानि या नुकसान नहीं पहुंचा है. हालांकि, अतिरिक्त सिटी सिविल एंड सेशन जज पाटिल नागालिंगन गौड़ा ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया. कोर्ट ने यह भी नोट किया कि राम्या आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की एक ब्रांड एंबेसडर थीं, लेकिन उन्होंने 2013 के सीजन में भाग नहीं लिया था, क्योंकि वह कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार कर रही थीं.

दरअसल, राम्या सीज़न एक से पांच तक आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ब्रांड एंबेसेडर थीं. लेकिन स्पॉट फिक्सिंग सीज़न 6 से जुड़ा हुआ है. राम्या के वकील ने कोर्ट को बताया कि सीज़न 6 से सक्रिय तौर पर नहीं जुड़ी थीं क्योंकि वह उस वक्त कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनावों में कैंपेन करने में व्यस्त थीं. दूसरी ओर बचाव पक्ष का कहना है कि मीडिया हाउस के रूप में उनके पास यह अधिकार है कि वह किसी पब्लिक फिगर के बारे में न्यूज दिखा सके.

उन्होंने कहा कि कहीं भी किसी के खिलाफ सीधे तौर पर मैंच फिक्सिंग से कोई संबंध होना नहीं दिखाया गया था, बल्कि एक बुकी साहू के द्वारा किए गए दावे के तहत ये खबर दिखाई गई थी, जिसमें उसने दो कन्नड़ एक्ट्रेस के स्पॉट फिक्सिंग से संबंधित होने का दावा किया था. दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला किया कि जो भी प्रोग्राम उस वक्त दिखाया गया वह मनगढ़ंत था और शिकायतकर्ता की छवि को खराब करने की इरादे से किया गया था.

वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट.

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