‘न्यूज नेशन’ चैनल दलालों को पत्रकारिता का प्रमाण-पत्र बांट रहा है!

बुलंदशहर में न्यूज नेशन चैनल दलालों को पत्रकारिता का प्रमाण-पत्र बांट रहा है। 26 जनवरी तक मोहित गौमत नाम के एक शख्स को न्यूज नेशन ने पत्रकार बना रखा था जो इंटरलाक टाइल्स मामले में फैक्ट्री संचालकों से रुपये वसूलते हुए पकड़ा गया। केस में जिलाधिकारी से शिकायत होने पर रिपोर्ट शासन को भेजी गयी और सीएम अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद मोहित गौमत को चैनल के मालिकों ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया। अब नया कारनामा सुनिये। नदीम खान नाम के एक व्यक्ति को अब न्यूज नेशन की ‘आईडी’ देकर पत्रकार बना दिया गया है।

नदीम बुलंदशहर में सैक्स ताकत बढ़ाने की दवायें बेचने का कारोबार करता है। 3-4 साल पहले पुलिस और प्रशासन से अपने धंधे को बचाने के लिए उसने ‘बुलंद सुनामी’ नाम का अखबार रजिस्टर्ड कराया और पत्रकार के बजाय संपादक बनकर पुलिस और प्रशासन के अफसरों के आसपास नजर आने लगा। 2013 में नदीम का एक कांड खुला। नदीम ने कई महीनों तक सिटी में देहव्यापार का धंधा चलाने वाली बाला नामक वेश्या को ब्लैकमेल किया और उससे हजारों रुपये भी वसूले। (कृपया वीडियो http://goo.gl/BxutjE देखे)।

9 जून-2013 को पुलिस ने छापा मार कर इस सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था जिसमें दर्जनभर से ज्यादा महिलाएं सेक्स के धंधे में लिप्त मिलीं और करीब 3 दर्जन ग्राहक मौका ए वारदात से गिरफ्तार हुए थे। बाला के पास से मिली डायरी में नदीम खान की काली करतूतों का चिठ्ठा दर्ज था। पकड़ी गयी वैश्या बाला ने बताया कि नदीम खान उसे कई महीने से ब्लैकमेल कर रहा था और उससे लगातार वसूली करने के अलावा फ्री में उससे ‘सेवाएं’ भी लेता था। नदीम के 4 साथी भी इस ब्लैकमेलिंग में शामिल थे। पुलिस की जांच में भी नदीम के नाम की पुष्टि हुई है।

उस समय एसएसपी रहे आईपीएस गुलाबसिंह अब मुरादाबाद में डीआईजी जोन हैं। वर्तमान में मुरादाबाद के एसपी रेलवे वैभवकृष्ण इस मामले के विवेचक (तत्कालीन एएसपी सिटी) थे।  यादवसिंह के काले धन से चलने वाले इस चैनल के एडीटर और अधिकारियों ने वेश्याओं से ब्लैकमेलिंग करने वाले नदीम खान को पत्रकार की उपाधि दे दी। अब आप सोच सकते हैं कि इस चैनल में किस तरह के लोग काम करते हैं। इस नदीम खान को पत्रकारिता का क से कबूतर भी नही आता। कैमरा, कापी के मामले में एकदम से अंजान नदीम खान अब चंद दलाल टाइप के पत्रकारों की मदद से जर्नलिस्ट बन चुका है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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Comments on “‘न्यूज नेशन’ चैनल दलालों को पत्रकारिता का प्रमाण-पत्र बांट रहा है!

  • nadeem khan says:

    nadeem khan bulandshahar kis aadhar par aap ki site pe mujhe badnaam kya ja raha hai mai aap pe maan haani ka case karu ga

    hi!
    sir kya mai jaan skate hu aap ki website pe kis aadhar par mujhe badnaam kiya ja raha hai jab ki aaj tak mere naam par ek ncr tak nahi hai aap ye utla seedha comment hataye war na mujhe aap ke khilaf kanooni kadam uthana pade ga. aap kese bina kisi evedence ke kisi ki izzat ko neelam kar sak te hai. mera mobile no 9837005402 hai . app apna no provide kare taaki mai aap se baat kar saku.

    Reply
  • SANJEEV CHAUHAN says:

    रंडियों का ठेकेदार और ब्लैकमेलर काबिल निकले, इन्हें ‘पत्रकार’ बनाने वाले जूतों के हकदार हैं…. इंसान हूं आखिर कब तक झेल सकता हूं। लिखना तो नहीं चाहिए, लेकिन जब लिखना हो और बोलना हो तो चुप रहना भी नहीं चाहिए। वक्त के हिसाब से अगर इंसान लिखता-बोलता रहे, तो वो समाज के हित में होता है। खबर-मंडी से सिसकती-बिलखती, खुद का बलात्कार कराये हुए एक “खबर” आ रही है, कि ‘न्यूज-नेशन’ नाम के देश के नंबर-वन (कथित तौर पर नंबर-1) खबरों के एक ‘अड्डे’ में बड़ा गड़बड़झाला हो गया है। गड़बड़झाला यूपी के बुलंदशहर जिले में रखे गये स्ट्रिंगर-महाश्य को लेकर (दो लोग) हुआ है।

    खबर-मंडी-बाजार में हल्ला है कि, इस चैनल ने पहले जिन बरखुरदार को अपना संवाददाता (स्ट्रिंगर या अंशकालिक संवाददाता या पूर्ण कालिक जो भी हो, हमारी बला से) चिपका रखा था। वह इंटरलाक टाइल्स मामले में फैक्ट्री मालिकों/ संचालकों से वसूली करता पकड़ा गया। बात जिलाधिकारी के जरिये मुख्यमंत्री तक पहुंची। मामला भारी पड़ता देख, चैनल के कथित मठाधीशों को मुंह की खाकर, अपने गले से मरा हुआ सांप निकालने के लिए उस नामुराद को ‘निपटाना’ पड़ा और अपनी गर्दन साफ बचा ले गये।

    इस ब्लैकमेलर से चैनल का पीछा छूटा ही था, कि विनाशकाले विपरीत बुद्धि चैनल के कुछ कथित ‘उस्तादों’ ने एक नये साहब को उनकी जगह पर ला चिपकाया। अगर बात सही है तो, यह नये साहब पुराने वाले के भी ‘बाप’, और चैनल में कथित ‘उस्तादों’ के गुरु निकले। पता चल रहा है कि ‘ न्यूज-नेशन’ जैसे महान चैनल ! के पत्रकार बनते ही बिचारे बुलंदशहर के यह कथित दूसरे ब्यूरो-प्रमुख भी ज़मींदोज होने की राह पर निकल पड़े हैं। यह साहब ‘रंडियों’ (अंग्रेजी में बोले तो call girl) के ठेकेदार निकल आये। यह बात उस कम-अक्ल को या तो पता नहीं थी, या फिर उसने जान-बूझकर अपनी आंखें स्वार्थवश बंद कर लीं थीं, जिसने ‘न्यूज-नेशन’ चैनल में इंटरव्यू लेकर इस कमबख्त को ‘स्ट्रिंगर-पत्रकार-अंशकालिक-संवाददाता’ और न जाने क्या क्या बना डाला। वेबसाइटों की खबरें चीख-पुकार मचाये हैं, कि जनाब मर्दाना ताकत (सेक्स पॉवर) की दबाईयां भी बेचते हैं।

    कुछ साल पहले इन दूसरे साहब ने पुलिस से ‘सेफ’ रहने और ‘रंडियों के कोठों’ से वसूली करने की प्लानिंग के तहत जिले से एक अखबार भी निकालना शुरु कर दिया था। सन् 2013 में नामुराद के धंधों का भांडा फूट गया। पता चला बुलंदशहर की कुख्यात वेश्या सरगना (कोठा मालकिन) को पुलिस ने दबोच लिया। उस वेश्या ने पुलिस को बताया कि, फलां साहब (अखबार के संपादक और अब न्यूज ‘नेशन-चैनल’ के सम्मानित बुलंदशहर प्रतिनिधि) तो उसके कोठे से ‘हफ्ता’, ‘महीना’ वसूल ले जाते हैं। वेश्या ने पुलिस को यह खुलासा भी किया, कि महीना-हफ्ता न देने पर ‘न्यूज-नेशन’ चैनल का यह ‘उस्ताद-पत्रकार’ ‘कोठा और रंडीबाजी’ का धंधा बंद कराने की धमकी देता है। यह सब तो था, फ्लैशबैक…

    आईये अब बात करते हैं फ्रंट पर आमने-सामने और मतलब की और अपनी सोच की। मेरे मुताबिक न्यूज-नेशन चैनल में पहले वाला संवाददाता जो फैक्टरी मालिकों से ‘वसूली’ करते पकड़ा गया था…वह भी सही था। दूसरा वाला जो ‘रंडी-बाजार’ में वेश्यालयों से वसूली कर रहा था और मर्दाना ताकत बढ़ाने की दवाई बेचने के बाद भी ‘बिचारा’ देश के न्यूज-नेशन जैसे कथित सम्मानित नेशनल न्यूज चैनल में मेहनत-मजदूरी करके कमा-खा रहा था, तो वह कहीं गलत नहीं है। वह अपनी जगह सही और समझदार था, जोकि बुलंदशहर से आकर, दिल्ली से संचालित पढ़े-लिखों और ज्ञान बघारकर दुनिया को दिशा देने वालों से भरे हुए कथित ‘काबिलों’ से भरे ‘न्यूज-नेशन’ चैनल वालों की आंखों में ‘अक्ल’ का तड़का लगाकर अपना काम निकाल ले गया।

    तलाश तो न्यूज-नेशन चैनल में उस कम-अक्ल और स्वार्थी की करो, जिसने इन दोनो को भर्ती कराकर या करके, चैनल की मां-बहन कराने में फिलहाल तो कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। गर्दन कलम करने की जरुरत उस शख्स की है, जिसने इन दोनो निकम्मों को चैनल में भर्ती किया, जिन निकम्मों ने चैनल के गले में बुलंदशहर के संवाददाता या स्ट्रिंगर के रुप में एक ‘रंडियों का ठेकेदार’ और दूसरा ‘टाइल कंपनियों के संचालकों से वसूली’ करने वाला नियुक्त करके लटकाया। बुलंदशहर में इन दोनो की नियुक्ति करने से पहले चैनल के उन कम-अक्ल उस्तादों ने क्या कुछ वैरीफाई किया था….क्या यही वैरीफाई किया था, कि एक स्ट्रिंगर शहर में पहले से दलाली करता है और दूसरा ऐसा खोज निकला, जो शहर की तमाम रंडियों का ठेकेदार है। मेरी समझ से बुलंदशहर में रखे गये दोनो स्ट्रिंगर काबिल हैं, जरुरत अगर है तो, उनकी गर्दन मसलने की, जिन्होंने अपनी रोजी-रोटी से ही गद्दारी की। जिन्होंने यह तक नहीं ख्याल किया, जिस चैनल से उसकी/ उनकी रोजी-रोटी परिवार चल रहा है, उन्होंने उसी चैनल की पीठ में छुरा घोंप दिया। दलालों और रंडियों के ठेकेदारों को चैनल का बुलंदशहर में ‘स्ट्रिंगर या संवादददाता’ बनवाकर। चैनल मालिक जांच इस बात की भी कर लें, कि कहीं बुलंदशहर के इन उस्तादों को चैनल में पलवाने वाले भी कहीं इन्हीं की तरह चैनल के बाहर मौजूद ‘रंडीखानों-से-हफ्ता-वसूली’ में लिप्त तो नहीं है।

    संजीव चौहान

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