छुटभैया चैनल में काम करने वाले जब सेलरी मांगते हैं तो जानिए उनके साथ क्या-क्या होता है…

ये कहानी आर्या न्यूज चैनल (जो सिर्फ फेसबुक और यट्यूब पर चलाया जाता है और जिसके ज्यादातर वीडियोज के व्यूज सैकड़ा से ज्यादा नहीं होते) और इसके मुंहनोचवा संचालक दुर्गेश आर सिंह राजपूत से संबंधित है… इसके यहां कार्यरत एक मीडियाकर्मी के भयानक अनुभवों को जानने पढ़ने के बाद भी अगर आप छुटभैया चैनलों से तौबा नहीं करते तो इसका मतलब हुआ आप शोषण कराने व गुलामी सहने के लिए ही पैदा हुए हैं….

भैया मैं भी छुटभैया चैनल में काम कर रहा था, एसाइनमेंट डेस्क पर. मेरी भी सेलरी नहीं मिली थी। मैं ही नहीं, कम से कम 25 से 30 लड़के ऐसे हैं जिनको पैसे नहीं मिले और उनके साथ गली गलौज की गई। मुंहनोचवा मालिक इन लड़कों पर एफआईआर करने की धमकी भी देता था. पुलिस इससे मिली हुई रहती है.

मैं जब सेलरी मांगने छुटभैया चैनल के आफिस में गया तो मेरे से मुंहनोचवा मालिक नहीं मिले. मैं वही बैठा रहा.

तकरीबन एक घंटे बाद मुंहनोचवा मालिक की बेहद खास एक महिला आती है और मेरे से जबरन झगड़ा करने की कोशिश करने लगती है. इसी बीच वो मेरे से मेरा फोन छीन लेती है.

मैं अपना फोन वापस लेने की कोशिश करता हूं. वो इसी चीज का फायदा उठाती है और उसने मेरे ऊपर छेड़छाड़ का एफआईआर कर दी.

हमने भी सेलरी को लेकर 110 नंबर पर फोन किया… लेकिन छेड़छाड़ के आरोप के बाद पुलिस हमें ही उठा ले गई. मैं बात को ना बढ़ाते हुए पुलिस को पैसे देकर मामला को शांत कराया… इस पूरे घटनाक्रम के दौरान छुटभैया चैनल का मुंहनोचवा मालिक अपने केबिन में बैठा रहा… वो बाहर नहीं आया…

इससे साफ है कि सेलरी न देने के लिए उसने एक साजिश रची जिसमें अपनी एक खास महिला का इस्तेमाल किया… जानबूझकर मेरा मोबाइल छीनना… मेरे द्वारा मोबाइल वापस पाने के लिए भिड़ना… और इसी मौके का फायदा उठाकर छेड़छाड़ का आरोप लगाना… पुलिस बुलाना… और पुलिस द्वारा हमें उठवाना… ये सब प्लान था ताकि हम सेलरी न मांगें… डर कर चुप हो जाएं… कहां हम सेलरी लेने गए थे और कहां हमें पुलिस को पैसे देने पड़े… पुलिस को ये लोग पटाए रहते हैं ताकि जब जब कोई बकाया सेलरी मांगने आए तो ऐसा ही ड्रामा कर उसे डराया जाए..

उस वक्त हम दो लड़के थे और दोनों के खिलाफ छेड़छाड़ की एफआईआर की थी… दूसरा लड़का वहां एंकर के रूप में काम करता था… उसके भी पैसे नहीं मिले…

इसी तरह एक लड़की थी एसाइनमेंट डेस्क पर… वो जब सैलरी मांगी तो मुंहनोचवा मालिक ने उस पर चोरी का इल्जाम लगा दिया. वो लड़की वही रोती रही. मुंहनोचवा मालिक अपने मोबाइल से उसका वीडियो बनाता रहा… इस दौरान मुंहनोचवा की एक खास महिला उस लड़की को गंदी गंदी गाली दे रही थी.. बाद में उसके उपर भी चोरी का एफआईआर कराया और पुलिस भी आई थी. वो लड़की इतनी दुखी हुई कि उसने मीडिया लाइन को ही छोड़ दिया.. सुनें ये टेप- ladki audio

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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Comments on “छुटभैया चैनल में काम करने वाले जब सेलरी मांगते हैं तो जानिए उनके साथ क्या-क्या होता है…

  • अगर चैनल के नाम का खुलासा भी किया जाए तो शायद पत्रकारिता की नई पीढ़ी को ऐसे दरिंदों के यहां जाने से रोका जा सके

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  • Alok Shukla says:

    यशंवत भाई मुझे आर्या जैसे छोटे चैनल का हेड का ऑफर आया था जब मैं स्वस्थ था लेकिन सैलरी की बात सुनकर मुझे झटका लगा फिर मैने अपना कोट किया और फिर मैने एग्रीमेंट और हर महीने एडवांस सैलरी की बात की, तो जनाब गायब हो गए, क्योंकि मैं इसके पहले भारत आज चैनल में फंस चुका था , जहां प्रोग्रामिंग हेड ज्वाइन किया था, पर चैनल फ्रॉड केस में साढ़े तीन महीने में ही बंद हो गया और मेरी ढाई महीने की सैलरी फंस गई।

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    • Alok Shukla says:

      जैसा आप जानते हैं मैं लगभग दो साल से बीमार हूं, ऐसे ही ये कॉमेंट मैंने सैलरी के एक पोस्ट पर फेसबुक में किया था, किसी ने बताया तो यहां पर देखकर चौक गया, क्योंकि मैं इस स्टोरी के बारे में नहीं कुछ जानता था या जानता हूं, वैसे जहां तक सैलरी की बात की जाए तो क्या छोटे या क्या बड़े चैनल सब एक ही जैसे हैं, बस ये कि छोटे चैनल वाले आपको खूब हिलाते हैं और बड़े चैनल वाले एक सैलरी बोलते हैं या फिर आपकी ज्यादा सैलरी सुनके गायब हो जाते हैं या रिस्पॉन्स देना बंद कर देते हैं, आज तक जैसे बड़े चैनल के डेस्क या पैकेजिंग जॉब वालो को सैलरी सुनके (अगर कोई बताएं तो) आप चौक जायेंगे, उनके you tube channel की बात तो और भी बेहाल है, वहां की सैलरी सुनके गश खा जायेंगे और ऐसे छोटे चैनल की स्थिति आजतक के you tube pletform से ज्यादा तो नहीं हो सकती ? इसलिए कहते हैं कि किसी लड़की की उम्र और किसी की सैलरी कभी नहीं पूंछनी चाहिए। हालांकि ये जरूर है कि बड़े चैनल जो भी हो सैलरी दे देते हैं ,इस बात को छोटे चैनल को भी सीखना चाहिए यदि वे बड़े चैनल बनने की चाहत रखते हैं

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  • भाई उन्होंने सही किया मीडिया में पांच चैनल छोड़ दें तो सैलरी देता कौन है,और जो देते हैं उन्हें छोड़ता कौन है,तो क्यों ऐसे सेक्टर में रहकर अपना और अपने परिवार का जीवन बरबाद करना। कल आपके बच्चे भी आपको गाली दें और पूछे मेरे लिए क्या किया,तो ये आपके लिए एक सबक है,मीडिया छोड़ कॉरपोरेट की ओर बड़े और आप ऐसे पहले शख्स नहीं है आपसे पहले भी कई टैलेंटेड लोग मीडिया छोड़ चुके हैं और दूसरी फील्ड में अपने टैलेंट के दम पर बहुत आगे व खुश हैं।

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