दैनिक हिंदुस्तान के मुंगेर समेत कई अवैध संस्करणों में सरकारी विज्ञापन छापने पर रोक

पटना से खबर आई है कि दैनिक हिन्दुस्तान अखबार द्वारा कई फर्जी संस्करणों के प्रकाशन और अवैध ढंग से सरकारी विज्ञापन छापकर सरकारी खजाना लूटने से जुड़े एक मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच में बिहार सरकार के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग ने भागलपुर प्रिंटिंग स्टेशन से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण सहित अनेक अवैध जिला संस्करणों में सरकारी विज्ञापन प्रकाशन को स्थगित कर दिया है।

उदाहरण के तौर पर एक फरवरी को दूसरे हिन्दी दैनिकों के मुंगेर संस्करण में पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट यानि पीआरडी, पटना के सरकारी विज्ञापन प्रकाशित हुए हैं, परन्तु दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर सहित अन्य कई जिलावार संस्करणों में ये सरकारी विज्ञापन  प्रकाशित नहीं हुए हैं। दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण में इन दिनों झारखंड राज्य के विज्ञापन भरे पड़े हैं।

इस बीच, हिंदुस्तान अखबार द्वार मुंगेर समेत कई संस्करणों के अवैध प्रकाशन के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो कोर्ट बिहार के दैनिक हिन्दुस्तान के फर्जी संस्करण के  प्रकाशन और सरकारी विज्ञापन घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करेगा. इस पर पीटिशनर शोभना भरतिया की ओर से कोर्ट में बहस कर रहे सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने कोर्ट को कहा- ‘माई लार्ड, एसआईटी की कोई जरूरत नहीं है… नो नीड आफ एसआईटी, माई लार्ड।’

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अंतत: क्या तय हुआ… नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें…

श्रीकृष्ण प्रसाद
अधिवक्ता
मुंगेर, बिहार
मो0 9470400813

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