एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के नेतृत्व में मथुरा पुलिस ने दबंग आरोपियों से मिलीभगत कर पीड़ित पत्रकार को ही जेल भेज दिया!

जनप्रतिनिधि ने पुलिस से सांठगांठ कर पत्रकार को फर्जी केस में जेल भिजवाया

उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीधाम गोवर्धन नगर पंचायत के दबंग चेयरमैन पिता-पुत्र की स्थानीय पत्रकार के साथ खुली गुंडई… पत्रकार को खुलेआम जान से मारने/काटने की धमकी का वीडियो हुआ वायरल… आरोपियों पर कोई कार्यवाही करने के बजाए पीड़ित पत्रकार को 3 महीने बाद फर्जी केस में भेजा जेल…

अराजकतत्वों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करते हुए सामूहिक नशेबाजी व गाली गलौज किए जाने का वीडियो पत्रकार ने फेसबुक पर किया था शेयर…

पहले भी इन्हीं नशेड़ियों ने नशेबाजी का विरोध करने व नशेबाजी का वीडियो पुलिस को देने की आशंका में पत्रकार व परिजनों के साथ की थी जमकर मारपीट… फोड़ दिए थे पत्रकार सहित मां, बहन के सिर…

नशेड़ियों के खिलाफ फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करने वाले पत्रकार गोपाल प्रसाद सैनी को गोवर्धन नगर पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष के इकलौते पुत्र व प्रतिनिधि ने दी जान से मारने की खुली चेतावनी…

पीड़ित पत्रकार ने लगाई मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, डीजीपी, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) समेत पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारियों से गुहार…

गुहार लगाने का नतीजा ये हुआ कि एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के नेतृत्व में मथुरा पुलिस ने दबंग किस्म के आरोपी के साथ मिलकर साजिश रचते हुए पीड़ित को ही भेज दिया जेल…

पीड़ित पत्रकार की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में हुआ केस दर्ज.. आईजी आगरा को जारी किया नोटिस…

ज्ञात हो कि पीड़ित पत्रकार गोपाल प्रसाद सैनी मथुरा से प्रकाशित श्रीधाम गोवर्धन के संवाददाता हैं. साथ ही प्रखर क्रांति चक्र (साप्ताहिक) के भी पत्रकार हैं.

मामला उत्तरप्रदेश के मथुरा जनपद के थाना गोवर्धन क्षेत्र अंतर्गत हाथी दरवाजा बडा बाजार स्थित वर्तमान चेयरमैन वाली गली का है जहां पर पिछले काफी समय से अवैध प्रतिबंधित नशा सामग्री की खरीद-फरोख्त, नशाखोरी, जुआ, शराब पीकर उत्पात मचाने, गाली-गलौज व मारपीट की घटनाएं बेरोकटोक बढ़ती ही जा रही थीं। इनको वर्तमान चेयरमैन व उनके इकलौते पुत्र व प्रतिनिधि द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन दिया जा रहा था। इससे अराजकतत्वों के हौंसले बुलंद हो रहे थे।

कई बार की तरह गत 27 दिसम्बर 2019 को भी पीड़ित पत्रकार गोपाल प्रसाद सैनी व उनकी माताजी द्वारा चेयरमैन के वीरान पड़े नौहरे में अनैतिक कार्य होने की शिकायत खुद चेयरमैन के सामने SI सत्यपाल नागर व SI महेश राजपूत से की गई। ये पुलिस वाले उसी गली से सम्बंधित नशेबाजों द्वारा एक डॉक्टर के साथ की गई मारपीट की जांच के लिए आए थे। शिकायत का खामियाजा पुलिस के जाते ही बेचारे पत्रकार व उनके परिजनों को भुगतना पड़ा। आपराधिक प्रवृत्ति के नशेड़ियों राधामोहन व उसके पूरे परिवार के लगभग दर्जनों लोगों ने आकर मारपीट कर पत्रकार व उनके परिजनों का सिर फोड़ दिया।

गोवर्धन नगर पंचायत अध्यक्ष के पुत्र व प्रतिनिधि ने पीड़ित पत्रकार व उनके परिजनों को डरा-धमकाकर कोई भी लीगल कार्यवाही करने से रोक दिया। इसके बाद पुनः एक बार फिर 30 जनवरी 2020 को चेयरमैन के घर में काम करने वाले नौकर पायलट नशा करके पत्रकार के घर की महिलाओं से गाली गलौज करने लगा, दरवाजे को तोड़ने का असफल प्रयास करने लगा। इस पर पीड़ित पत्रकार की बहिन ने पुलिस को सूचना देकर उसके खिलाफ कार्यवाही कराई। इसको लेकर भी आरोपी दबंग द्वारा बार बार राजीनामा के लिए दबाव डाला गया। फोन कर भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने को धमकाया गया।

ताजा मामला गत रविवार 26 अप्रैल 2020 का है जब पत्रकार ने सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर सामूहिक रूप से नशेबाजी कर रहे लोगों के वीडियो को फेसबुक पर लाइव किया। इससे बौखलाए चेयरमैन पुत्र व प्रतिनिधि अपने समर्थकों व नशेड़ियों के साथ पीड़ित पत्रकार के घर पहुंच गए। पहुंचते ही सीधे पत्रकार को धमकाना शुरू कर दिया। नशेड़ियों का वीडियो फेसबुक पर वायरल करने के खिलाफ और चेयरमैन पिता के खिलाफ लिखने को लेकर धमकी देना शुरू कर दिया। आरोपी दबंग व्यक्ति पीड़ित पत्रकार से इतने बौखलाए हुए थे कि उन्होंने नगर के अन्य पत्रकारों को फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की बात भी स्वीकारी, तथा साथ ही पूरी पत्रकार बिरादरी को मारने-पीटने, फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर जेल भेजने की अपनी “पुरानी आदत” का जिक्र कर इसे अपनी “विशेषता” बताया।

आपको बता दें कि दबंग व्यक्ति चेयरमैन प्रतिनिधि के साथ-साथ ही स्थानीय डिग्री कॉलेज का डायरेक्टर भी है और खुद को वकील बताता है।

पत्रकारों द्वारा कार्यवाही की मांग पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा डॉ गौरव ग्रोवर ने SO गोवर्धन को 26 अप्रैल की रात्रि में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने तथा नशेड़ियों को बन्द करने के निर्देश दिए। हुआ उल्टा। 26 तारीख को ही पीड़ित पत्रकार के खिलाफ़ गोवर्धन थाने में “सरकारी कार्य में बाधा डालने” व नगर पंचायत कार्यालय व चेयरमैन के खिलाफ़ भ्रामक खबरें फैलाने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया। दिखावे के तौर पर नशेड़ियों को उठाकर बन्द किया गया और अगले दिन दोपहर को सबको छोड़ दिया।

बाद में पीड़ित द्वारा तहरीर दिए जाने पर दबंग चेयरमैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। इससे कुपित होकर आरोपी दोनों बाप-बेटे अपने समर्थकों के साथ मिलकर षडयंत्र रचने लगे। दिनांक 29 अप्रैल की शाम को अपने भतीजे को पीड़ित पत्रकार के घर भेजकर कहा कि चेयरमैन साहब बुला रहे हैं, राजीनामा की बातचीत करेंगे। पीड़ित पत्रकार का छोटा भाई विश्वास में आ गया। घर में किसी को कुछ बताए बिना ही अकेला चेयरमैन के घर पहुंच गया जो केवल 50 मीटर दूर था। वहां उसके पहुंचते ही पहले से तैयार दोनों आरोपी चेयरमैन पिता-पुत्र के साथ दर्जनों लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हाथ-पैरों को तोड़ने की कोशिश की गई। अंगूठा काटने का प्रयास भी किया गया। उसकी हत्या करने की पूरी कोशिश की गई। जानकारी मिलते ही तुरंत डायल 112 पर इसकी सूचना आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ दर्ज कराई गई। इसके तुरन्त बाद पुलिस के आने पर पीड़ित पत्रकार अपनी मां-बहिन के साथ पुलिस के पीछे पीछे चेयरमैन के घर के बाहर पहुंचे। पुलिस ने आकर छोटे भाई को आरोपियों के चंगुल से बचाया।

SO गोवर्धन ने तहरीर लिए बिना ही मेडिकल के लिए छोटे भाई को अस्पताल भेज दिया। पीड़ित पत्रकार ने एसएसपी मथुरा व आई जी आगरा को इस पूरे प्रकरण से अवगत कराया। छोटे भाई के साथ हुई बर्बरता को देखकर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस पर SO गोवर्धन ने अगले दिन तहरीर लेने व छोटे भाई को मथुरा ले जाने को बोल कर अपनी जिम्मेदारी से छुट्टी पा ली। इसकी सूचना भी एसएसपी मथुरा डा. गौरव ग्रोवर को दी गई जिस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उल्टा पीड़ित को ही समझाकर फोन काट किया गया। एसएसपी मथुरा व आईजी आगरा को अवगत कराने के बाद भी SO गोवर्धन के साथ सांठ-गांठ कर आरोपियों द्वारा पीड़ित पत्रकार व छोटे भाई के खिलाफ़ ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

वहीं पीड़ित की तहरीर पर अब तक क्या कार्यवाही हुई, बताने का कोई भी प्रयास नहीं हुआ। पीड़ित के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज होने से वायरल वीडियो की उस बात की पुष्टि होती है जिसमें आरोपी द्वारा SO गोवर्धन की सांठगांठ व अपने प्रभाव से पत्रकारों के खिलाफ़ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की बात कही गई है। थाना पुलिस ने दबंग आरोपियों पर कोई कार्यवाही करने के बजाए उल्टा पीड़ित पत्रकार को ही फर्जी केसों में जेल भेज दिया जो अब जमानत पर बाहर है।

पीड़ित पत्रकार गोपाल प्रसाद सैनी से संपर्क gopalprasadsaini023@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.


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