दैनिक जागरण के गाजियाबाद कार्यालय में उठापटक, इंदू शेखावत ने भूपेंद्र तालान के खिलाफ थाने में दी तहरीर

गजियाबाद । अधिकारियों की चाटुकारिता और खबरों के एवज में वसूली जैसे आरोपों के कारण चर्चा में रहने वाले दैनिक जागरण के गाजियाबाद कार्यालय में उठापटक और सिर फुटव्व्ल की नौबत आ गयी है। ताजा मामला नगर निगम के आयुक्त अब्दुल समद के पक्ष में प्लांट करके लगायी जा रही खबरों से जुड़ा है। नगर निगम की बीट जागरण संवाददाता भूपेंद्र तालान देखते हैं। काफी समय से तालान पर यह आरोप लग रहे थे कि वह नगर आयुक्त के पक्ष में जागरण में पाजिटीव खबरें लगाा रहे हैं। इस मामले में जागरण के प्रबंधन को शिकायतें भी मिल रही थीं, लेकिन ब्यूरो चीफ राज कौशिक का सानिध्य होने के कारण तलान पर कभी आंच नहीं आयी।

हाल में राज कौशिक की माता जी का देहांत हो गया था, जिसके कारण इंदु शेखावत को कार्यवाहक की भूमिका मिल गयी थी। सूत्रों का कहना है भूपेंद्र तालान ने नगर आयुक्त अब्दुल समद के पक्ष में एक प्लांटेड खबर इंदु शेखावत को सबमिट की तो उस खबर को शेखावत ने फर्जी खबर बताकर होल्ड कर दिया। अगले दिन तलान की नाईट डयूटी थी। इसी का फायदा उठाकर तलान ने इस खबर को  सीधे नोएडा भेज दिया। नगर निगम की रुटीन खबर अक्सर दिन में ही 6 से सात बजे तक सबमिट हो जाती है, लेकिन यह रुटीन की खबर देर रात छपने के लिए नोएडा क्यों भेजी गयी, इस पर नोएडा यूनिट के सम्पादकीय प्रभारी विष्णु त्रिपाठी की भौं तन गयी। त्रिपाठी ने इंदु को फोन करके पूछताछ की तो इंदु ने बताया की इस खबर को तो उन्होंने होल्ड कर दिया था। तलान की नाईट है, इसलिए इस खबर को जानबूझकर भेजा गया है।

विष्णु त्रिपाठी के पास इस प्रकार की प्लांटेड खबरें छापे जाने की शिकायतें तलान के खिलाफ पहले भी मिल रही थीं। पहले जीडीए की बीट भी तलान के पास थी। वसूली की शिकायत मिलने के बाद जीडीए की बीट से तलान को हटा दिया गया था। इस बार पुख्ता सबूत मिलने के बाद विष्णु त्रिपाठी ने भूपेंद्र तलान को नोएडा बुलाकर सोमवार से नोएडा कार्यालय में तबादला किए जाने का आदेश थमा दिया। तबादले के इस आदेश के बाद भूपेंद्र तलान बौखला गया और सीघे अपने मोबाईल से इंदु शेखावत को जान से मारने और बीवी बच्चों के प्रति अश्लील कमेंट करने लगा।

इस काल के बाद इंदु ने इलाकाई थाना में तलान के खिलाफ तहरीर लिखकर दे दी। इंदु ने अपने साथ किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त की है। सू़त्रों का कहना है नगर निगम आयुक्त की पाजीटिव खबर छापने के पीछे ब्यूरो चीफ के अपने स्वार्थ हैं। राज कौशिक का सगा भाई रवि प्रकाश शर्मा नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में लिपिक है। निगम का यह मलाईदार विभाग माना जाता है। रवि की तैनाती पहले पेंशन में थी, बाद में नगर निगम प्रशासन की चाटुकारिता वाली खबरों के जरिये रवि को यह विभाग दिलवाया गया। यही नहीं, रवि की नियुक्ति पहले नगर निगम में पम्प आपरेटर के रूप में हुयी थी।

कायदे कानूनों को ताक पर रखकर यह प्रमोशन किया गया। अमर उजाला से राज कौशिक इसी प्रकार की शिकायतों के बाद हटाया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि नगर निगम में सुदर्शन एडवरटाइजिंग नामक जो एड एजेंसी काम करती है, इस एजेंसी को राज कौशिक का सगा भतीजा प्रमोद उर्फ गोल्डी चलाता है। कायदे कानूनों को ताक पर रखकर केवल इस एजेंसी के माध्यम से ही सारे विज्ञापन जारी कराए जाते हैं। चर्चा है कि बहुत जल्द दैनिक जागरण गाजियाबाद में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया जा सकता है। राज कौशिक से पहले अशोक ओझा और तोषिक कर्दम की जोड़ी को इन्हीं सब वजहों के चलते हटाया गया था।

गाजियाबाद के एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code