जेलों के भीतर किस किस्म का भ्रष्टाचार होता है, जानिए इस पत्र से

Dear Mr. Director general Ajeet Singh ji

Rajasthan prisons

jaipur

Subject : input media reports about various irregularities and corruption at Bikaner central jail

Dear sir

We have strong media inputs and reports with evidences etc concerning with below mentioned points. .. ..

३ मार्च को आप (डीजी जेल) वहां बीकानेर पहुंचे ..जेल देखा भी होगा… वहां की वस्तुस्थिति आप की जानकारी के लिये कुछ इस तरह से है… गौर फरमाया जाये व जांच कराई जावे…

जेल में भ्रष्टाचार :-

लंगर का ठेका किसी बंदी ओम चौटाला को ७००००/- मासिक में अघोषित उगाही. ये चाय सब्जी मसाले इत्यादि अन्य बंदियों को बेचते हैं.

कैंटीन का मासिक उगाही ठेका ७००००/- जहां बाजार मूल्य से ज्यादा दर पर सामान बिकता है. मसलन हर चीज २०-५०% अधिक दर पर जिसे बंदी मजबूरन खरीदता है जैसे दूध ३६/- की जगह ४२/- चीनी ३४/- की जगह ४५/-

हास्पिटल का मासिक उगाही ठेका ५००००/- जहां सरकारी दूध चीनी फल अंडे इत्यादि बंदियों को बेची जाती है, मसलन १००/- में मात्र ३ अंडे. 

इसी तरह एक बंदी अमन जाट को ५००००/- मासिक में एक सेपरेट बैरक दी हुई है, वार्ड नं एक में, जहां कोई जेल अधिकारी नहीं जाता, शायद आज आप भी नहीं गये होंगे.. वीआईपी बैरक है ये.

इसी तरह जेल में चरस गांजा लाने बेचने की भी काफी सुविधा है. कई डीलर हैं जेल में, जिनका माल जेल अफसर लाते हैं व बिकता है. लगभग ५ लाख मासिक का धंधा है.

नशीली दवा.. नींद वाली… इनकी बिक्री का ठेका एक बंदी (कैमिस्ट) का है लगभग ५ लाख मासिक.

बाकी सिपाहियों का २००-५००/- में बंदियों का छुटपुट काम करते रहना.. मदद करना आम बात है.. अमूमन एक सिपाही डेली ५००-१०००/- कमाता ही है.

अब आईये जेल में परची बनवाने के खेल पर…अन्य शहर में चालान पेशी पर जाने का शुल्क..बैरक बदलने का शुल्क इत्यादि भी है.

डीजी महोदय से निवेदन है कि उक्त जांच करें. वर्तमान जेल अफसर कैलाश त्रिवेदी, पूनिया व पारस की जुगलबंदी करीबन ६-७ लाख प्रतिमाह की है.. हमारे विश्ववस्त सूत्र हिसाबनुसार… बिना बंदियों को तंग परेशान किये जांच करें. सत्य सामने आयेगा.

अन्य कई बाते हैं.. क्रिकेट बालीबाल खेलने की परची.. अखबार १२०/- मासिक में खरीदो..

उपरोक्त सभी खबर पुष्टि करने के बाद ही आपको लिखी गई हैं आवश्यक कार्यवाही जांच हेतु.. एक जागरूक पत्रकार मीडियापर्सन होने के नाते जो हम कर सकते हैं खबर लिखना भेजना वो अपना कर्तव्य पूरा किया, बिना किसी राग द्वेष भेदभाव किये.. Now ball is in your court.

Regards
Naveen Kumar
Editor
Indiamirrors news
Delhi

navneetc2010@gmail.com

CC :- home ministry new delhi & central jail Bikaner

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