सुप्रीम कोर्ट ने ‘हिंदुस्तान’ की मालिकन शोभना भरतिया पर सवा लाख रुपये का हर्जाना ठोका

शोभना भरतिया

दैनिक हिन्दुस्तान फर्जी संस्करण और 200 करोड़ का सरकारी विज्ञापन घोटाला प्रकरण, सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल 2018 तय…. सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2018 को एक ऐतिहासिक आदेश में मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटे, नई दिल्ली की चेयरपर्सन व पूर्व कांग्रेस सांसद शोभना भरतिया को सवा लाख रूपए की हर्जाना राशि के भुगतान का आदेश दिया। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्ज लिमिटेड नामक कंपनी देश में दैनिक हिन्दुस्तान नाम के हिन्दी दैनिक का प्रकाशन करती है।

कोर्ट ने पीटिशनर शोभना भरतिया को आदेश दिया कि वह हर्जाना राशि से एक लाख रूपया वार विडोज ऐसोसियेशन और पच्चीस हजार रुपया रेस्पोन्डेन्ट नं0. 02 मन्टू शर्मा को भुगतान करें। सुप्रीम कोर्ट के माननीय जस्टिस जे.  चेलामेश्वर और माननीय जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ ने 16 मार्च 2018 को दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपरोक्त आदेश सुनाया और इस मुकदमे की सुनवाई की अगली तारीक्ष 18 अप्रैल 2018 निर्धारित कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च 2018 को पारित अपने आदेश में लिखा है- ‘कोर्ट अनुभव करता है कि स्पेशल लीव पीटिशन, क्रिमिनल 1603। 2013 , जो अब क्रिमिनल अपील नं0. 1216। 2017 के नाम से जाना जाता है, में पीटिशनर  को अपने वरीय अधिवक्ता की अनुपस्थिति में बहस के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी. इसलिए कोर्ट रेस्पोन्डेन्ट नं. 2 मन्टू शर्मा को क्षतिपूर्ति के लिए  पीटिशनर शोभना भारितया को सवा लाख हर्जाना राशि के भुगतान का आदेश देता है।”

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में आगे लिखा है- ”गत 18 जनवरी 2018 को भी न्यायालय में बहस इसलिए स्थगित कर दी गई थी क्योंकि पीटिशनर शोभना भरतिया के विद्वान वरीय अधिवक्ता न्यायालय में अनुपस्थित थे। रेस्पोन्डेन्ट नं. 02 के विद्वान वरीय अधिवक्ता ।श्रीकृष्ण प्रसाद। ने न्यायालय से प्रार्थना की थी कि मुकदमे का निबटारा त्वरित होना चाहिए। न्याय का तकाजा था कि कोर्ट ने पीटिशनर शोभना भरतिया और रेस्पोन्डेन्ट नं. 01 बिहार सरकार को न्यायालय में अपना-अपना पक्ष रखने के लिए 14 मार्च 2018 की अगली सुनवाई तिथि निर्धारित की थी।”

रेस्पोन्डेन्ट नं. 2 मन्टू शर्मा की ओर से बहस में हिस्सा ले रहे वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने बहस में हिस्सा न लेने के लिए पीटिशनर शोभना भरतिया पर बड़ा हर्जाना लगाने और उनका और बिहार सरकार  का पक्ष सुन लेने की प्रार्थना की। अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने कोर्ट को सूचित किया कि पीटिशनर इस मुकदमे में सुनवाई से कतरा रही हैं और रेस्पोन्डेन्ट नं. 02 मन्टू शर्मा के अधिवक्ता नई दिल्ली से लगभग दो हजार किलोमीटर दूर बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय से हर तिथि पर सुप्रीम कोर्ट में विगत पांच वर्षों से कोर्ट की कार्रवाई में हिस्सा लेते आ रहे हैं लेकिन सुनवाई लगातार टलती जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट में 16 मार्च 2018 को बहस के दौरान पीटिशनर शोभना भरतिया की ओर से विद्वान वरीय अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, रंजीत कुमार, सिद्धार्थ लुथरा, आर एन करंजावाला, संदीप कपूर, देवमल्य बनर्जी, विवेक सूरी, ए0एस0 अमन, वीर इन्दरपाल सिंह संधु , मनीष शर्मा, अविरल कपूर, करण सेठ, आई0 खालिद, माणिक करंजावाला, कार्तिक भटनागर, रेस्पोन्डेन्ट नं. 01 बिहार सरकार की ओर से विद्वान अधिवक्ता ई0सी0 विद्यासागर व मनीष कुमार और रेस्पोन्डेन्ट नं. 02 मन्टू शर्मा की ओर से विद्वान वरीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद. शकील अहमद, प्रत्युष प्रातीक, उत्कर्ष पांडेय और राज किशोर चौधरी ने भाग लिया।

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दैनिक हिंदुस्तान के मुंगेर समेत कई अवैध संस्करणों में सरकारी विज्ञापन छापने पर रोक

पटना से खबर आई है कि दैनिक हिन्दुस्तान अखबार द्वारा कई फर्जी संस्करणों के प्रकाशन और अवैध ढंग से सरकारी विज्ञापन छापकर सरकारी खजाना लूटने से जुड़े एक मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच में बिहार सरकार के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग ने भागलपुर प्रिंटिंग स्टेशन से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण सहित अनेक अवैध जिला संस्करणों में सरकारी विज्ञापन प्रकाशन को स्थगित कर दिया है।

उदाहरण के तौर पर एक फरवरी को दूसरे हिन्दी दैनिकों के मुंगेर संस्करण में पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट यानि पीआरडी, पटना के सरकारी विज्ञापन प्रकाशित हुए हैं, परन्तु दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर सहित अन्य कई जिलावार संस्करणों में ये सरकारी विज्ञापन  प्रकाशित नहीं हुए हैं। दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण में इन दिनों झारखंड राज्य के विज्ञापन भरे पड़े हैं।

इस बीच, हिंदुस्तान अखबार द्वार मुंगेर समेत कई संस्करणों के अवैध प्रकाशन के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो कोर्ट बिहार के दैनिक हिन्दुस्तान के फर्जी संस्करण के  प्रकाशन और सरकारी विज्ञापन घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करेगा. इस पर पीटिशनर शोभना भरतिया की ओर से कोर्ट में बहस कर रहे सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा ने कोर्ट को कहा- ‘माई लार्ड, एसआईटी की कोई जरूरत नहीं है… नो नीड आफ एसआईटी, माई लार्ड।’

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में अंतत: क्या तय हुआ… नीचे दिए शीर्षक पर क्लिक करें…

श्रीकृष्ण प्रसाद
अधिवक्ता
मुंगेर, बिहार
मो0 9470400813

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विज्ञापन घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने शोभना भरतिया और बिहार सरकार को पक्ष रखने का अंतिम मौका दिया

नई दिल्ली। अठारह जनवरी 2018 को बहस की निर्धारित तिथि पर पीटिशनर शोभना भरतिया और बिहार सरकार के विद्वान अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति को सुप्रीम कोर्ट ने काफी गंभीरता से लिया है और कोर्ट ने अपनी गहरी नाराजगी प्रकट की है। सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी, 2018 को पारित अपने आदेश में अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए  निम्नलिखित आदेश पारित किया है:- ‘‘न्याय का तकाजा है कि कोर्ट दोनों पार्टियों पीटिशनर शोभना भरतिया और रेसपोन्डेन्ट नंबर एक बिहार सरकार को अगली तारीख 14 मार्च, 2018 को अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका प्रदान करता है। पीटिशनर के विद्वान अधिवक्ता की अनुपलब्धता की स्थिति में आज बहस स्थगित की जाती है।”

सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-02 में न्यायमूर्ति श्री जे. चेलामेश्वर और न्यायमूर्ति श्री संजय किशन कौल की खण्डपीठ दैनिक हिन्दुस्तान अखबार की मालकिन शोभना भरतिया की अपील पर सुनवाई कर रही थी। इस मुकदमे में रेसपोन्डेन्ट नंबर दो मुंगेर के मन्टू शर्मा हैं. इनकी ओर से बहस में हिस्सा ले रहे बिहार के अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने बहस में पीटिशनर शोभना भरतिया के विद्वान अधिवक्ता के बहस में हिस्सा न लेने पर न्यायालय से पीटिशनर शोभना भरतिया पर बड़ा जुर्माना लगाने की प्रार्थना की और न्यायालय को बताया कि वे लगभग पांच वर्षों  से कोर्ट की कार्यवाही में नियमित भाग ले रहे हैं, परन्तु पीटिशनर शोभना भरतिया और बिहार सरकार के विद्वान अधिवक्तागण बहस से कतरा रहे हैं।

विद्वान न्यायाधीश द्वय ने काफी समय तक विचार-विमर्श के बाद उपरोक्त लिखित आदेश पारित किया और पीटिशनर और बिहार सरकार को अगली तिथि को बहस में हिस्सा लेने और अपना-अपना पक्ष रखने का अंतिम मौका प्रदान किया । स्मरणीय है कि पिछली तिथि को बिहार सरकार के विद्वान अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष इस मुकदमे से जुड़ी संचिकाओं की चोरी होने की स्थिति में बहस में हिस्सा लेने में असमर्थता प्रकट की थीं और अगली तिथि को बहस में हिस्सा लेने की बात न्यायालय से कही थी।

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मध्य प्रदेश सरकार ने छल वेबसाइटों को 4 साल में दिए 14 करोड़ के सरकारी विज्ञापन, इंडियन एक्सप्रेस ने प्रकाशित की रिपोर्ट

वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव की रिपोर्ट में खुलासा, पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों की ओर से संचालित की जा रही हैं वेबसाइट, 10 हजार रूपए से लेकर 21 लाख 70 हजार रुपए तक विज्ञापन दिए गए, कांग्रेसी विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में उठाया था सवाल

-दीपक खोखर-

भोपाल, 10 मई। मध्य प्रदेश में 4 साल के दौरान 244 छल वेबसाइटों को 14 करोड़ रूपए के सरकारी विज्ञापन दिए गए। इनमें से ज्यादातर वेबसाइट पत्रकारों और उनके रिश्तेदारों की ओर से संचालित की जा रही हैं। इन वेबसाइट को वर्ष 2012 से वर्ष 2015 के बीच 10 हजार रूपए से लेकर 21 लाख 70 हजार रूपए के विज्ञापन दिए गए। इंडियन एक्सप्रेस ने इस बारे में सोमवार 9 मई के अंक में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है। वरिष्ठ पत्रकार श्याम लाल यादव की रिपोर्ट में यह तमाम खुलासे हुए हैं। दरअसल कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने विधानसभा में सवाल उठाया था। जिसके बाद उन्हें दिए गए जवाब में तमाम जानकारी हासिल हुई।

इंडियन एक्सप्रेस हमेशा ही अपनी खोजी पत्रकारिता के लिए अलग पहचान रखता है और इस रिपोर्ट में भी इस प्रतिष्ठित समाचार पत्र ने बेहतरीन पत्रकारिता का नमूना पेश किया है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 26 वेबसाइट को 10 लाख रूपए से ज्यादा के विज्ञापन जारी किए गए। जिनमें से 18 वेबसाइट पत्रकारों के रिश्तेदारों द्वारा संचालित की जा रही हैं। 81 वेबसाइट को 5 से 10 लाख रूपए के विज्ञापन दिए गए। 33 वेबसाइट तो ऐसी हैं जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भोपाल में आवंटित भवन से संचालित हो रही हैं। एक बात और जिस वेबसाइट को सबसे ज्यादा 21 लाख 70 हजार रूपए मिले हैं, वह अश्वनी राय के नाम से हैं, जो भाजपा के एक पदाधिकारी के कार्यालय में काम करते हैं। राय स्पष्टीकरण देते हैं कि वे भाजपा के लिए काम करते हैं, लेकिन वेबसाइट से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

वेबसाइट अलग-अलग नाम से, सामग्री एक समान

यहीं नहीं खास बात यह है कि कई वेबसाइट अलग-अलग नाम से हैं, लेकिन उन सबमें सामग्री एक ही है। ज्यादातर वेबसाइट ने तो अपने बारे में कोई जानकारी भी नहीं दी है। इस बारे में पूछे जाने पर मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के आयुक्त अनुपम राजन कहते हैं यह न्यू मीडिया है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इन्हें कौन संचालित कर रहा है। हालांकि साथ ही वे कहते हैं कि अपनी विज्ञापन पॉलिसी में बदलाव कर रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि वेबसाइट चल रही है या नहीं। उधर, विधायक बाला बच्चन का सीधे तौर पर आरोप है कि भाजपा से जुड़े लोगों को ही फायदा पहुंचाया गया, जबकि वास्तविक पत्रकार की वेबसाइट को ही विज्ञापन मिलने चाहिए।

विस्तृत जानकारी के लिए इंडियन एक्सप्रेस की मूल खबर की कटिंग उपर अपलोड किया गया है. इसी मुद्दे पर इंडियन एक्सप्रेस ने एक अन्य खबर भी प्रकाशित की है जो नीचे है. पढ़ने के लिए नीचे की न्यूज कटिंग पर क्लिक कर दें ताकि अक्षर साफ साफ पढ़ने में आ सकें.

दीपक खोखर की रिपोर्ट. संपर्क- 09991680040

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मजीठिया वेज बोर्ड संघर्ष : शोभना भरतिया और शशि शेखर को शर्म मगर नहीं आती… देखिए इनका कुकर्म…

हिंदुस्तान अखबार और हिंदुस्तान टाइम्स अखबार की मालकिन हैं शोभना भरतिया. सांसद भी हैं. बिड़ला खानदान की हैं. पैसे के प्रति इनकी भूख ऐसी है कि नियम-कानून तोड़कर और सुप्रीम कोर्ट को धता बताकर कमाने पर उतारू हैं. उनके इस काम में सहयोगी बने हैं स्वनामधन्य संपादक शशि शेखर. उनकी चुप्पी देखने लायक हैं. लंबी लंबी नैतिक बातें लिखने वाले शशि शेखर अपने घर में लगी आग पर चुप्पी क्यों साधे हैं और आंख क्यों बंद किए हुए हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए. आखिर वो कौन सी मजबूरी है जिसके कारण वह अपने संस्थान के मीडियाकर्मियों का रातोंरात पद व कंपनी जबरन बदले जाने पर शांत बने हुए हैं.

शोभना भरतिया अपने इंप्लाइज की पद व कंपनी इसलिए बदल रही हैं ताकि मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से उन्हें सेलरी न देनी पड़े. पर कुछ हिंदुस्तानियों ने तय किया है कि वे इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाएंगे. इन लोगों ने इस दिशा में पहला कदम भड़ास को सारे डाक्यूमेंट्स भेजकर उठाया है. जो दस्तावेज यहां दिए गए हैं, उसे आप ध्यान से देखिए और पढ़िए. दूसरों की आवाज उठाने वाले पत्रकारों के साथ रातोंरात कितना बड़ा छल हो जाता है लेकिन वे चुप्पी साधे रहने को मजबूर रहते हैं.

इन दस्तावेजों से पता चलता है कि हिन्दुस्तान अखबार ने अपने एडिटोरियल के लोगों के पदनाम और कंपनी के नाम बदल दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक ये संपादकीयकर्मी 28 अप्रैल 2015 को समस्त गलत व झूठे दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में दे देंगे. बताते चलें कि शोभना भरतिया और शशि शेखर दस्तावेजों में हेरफेर करके फर्जी तरीके से सैकड़ों करोड़ रुपये का सरकारी विज्ञापन छापने और इसका पेमेंट लेने के मामले के आरोपी भी हैं जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है.  

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Dainik Hindustan 200 cr Government Advt Scam : SC to hear SLP of Shobhana Bharatia on 24 March

New Delhi : 200 crore Dainik Hindustan Government Advertisement scandal, the Supreme Court of India(New Delhi) has listed the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 / 2013 (Shobhana Bhartia Vs State of Bihar & another) for hearing on March, twenty four 2015 next. Meanwhile, the Superintendent of Police, Munger (Bihar), Mr. Varun Kumar Sinha has submitted the Counter-Affidavit on behalf of the Bihar Government to Mr.Rudreshwar Singh, the counsel for the Bihar Government in the Supreme Court in the Special Leave Petition (Criminal) No. 1603 of 2013. Now, the Counsel for the Bihar Government, Mr. Rudreshwar Singh has to file the Counter-Affidavit in the Supreme Court and has to argue on behalf of the Bihar Government in this case.

Reliable sources in New Delhi said that the Police Superintendent, Munger (Bihar), Mr.Varun Kumar Sinha, in the Counter-Affidavit to the Supreme Court, had clearly exposed the financial scandal of M/S. H.T.Media Ventures Limited (New Delhi). The Police Superintendent,Munger (Bihar) in his Counter-Affidavit said,” During police investigation and supervision, the Munger(Bihar) police have found ”facts” crystal -clear that theMunger edition of Dainik Hindustan is being printed and published, violating the rules and provisions of the Press & Registration of Books Act, 1867 and getting the government advertisements illegally. On the basis of facts ,coming in course of investigations,supervisions and available documents, the police find sufficient evidences against all the named accused persons in the Munger Kotwali Police Case No.445/2011 including the Chairperson of M/S. H.T.Media Ventures Limited (New Delhi) Shobhana Bhartia. I pray to the Hon’ble Supreme Court to reject the petition of the petitioner,Shobhana Bhartia in this instant case.”

It is worth mentioning that the senior lawyer of Bihar,ShriKrishna Prasad on January 13,2014 last, appearing on behalf of the O.P No.02, Mantoo Sharma (Munger, Bihar), had completed his argument in the court of Hon’ble Mr.Justice H.L.Dattu and Hon’ble Mr.Justice S.A.Bobde. The lawyer, ShriKrishna Prasad told the court of Hon’ble Mr.Justice H.L.Dattu and Hon’ble Mr.Justice S.A Bobde,” My Lord, this is one of the rarest cases of forgery,cheating and loot of the government revenue on behalf of the powerful media house of India,M/S H.T.Media Ventures Limited (New Delhi).On the order of the Munger Chief Judicial Magistrate, an F.I.R has been lodged with the Munger Kotwali P.S.,bearing case No.445/2011.After investigations and supervisions, the Dy.S.P and the S.P,Munger(Bihar) have submitted their ”Supervision- Reports No.01 & 02 in which they have found all charges against the named accused persons ‘prima-facie true’ And the investigations in this instant case is in full progress.The Hon’ble High Court of Patna has also rejected the prayer of the Chairperson of M/S H.T.Media Ventures Limited,Shobhana Bhartia in the Criminal Miscellaneous Case No.2951 and 16763 of 2012.So, I pray to the Hon’ble Court to reject the prayer of the petitioner,Shobhana Bhartia, and direct the Munger police to expedite the police investigations in this instant case.”

What is the F.I.R ?- On the basis of a Munger court complainant No.993(C)/2011 of the complainant,Mantoo Sharma,s/o Late Ganesh Sharma, resident -Puraniganj,P.S.- Kasim Bazar,District-Munger, an F.I.R has been lodged against (1) the Principal accused Shobhana Bhartia(Chairperson ,Hindustan Publication Group,Hindustan Media Ventures Limited,Head Office,18-20,Kasturba Gandhi Marg, New Delhi,(2) Shashi Shekhar,the Chief Editor, Dainik Hindustan(New Delhi), (3) Aakku Srivastawa,Acting Editor, Patna edition of Dainik Hindustan, (4) Binod Bandhu, Regional Editor, Bhagalpur edition of Dainik Hindustan and (5) Amit Chopra,Printer & Publisher of M/S Hindustan Media Ventures Limited,New Delhi.All of them have been accused of violating sections 8(B),14 & 15 of the Press & Registration of Books Act, 1867, and Sections 420/471 & 476 of Indian Penal Code, printing and publishing Bhagalpur and Munger editions of Dainik Hindustan ,using wrong Registration No. and obtaining the government advertisements of the Union and the State governments in crores in the Advertisement Head by presenting the forged documents of registration.

Statements under section 164 of Cr.P.C in the Munger Judicial Court: In the process of investigation, the Investigating Police Officer,Munger Kotwali,Bihar, has got the statements of the complainant,Mantoo Sharma, and other witnesses,(1) ShriKrishna Prasad,(2) Kashi Prasad,(3) Bipin Kumar Mandal under section 164 of Cr.P.C in the Munger judicial court on April, 14,1012.All the witnesses in their statements before the court have fully supported the allegations against the accused persons in the F.I.R ,bearing No. Munger Kotwali P.S Case No.445/2011.

I, here, annex  the court documents that   have been submitted to the Hon’ble Supreme Court by the Respondent No.02 of the S.L.P(Criminal) No.1603/2013,Mantoo Sharma of Munger(Bihar)

Here, I have annexed the (1)the Synopsis,(2) The List of Important Dates and(3)  the Counter-Affidavit of the Respondent No.02,Mantoo Sharma,Munger,Bihar in PDF files. 

By ShriKrishna Prasad
a senior advocate
Munger
Bihar
M-09470400813                                     

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टीवी24 में एक और फ्राड : विज्ञापन चलाने के नाम पर तीस हजार रुपये आकाश सिंह चंदेल ने हड़प लिया!

सेवा में, 

श्रीमान डायरेक्टर
टीवी24 न्यूज चैनल
चंडीगढ पंजाब,

विषय-आकाश सिंह चंदेन्ल मंडल प्रमुख इलाहाबाद द्वारा चैनल पर विज्ञापन चलाने के नाम पर तीस हजार रुपयों की ठगी करने के संम्बन्ध में… 

महोदय, श्रीमानजी को अवगत कराना है की प्रार्थी कृष्णभान सिह आपके चैनल में विगत तीन वर्षों से प्रतापगढ से संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं चैनल को प्रदान कर रहा है. प्रार्थी ने 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान चैनल पर विज्ञापन चलाने के नाम पर राजेश सर्वश्रेष्ठ दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सर्वश्रेष्ठ से पचास हजार रुपये लिए.

जब मैंने विज्ञापन चलवाने के लिये चैनल से सम्पर्क किया तो पेमेन्ट विवाद को लेकर विज्ञापन नहीं चल पाया. उसके एक हफ्ते बाद कौशांबी से आकाश सिह चंदेल नामक व्यक्ति का मेरे पास फोन आया. उसने खुद को टीवी24 का इलाहाबाद मण्डल ब्यूरो प्रमुख बताया और कहा कि आपका जो विज्ञापन पचास हजार का है उसे मैं तीस हजार रुपये में ही चैनल पर चलवा दूंगा. लगभग दस दिनों तक मुझसे आकाश सिंह चंदेल ऐसी ही बातें करता रहा. इलाहाबाद मण्डल के अलग-अलग जिलों से अपने नाम से चैनल पर खबरें चलवाकर प्रार्थी को फोन करके कहता था कि देखो, हर जिले की खबर मेरे नाम से चल रही है. इससे प्रार्थी को विश्वास हो गया कि ये टीवी24 का इलाहाबाद का मण्डल प्रमुख है.

उसके बाद आकाश सिह चंदेल ने पार्थी को इलाहाबाद बुलाया. उसके द्वारा बताए गए लोकेशन अलोपी बाग स्थित जूस की दुकान पर पहुंच गया. मेरे साथ गांव का एक लड़का भी था. चंदेल ने कहा कि एक हफ्ते पहले जो विज्ञापन की बात हुई थी उसका पेमेंट करा दो, हमारी डाइरेक्टर साहिबा से बात हो गयी है. उन्होंने मुझे चंण्डीगढ बुलाया है. पार्थी को विश्वास नहीं हुआ तो उसने कहा कि अच्छा पहले आधा पेमेण्ट दे दो, आधा पेमेण्ट ऐड चलने के बाद दे देना. पार्थी ने उस पर विश्वास करके जूस की दुकान के पास जो एटीएम था उससे पंन्द्रह हजार रुपये नगद निकाल कर आकाश सिंह चंदेल को दे दिया. इसका गवाह मेरे साथ गया लड़का भी है.

उसके बाद मैं प्रतापगढ लौट आया. आकाश प्रार्थी से लगातार पन्द्रह से बीस दिनों तक बात करता रहा कि आज जा रहा हूं, कल चंण्डीगढ जा रहा हूं, मैम से बात हो गयी है, आज एैड चलेगा, कल चलेगा. अप्रैल नवरात्र के बीच आकाश का मेरे पास फोन आया कि मै चंण्डीगढ में डाइरेक्टर साहिबा के साथ हूं. उनका कहना है कि आप ऐड का पूरा पेमेण्ट करा दें, तभी मैं एैड चलाउंगी, वो मेरे बिहाफ पर पचास हजार का एैड तीस हजार में चलाने के लिये तैयार हैं, इसलिए अभी के अभी मेरे पर्सनल खाते मे पैसा डाल दो.

आकाश ने अपना भारतीय स्टेट बैंक कौसांबी का एक खाता नम्बर मैसेज कर दिया. प्रार्थी ने जब डाइरेक्टर साहिबा से बात करने की इच्छा जताई तो आकाश सिंह चन्देल ने बड़े अभद्र पूर्ण ढंग से बात करते हुये कहा कि डाइरेक्टर साहिबा तुम जैसे छोटे-छोटे रिपोर्टरों से बात नहीं करती हैं. जब विश्वास नहीं था तो मेरा समय क्यों बर्बाद करा दिया. मैं केवल तुम्हारे लिये चंण्डीगढ आया हूं और अब चलवा लेना अपना एैड. ये कह कर फोन काट दिया. प्रार्थी ने घबरा कर आनन फानन में आकाश के बताये हुये एकाउन्ट नम्बर में पन्द्रह हजार रुपये लगा दिये.

उसके बाद आकास का फोन आया कि पैसे मिल गये हैं, मैंने चैनल पर जमा करा दिये हैं. कल से तुम्हारा एैड चलने लगेगा. दो तीन महीने गुजर गये. जब विज्ञापन नहीं चला तो प्रार्थी ने आकाश से बात की तो आकाश ने कहा कि एैड किसी कारण से नहीं चल पाया और मैम आजकल व्यस्त चल रही हैं, मैं जल्द ही तुम्हारा पैसा चैनल से लेकर तुमको दे दूंगा. यदि चैनल ने पैसा नहीं दिया तो मैं तुमको पैसा अपनी जेब से दे दूंगा लेकिन आकाश सिंह चंदेल ने पार्थी को न तो आज तक पैसा वापस किया और न ही एैड चलवाया. बात करने पर ठीक से बात नहीं करता है ओर कहता है कि चैनल पैसा वापस नही कर रहा है तो मैं क्या करुं. 

श्रीमान जी मैं कृष्णभान सिह, संवाददाता टीवी24,  बहुत दुखी हो गया हूं. आकाश चंदेल ने जो हरकत मेरे साथ की है, उससे मुझे बहुत पीड़ा हो रही है. इतनी बड़ी रकम फंस जाने पर क्या होता है एक पत्रकार के लिये, मैं बखूबी जानता हूं. ये दर्द मुझसे सहा नहीं जा रहा है. हमरे पास एक सम्मान को छोड़ कर कुछ भी नहीं बचा है. अब वो भी जा रहा है. साथ ही चैनल की छवि पर भी असर पड़ रहा है.  मैं चाहता हूं कि जो पैसा आकाश सिंह चंदेल ने एैड के लिये लिया है. उसे या तो वे वापस कर दें या तीस हजार रुपये का पार्टी का विज्ञापन चैनल पर चलवा दें कि जिससे मेरी और चैनल दोनों की छवि बनी रहे.

पार्थी
कृष्णभान सिंह
प्रतापगढ
यूपी
जिला संवाददाता टीवी 24
09628536386

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